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Fatehabad News: राशन डिपो पर खुली सड़े गेहूं की बोरियां तो उधड़ीं व्यवस्था की परतें

Fri, 18 Sep 2026 10:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Fri, 18 Sep 2026 10:32 PM IST
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Rotted wheat sacks opened at the ration depot exposed the flaws in the system
गांव नुरकीअहली के राशन डिपू पर पहुंचा खराब गेहूं। स्रोत पाठक
फतेहाबाद। जिले के पांच राशन डिपो पर सड़ा और काला पड़ चुका गेहूं पहुंचने से लाभार्थी परिवारों को राशन नहीं मिल सका। करीब 250 बैगों में खराब गेहूं मिला बताया जा रहा है। डिपो संचालकों ने खाद्य एवं आपूर्ति निगम से खराब गेहूं वापस लेकर अच्छी गुणवत्ता का राशन भेजे जाने की मांग की है।
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करीब 10 दिन पहले भारतीय खाद्य निगम की ओर से से डिपो पर गेहूं भेजा गया था। गांव मताना, प्रोफेसर कॉलोनी, नूरकी अहली, भोडियाखेड़ा और भूथन कलां के डिपो पर पहुंचा गेहूं पूरी तरह सड़ा मिला। गेहूं काला पड़ चुका है और बैगों से बदबू आ रही है। खराब गेहूं पहुंचने पर डिपो संचालकों के सामने वितरण की समस्या खड़ी हो गई है।
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डिपो पर इस तरह के गेहूं का पहुंचना गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार हैफेड खरीद एजेंसी ने गांव दरियापुर स्थित एक राइस मिल में गेहूं खुले आसमान के नीचे रखा था। उचित भंडारण व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दौरान गेहूं के बैग भीग गए। जिससे वह खराब हो गया।
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जिले में करीब 6.22 लाख उपभोक्ताओं को मिलता है राशन
खाद्य एवं आपूर्ति निगम की ओर से जिले में 369 राशन डिपो अलॉट किए गए हैं। इसके साथ ही जिले में वर्तमान में कुल 1,67,479 राशन कार्ड हैं और इनके तहत 6,26,285 लाभार्थी राशन योजना का लाभ ले रहे हैं। इनमें 10,670 अंत्योदय (गुलाबी) राशन कार्ड शामिल हैं जिनसे 29,448 सदस्य जुड़े हुए हैं। इसी प्रकार जिले में 1,56,809 बीपीएल राशन कार्ड हैं जिनके तहत 5,96,837 सदस्य खाद्यान्न प्राप्त कर रहे हैं।
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हैफेड के जिला प्रबंधक ने मानी गलती
हैफेड के जिला प्रबंधक मांगेराम ने गेहूं खराब होने की बात मानी है। उनका कहना है कि भंडारण के दौरान नीचे रखे कुछ बैग बारिश में भीग गए थे जिस कारण उनमें रखा गेहूं खराब हुआ। हालांकि, खराब गेहूं राशन डिपो तक पहुंचने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच भारतीय खाद्य निगम के स्तर पर की गई थी। ऐसे में जब गेहूं की गुणवत्ता खराब थी तो राशन डिपो पर खराब राशन पहुंचने पर रोक क्यों नहीं लगाई गई यह जांच का विषय है।
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एफसीआई अधिकारी बोले- जांच के बाद भेजा गया था गेहूं
वहीं, एफसीआई के गुणवत्ता नियंत्रक अधिकारी राजेश मीणा ने बताया कि गेहूं को एक-एक बैग की जांच करने के बाद ही डिपो में भेजा गया है। राशन डिपो पर भेजे गए गेहूं की गुणवत्ता के बाद सही का प्रमाण पत्र भी दिया गया है। उनके अनुसार डिपो तक गेहूं सही स्थिति में पहुंचा था और बाद में गेहूं खराब हुआ है।

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गेहूं का बदलने का मिला आश्वासन
राशन डिपो यूनियन के जिला प्रधान ओमप्रकाश का कहना है कि पीछे से ही डिपो में सड़ा गेहूं आया है। उपभोक्ताओं को खराब और बदबूदार गेहूं का वितरण नहीं किया जा सकता। इस गेहूं से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो सकती है। ओमप्रकाश ने निगम से खराब गेहूं वापस मंगवाकर उसकी जगह अच्छी गुणवत्ता का गेहूं उपलब्ध करवाने की मांग की है। ओमप्रकाश के अनुसार उन्हें खाद्य एवं आपूर्ति निगम की ओर से खराब गेहूं बदलने का आश्वासन मिला है।

गांव नुरकीअहली के राशन डिपू पर पहुंचा खराब गेहूं। स्रोत पाठक

गांव नुरकीअहली के राशन डिपू पर पहुंचा खराब गेहूं। स्रोत पाठक

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