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Fatehabad News: अशोक तंवर को भाजपा संगठन तो कुमारी सैलजा को पुरानी पैठ का सहारा
Sun, 28 Apr 2024 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 28 Apr 2024 01:34 AM IST
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कपिल शर्मा
फतेहाबाद। सिरसा लोकसभा क्षेत्र के चुनावी रण में उतर चुके चारों प्रमुख पार्टियों भाजपा, कांग्रेस, इनेलो व जजपा के प्रत्याशियों की राह चुनौतियों से भरा हुआ है। भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर जहां किसान संगठनों का विरोध झेल रहे हैं, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा को जिलास्तर पर पार्टी के संगठनात्मक संरचना की कमी का सामना करना पड़ रहा है। दस साल से अधिक समय से सिरसा को कांग्रेस की ओर से कोई जिलाध्यक्ष नहीं मिल सका है।
इस दौरान अशोक तंवर और कुमारी सैलजा दोनों ही कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रहे हैं। मगर पार्टी की अंदरूनी फूट की वजह से दोनों के समय में संगठन नहीं बन सका। इसके अलावा जजपा व इनेलो उम्मीदवारों के पास सिर्फ चौटाला परिवार का नाम हैं।
भाजपा-कांग्रेस में कड़ी टक्कर
मौजूदा राजनीतिक हालात में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच ही कड़ी टक्कर नजर आ रही है। भाजपा प्रत्याशी के पास पार्टी का बूथ स्तर तक के मजबूत संगठन हैं जबकि कुमारी सैलजा अपनी पुरानी पैठ के सहारे नैया पार लगाने की कोशिश में हैं। कुमारी सैलजा के पिता स्व. दलबीर सिंह ने सिरसा संसदीय क्षेत्र से 1967 से चुनाव लड़ना शुरू किया था। वह अपने निधन के समय 1987 तक क्षेत्र में सक्रिय रहे। इसके बाद 11 साल तक कुमारी सैलजा ने भी कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया। ऐसे में उनका पुराना वोट बैंक है, जिसे सक्रिय करने के लिए उनकी टीम जुट गई है। हालांकि, अभी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गुट सक्रिय नहीं हुआ है, उन्हें हुड्डा के आदेशों का इंतजार है।
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चौटाला परिवार के दो फाड़ होने से बंटेगा वोट बैंक
पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का परिवार दो फाड़ हो चुका है। बड़े बेटे अजय चौटाला की जजपा और छोटे बेटे अभय सिंह चौटाला की इनेलो में परिवार का वोट बैंक बंटा हुआ है। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि सिरसा लोकसभा की नौ विधानसभाओं में से दो में जजपा के विधायक हैं, लेकिन दोनों ही पार्टी से अलग होने का मूड बना चुके हैं। इसी तरह इनेलो से सिर्फ अभय चौटाला ही ऐलनाबाद से विधायक हैं। ऐसे में इनेलो और जजपा को मतदाताओं का साथ पाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।
भाजपा के बड़े नेता आने शुरू, सैलजा आज से संभालेंगी मैदान
भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर एक बार सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों के गांवों का दौरा कर चुके हैं। अब उनके लिए राष्ट्रीय नेताओं का आगमन शुरू हो गया है। शनिवार को ही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह फतेहाबाद पहुंचे। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा रविवार से मैदान में आएंगी। रविवार को वह सिरसा जिले में डबवाली, रानियां, ऐलनाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगी। इनेलो उम्मीदवार संदीप लोट नरवाना में कार्यालय खोलकर जनसंपर्क अभियान शुरू कर चुके हैं। जजपा प्रत्याशी रमेश खटक भी कार्यकर्ताओं की बैठक लेने के बाद प्रचार अभियान में लग गए हैं।
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फतेहाबाद। सिरसा लोकसभा क्षेत्र के चुनावी रण में उतर चुके चारों प्रमुख पार्टियों भाजपा, कांग्रेस, इनेलो व जजपा के प्रत्याशियों की राह चुनौतियों से भरा हुआ है। भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर जहां किसान संगठनों का विरोध झेल रहे हैं, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा को जिलास्तर पर पार्टी के संगठनात्मक संरचना की कमी का सामना करना पड़ रहा है। दस साल से अधिक समय से सिरसा को कांग्रेस की ओर से कोई जिलाध्यक्ष नहीं मिल सका है।
इस दौरान अशोक तंवर और कुमारी सैलजा दोनों ही कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रहे हैं। मगर पार्टी की अंदरूनी फूट की वजह से दोनों के समय में संगठन नहीं बन सका। इसके अलावा जजपा व इनेलो उम्मीदवारों के पास सिर्फ चौटाला परिवार का नाम हैं।
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भाजपा-कांग्रेस में कड़ी टक्कर
मौजूदा राजनीतिक हालात में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच ही कड़ी टक्कर नजर आ रही है। भाजपा प्रत्याशी के पास पार्टी का बूथ स्तर तक के मजबूत संगठन हैं जबकि कुमारी सैलजा अपनी पुरानी पैठ के सहारे नैया पार लगाने की कोशिश में हैं। कुमारी सैलजा के पिता स्व. दलबीर सिंह ने सिरसा संसदीय क्षेत्र से 1967 से चुनाव लड़ना शुरू किया था। वह अपने निधन के समय 1987 तक क्षेत्र में सक्रिय रहे। इसके बाद 11 साल तक कुमारी सैलजा ने भी कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया। ऐसे में उनका पुराना वोट बैंक है, जिसे सक्रिय करने के लिए उनकी टीम जुट गई है। हालांकि, अभी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गुट सक्रिय नहीं हुआ है, उन्हें हुड्डा के आदेशों का इंतजार है।
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चौटाला परिवार के दो फाड़ होने से बंटेगा वोट बैंक
पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का परिवार दो फाड़ हो चुका है। बड़े बेटे अजय चौटाला की जजपा और छोटे बेटे अभय सिंह चौटाला की इनेलो में परिवार का वोट बैंक बंटा हुआ है। मौजूदा समय में स्थिति यह है कि सिरसा लोकसभा की नौ विधानसभाओं में से दो में जजपा के विधायक हैं, लेकिन दोनों ही पार्टी से अलग होने का मूड बना चुके हैं। इसी तरह इनेलो से सिर्फ अभय चौटाला ही ऐलनाबाद से विधायक हैं। ऐसे में इनेलो और जजपा को मतदाताओं का साथ पाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है।
भाजपा के बड़े नेता आने शुरू, सैलजा आज से संभालेंगी मैदान
भाजपा प्रत्याशी अशोक तंवर एक बार सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों के गांवों का दौरा कर चुके हैं। अब उनके लिए राष्ट्रीय नेताओं का आगमन शुरू हो गया है। शनिवार को ही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह फतेहाबाद पहुंचे। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा रविवार से मैदान में आएंगी। रविवार को वह सिरसा जिले में डबवाली, रानियां, ऐलनाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगी। इनेलो उम्मीदवार संदीप लोट नरवाना में कार्यालय खोलकर जनसंपर्क अभियान शुरू कर चुके हैं। जजपा प्रत्याशी रमेश खटक भी कार्यकर्ताओं की बैठक लेने के बाद प्रचार अभियान में लग गए हैं।