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Fatehabad News: हर वर्ष लगाए जा रहे सात लाख पौधे, फिर भी जिले में सिर्फ 14 लाख पेड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jun 2024 11:54 PM IST
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Seven lakh saplings are being planted every year, yet only 14 lakh trees are planted in the district.
फतेहाबाद। राज्य में सबसे कम वनक्षेत्र वाला जिला फतेहाबाद है, इसको लेकर आम जन तो चिंतित हैं, लेकिन वन विभाग गंभीर नहीं है। हर साल लाखों पौधे लगाने का दावा करने वाला वन विभाग वनक्षेत्र में बढ़ोतरी नहीं कर पा रहा है। वन विभाग की ओर से जिले में हर वर्ष सात लाख पौधे लगाए जाते हैं, फिर भी जिले में सिर्फ 14 लाख ही पेड़ हैं। वहीं वन विभाग के पास सिर्फ लगाए गए पेड़ों की ही जानकारी है, जिले में घटते वनक्षेत्र का अधिकारियों के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है।
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फतेहाबाद में वनक्षेत्र सिर्फ 2538 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है, और जिले में 14 लाख पेड़ लगे हुए हैं। इसमें से 8 लाख पेड़ वन विभाग की जमीन पर है जबकि 6 लाख पेड़ खेतों और घरों में लगे हैं। इनमें से ज्यादातर पेड़ किसानों ने व्यापार के लिए लगा रखे हैं, जिसमें नील गिरी और पोपलर के पेड़ शामिल हैं। वनक्षेत्र को बढ़ाने के लिए प्रत्येक वर्ष नर्सरियों में लाखों पौधों को तैयार करके वन विभाग लगवाता है लेकिन उचित देखभाल न होने के चलते वनक्षेत्र में वृद्धि नहीं हो पा रही है। वन विभाग ने जिले में वर्ष 2022-23 में 7.20 लाख पेड़ लगाए थे तो वर्ष 2023-24 में 7.65 लाख पेड़ लगाए थे। ऐसे में वन विभाग ने पिछले में दो सालों में 14 लाख से अधिक पेड़ लगाए गए हैं, जबकि जिले में कुल पेड़ोें की संख्या ही 14 लाख है। इस बार भी सात लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
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वन विभाग के पास सिर्फ लगाए पेड़ों की जानकारी, घटते वन क्षेत्र का नहीं है कोई रिकॉर्ड

जिले में पिछले दो सालों में जिले में पेड़ों की संख्या कम हुई है। लेकिन वन विभाग के अधिकारियों के पास घटते वन क्षेत्र का कोई भी रिकाॅर्ड नहीं है। फतेहाबाद-भूना मार्ग के किनारे सेक्टर तीन के पास वन विभाग ने हजाराें की संख्या पेड़ लगाए थे, लेकिन इन पेड़ों को लगाने के बाद वन विभाग ने इनकी देखभाल केवल कागजों में ही की है। कुछ पेड़ों पर स्थानीय लोगों की कुल्हाड़ियां चल चुकी हैं। काफी पेड़ हर वर्ष गेहूं के भूसे और धान की पराली के साथ जल रहे हैं। इसके अलावा सड़कों को चौड़ा करने के लिए 6126 पेड़ों को काटा गया है। वहीं, पिछले साल जिले में 80,843 पेड़ बाढ़ में बह गए थे, तो अंधड़ के कारण भी जिले में 562 पेड़ टूटे हैं। इसके अलावा पानी की कमी के कारण हजारों पेड़ सूख रहे हैं। हजारों पेड़ समय पर देखभाल नहीं होने के कारण दीमक की भेंट चढ़ चुके हैं। इन पेड़ों में से 40 प्रतिशत पानी की कमी और आवारा पशुओं ने तोड़ दिए गए हैं।
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कोट


जिले में वन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए इस बार मानसून में सात लाख पौधे लगाए जाएंगे। पौधरोपण के बाद वन विभाग की ओर से पौधों को दो बार पानी दिया जाता है। इसके बाद टैंकरों के माध्यम से पौधों को साल दर साल पानी दिया जाता है। वनक्षेत्र को बढ़ाया जाएगा।
-राजेश कुमार, जिला वन अधिकारी, फतेहाबाद
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