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बिना जीपीएस शहर से कचरा उठा रहीं सात गाड़ियां, कर्मचारी कर रहे मनमानी
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नगर परिषद परिसर में खड़ी गाड़ियां।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। घर-घर से कचरा उठाने के लिए नगर परिषद ने 13 टाटा ऐस गाड़ियां लगा रखी हैं। लेकिन इन गाड़ियों को लेकर भी घालमेल चल रहा है। नगर परिषद ने सात गाड़ियों का चार माह से जीपीएस रिचार्ज ही नहीं करवाया है। 6 गाड़ियों का रिचार्ज भी तब करवाया गया जब एनजीटी टीम के आने की सूचना नप को मिली थी। सभी 13 गाड़ियों के जीपीएस सिस्टम का रिचार्ज होना था लेकिन नप ने 6 गाड़ियों का ही रिचार्ज करवाकर औपचारिकता पूरी कर ली। बिना जीपीएस दौड़ रहीं गाड़ियों को लेकर कर्मचारी भी मनमानी कर रहे हैं।
बता दें कि शहर से कचरा डोर टू डोर और डंपिंग साइट से कचरा उठाने के लिए सुबह और शाम का अलग-अलग रूट चार्ट है, लेकिन हालात ये हैं कि शाम को अधिकतर गाड़ियां कचरा उठाने के लिए जा ही नहीं रही हैं। शहर से सुबह डोर टू डोर कचरा उठाने के बाद शाम के रूट पर अधिकतर गाड़ियां निकल ही नहीं रही हैं। वहीं नगर परिषद ने घर-घर से कचरा उठान को लेकर टेंडर लगाने के लिए मुख्यालय में प्रस्ताव भेजा था लेकिन अभी तक ये प्रस्ताव लटका हुआ है। पहले भी नप ने इसको लेकर टेंडर लगाया था, लेकिन अंतिम पड़ाव में आकर इसे रद्द कर दिया गया था।
निगरानी के लिए लगाए गए थे जीपीएस
शहर के डोर टू डोर कचरा उठान के लिए नप ने 13 टाटा ऐस गाड़ियां लगा रखी हैं। गाड़ियों पर निगरानी के लिए जीपीएस सिस्टम लगाए गए। लेकिन नप अधिकारी इसको लेकर सिर्फ खानापूर्ति करने में लगे हैं और इसका फायदा गाड़ी पर लगाए गए कर्मचारी उठा रहे हैं। जीपीएस सिस्टम बंद होने से गाड़ियां तय रूट पर नहीं जा रही हैं और दूसरा न ही शाम के समय डोर टू डोर कचरा उठाया जा रहा है।
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नगर परिषद में सफाई को लेकर स्थिति
नप के पास टाटा ऐस गाड़ियां :13
नप में सफाई कर्मचारी : 160
रोजाना शहर से निकल रहा कचरा : 32 टन
नप में शामिल नई कॉलोनियों में सफाई की रणनीति तैयार नहीं
नगर परिषद की सीमा बढऩे के बाद करीब सात कॉलोनियां नई शामिल हुई है। वार्ड की संख्या भी 25 से बढ़कर 27 तक हो गई है। नप में शामिल हुई हंस कॉलोनी, स्वामी नगर, हरनाम सिंह कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, आजाद नगर में सफाई को लेकर अभी तक रणनीति ही तैयार नहीं हुई है। हालात ये है कि सिर्फ कागजों में नाम हुआ है कि नप सीमा बढ़ने से कॉलोनियां इसमें शामिल हुई हैं।
कोट
गाड़ियों का जीपीएस रिचार्ज समय पर करवाया जाता है, थोड़ा बहुत समय कम ज्यादा हो सकता है। जिन गाड़ियों का जीपीएस रिचार्ज नहीं हुआ है उनका अगले सप्ताह में करवा दिया जाएगा। इसके अलावा सफाई को लेकर जितनी जरूरत है उतनी ही गाड़ियों को भेजा जाता है।
-मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक नगर परिषद
कोट
टाटा ऐस गाड़ियों के जीपीएस समय पर रिचार्ज न करवाने का मामला अभी संज्ञान में आया है। सभी गाड़ियों के समय पर रिचार्ज करवाए जाएंगे।
-अजय चोपड़ा, जिला नगर आयुक्त
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बता दें कि शहर से कचरा डोर टू डोर और डंपिंग साइट से कचरा उठाने के लिए सुबह और शाम का अलग-अलग रूट चार्ट है, लेकिन हालात ये हैं कि शाम को अधिकतर गाड़ियां कचरा उठाने के लिए जा ही नहीं रही हैं। शहर से सुबह डोर टू डोर कचरा उठाने के बाद शाम के रूट पर अधिकतर गाड़ियां निकल ही नहीं रही हैं। वहीं नगर परिषद ने घर-घर से कचरा उठान को लेकर टेंडर लगाने के लिए मुख्यालय में प्रस्ताव भेजा था लेकिन अभी तक ये प्रस्ताव लटका हुआ है। पहले भी नप ने इसको लेकर टेंडर लगाया था, लेकिन अंतिम पड़ाव में आकर इसे रद्द कर दिया गया था।
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निगरानी के लिए लगाए गए थे जीपीएस
शहर के डोर टू डोर कचरा उठान के लिए नप ने 13 टाटा ऐस गाड़ियां लगा रखी हैं। गाड़ियों पर निगरानी के लिए जीपीएस सिस्टम लगाए गए। लेकिन नप अधिकारी इसको लेकर सिर्फ खानापूर्ति करने में लगे हैं और इसका फायदा गाड़ी पर लगाए गए कर्मचारी उठा रहे हैं। जीपीएस सिस्टम बंद होने से गाड़ियां तय रूट पर नहीं जा रही हैं और दूसरा न ही शाम के समय डोर टू डोर कचरा उठाया जा रहा है।
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नगर परिषद में सफाई को लेकर स्थिति
नप के पास टाटा ऐस गाड़ियां :13
नप में सफाई कर्मचारी : 160
रोजाना शहर से निकल रहा कचरा : 32 टन
नप में शामिल नई कॉलोनियों में सफाई की रणनीति तैयार नहीं
नगर परिषद की सीमा बढऩे के बाद करीब सात कॉलोनियां नई शामिल हुई है। वार्ड की संख्या भी 25 से बढ़कर 27 तक हो गई है। नप में शामिल हुई हंस कॉलोनी, स्वामी नगर, हरनाम सिंह कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, आजाद नगर में सफाई को लेकर अभी तक रणनीति ही तैयार नहीं हुई है। हालात ये है कि सिर्फ कागजों में नाम हुआ है कि नप सीमा बढ़ने से कॉलोनियां इसमें शामिल हुई हैं।
कोट
गाड़ियों का जीपीएस रिचार्ज समय पर करवाया जाता है, थोड़ा बहुत समय कम ज्यादा हो सकता है। जिन गाड़ियों का जीपीएस रिचार्ज नहीं हुआ है उनका अगले सप्ताह में करवा दिया जाएगा। इसके अलावा सफाई को लेकर जितनी जरूरत है उतनी ही गाड़ियों को भेजा जाता है।
-मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक नगर परिषद
कोट
टाटा ऐस गाड़ियों के जीपीएस समय पर रिचार्ज न करवाने का मामला अभी संज्ञान में आया है। सभी गाड़ियों के समय पर रिचार्ज करवाए जाएंगे।
-अजय चोपड़ा, जिला नगर आयुक्त