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Fatehabad News: आरटीए ने जांचीं 66 बसें, सात बसों में मिलीं खामियां
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फतेहाबाद में आरटीए कार्यालय के अधिकारी स्कूल बसों की जांच के दौरान मौजूद
फतेहाबाद। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) ने लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी स्कूलों में जाकर जांच अभियान चलाया। आरटीए ने सख्ती दिखाते हुए कुल 66 स्कूल बसों की जांच की। इस दौरान सात बसों में खामियां पाई गईं। इन पर आरटीए ने कुल 81,500 रुपये का जुर्माना लगाया है।
टीम को इस दौरान बसों में प्राथमिक चिकित्सा किट, प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र और बीमा संबंधित कमियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान हर स्कूल बस की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। गौरतलब है कि पहले बसों की पासिंग के दौरान जांच होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब आरटीए की टीमें स्कूलों में जाकर बसों की जांच करेगी। जिले में इसकी शुरूआत कर दी गई है। इसके लिए अलग-अलग टीम बनाई गई हैं। इस संबंध में प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण की ओर से स्कूल प्रबंधकों को तुरंत प्रभाव से खामियां को दूर करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के चलते कई वाहन चालक अपने वाहनों के जो कमियां थीं, उनको दूर कराते दिखाई दिए।
ये नियम नहीं मिले पूरे :
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण ने निजी स्कूल बसों की जांच शुरू की है। इसके तहत स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस सिस्टम, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बाक्स, ब्लू लाइन, बस के आगे पीछे स्कूल का नाम, आपातकालीन खिड़की, आगे पीछे रिफलेक्टर, बस की फिटनेस, चालक व परिचालक के पास लाइसेंस की जांच हुई। इसमें कई स्कूलों बसों में कई खामियां मिली। प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण ने जिन बसों में खामियां मिली हैं, उन्हें एक सप्ताह के अंदर खामियों को दूर करवा कर विभाग को रिपोर्ट करनी होगी।
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स्कूल बसों की जांच शुरू कर दी है। प्राधिकरण की टीम स्कूलों में जाकर स्कूल बसों की जांच कर रही है। जांच के दौरान अगर कोई कमी मिलती है। उसे तुरंत दूर करवाने के आदेश दिए गए हैं।
- संजय बिश्नोई, सचिव, आरटीए, फतेहाबाद
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टीम को इस दौरान बसों में प्राथमिक चिकित्सा किट, प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र और बीमा संबंधित कमियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान हर स्कूल बस की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। गौरतलब है कि पहले बसों की पासिंग के दौरान जांच होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब आरटीए की टीमें स्कूलों में जाकर बसों की जांच करेगी। जिले में इसकी शुरूआत कर दी गई है। इसके लिए अलग-अलग टीम बनाई गई हैं। इस संबंध में प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण की ओर से स्कूल प्रबंधकों को तुरंत प्रभाव से खामियां को दूर करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के चलते कई वाहन चालक अपने वाहनों के जो कमियां थीं, उनको दूर कराते दिखाई दिए।
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ये नियम नहीं मिले पूरे :
प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण ने निजी स्कूल बसों की जांच शुरू की है। इसके तहत स्कूल बसों में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस सिस्टम, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बाक्स, ब्लू लाइन, बस के आगे पीछे स्कूल का नाम, आपातकालीन खिड़की, आगे पीछे रिफलेक्टर, बस की फिटनेस, चालक व परिचालक के पास लाइसेंस की जांच हुई। इसमें कई स्कूलों बसों में कई खामियां मिली। प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण ने जिन बसों में खामियां मिली हैं, उन्हें एक सप्ताह के अंदर खामियों को दूर करवा कर विभाग को रिपोर्ट करनी होगी।
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स्कूल बसों की जांच शुरू कर दी है। प्राधिकरण की टीम स्कूलों में जाकर स्कूल बसों की जांच कर रही है। जांच के दौरान अगर कोई कमी मिलती है। उसे तुरंत दूर करवाने के आदेश दिए गए हैं।
- संजय बिश्नोई, सचिव, आरटीए, फतेहाबाद