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Fatehabad News: तपती राहें, बेबस मुसाफिर... पुराने बस स्टैंड पर छांव को तरसती जिंदगी, बस क्यू शेल्टर नहीं होने पर पेड़ की छांव में इंतजार करते हैं यात्री
Wed, 27 May 2026 10:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 27 May 2026 10:26 PM IST
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पुराने बस स्टैंड के पास पेड़ के नीचे बस का इंतजार करते यात्री।
फतेहाबाद। शहर के पुराने बस स्टैंड पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी और लू के बीच यहां बसों का इंतजार करने वाले लोगों के लिए पर्याप्त बस क्यू शेल्टर तक उपलब्ध नहीं हैं। पूरे क्षेत्र में केवल एक क्यू शेल्टर होने के कारण यात्री खुले आसमान के नीचे खड़े रहने को मजबूर हैं।
यात्री सुभाष, सतबीर, सुनीता और दर्शना ने बताया कि नगर परिषद को यात्रियों के लिए छाया और बैठने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। दोपहर के समय तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचने पर हालात और मुश्किल हो जाते हैं। घंटों धूप में खड़ी बसें भी पूरी तरह गर्म हो जाती हैं जिससे सफर करना कठिन हो जाता है।
करीब चार वर्ष पहले नया बस स्टैंड बनने के बावजूद शहर से छह किलोमीटर दूर होने के कारण अधिकांश यात्री अब भी पुराने बस स्टैंड से ही सफर करते हैं। यहां से हसंगा, हरीपुरा, खानमोहम्मद, दादूपुर, भरपुर, भुंदड़वास, ढाणी छतरियां और अकांवाली समेत कई गांवों के लिए बसें संचालित होती हैं।
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यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड के सामने केवल कुछ पेड़ ही छांव का सहारा हैं। भीड़ बढ़ने पर लोगों को तेज धूप में खड़ा रहना पड़ता है जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।
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पुराने स्टैंड के पास अगर यात्रियों की संख्या के अनुसार अगर बस क्यू शेल्टर की कमी है तो इसे जल्द नया लगाने की कोशिश की जाएगी। - नरेंद्र पंवार, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद।
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यात्री सुभाष, सतबीर, सुनीता और दर्शना ने बताया कि नगर परिषद को यात्रियों के लिए छाया और बैठने की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। दोपहर के समय तापमान 43 डिग्री के पार पहुंचने पर हालात और मुश्किल हो जाते हैं। घंटों धूप में खड़ी बसें भी पूरी तरह गर्म हो जाती हैं जिससे सफर करना कठिन हो जाता है।
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करीब चार वर्ष पहले नया बस स्टैंड बनने के बावजूद शहर से छह किलोमीटर दूर होने के कारण अधिकांश यात्री अब भी पुराने बस स्टैंड से ही सफर करते हैं। यहां से हसंगा, हरीपुरा, खानमोहम्मद, दादूपुर, भरपुर, भुंदड़वास, ढाणी छतरियां और अकांवाली समेत कई गांवों के लिए बसें संचालित होती हैं।
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यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड के सामने केवल कुछ पेड़ ही छांव का सहारा हैं। भीड़ बढ़ने पर लोगों को तेज धूप में खड़ा रहना पड़ता है जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।
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पुराने स्टैंड के पास अगर यात्रियों की संख्या के अनुसार अगर बस क्यू शेल्टर की कमी है तो इसे जल्द नया लगाने की कोशिश की जाएगी। - नरेंद्र पंवार, एमई, नगर परिषद, फतेहाबाद।