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Fatehabad News: चेयरमैन की आपत्ति से 2.68 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाएं अटकीं

Sun, 26 Jul 2026 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 26 Jul 2026 10:39 PM IST
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Road projects worth 2.68 crore stalled due to Chairman's objection
फतेहाबाद में लालबत्ती चौक से महाराजा अग्रसैन चौक तक बना रोड संवाद - फोटो : कांग्रेस जिला कार्यालय मिलन वाटिका में संगठनात्मक बैठक को संबोधित करते राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम साथ में जिला एवं महानगर अध्यक्ष। स्रोत स्वयं
फतेहाबाद। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत शहर में प्रस्तावित दो सड़क परियोजनाएं स्मार्ट मार्ग और आरओडब्ल्यू योजना विवादों में घिर गई हैं। दोनों परियोजनाओं के लिए तैयार 2.68 करोड़ रुपये के अनुमान पर नगर परिषद अध्यक्ष राजेंद्र सिंह खिंची ने आपत्ति जताई है जिसके चलते प्रस्ताव फिलहाल लंबित हो गया है।
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नगर परिषद ने स्मार्ट मार्ग के लिए लालबत्ती चौक से महाराजा अग्रसेन चौक तक के हिस्से का चयन किया है। यह मार्ग शहर के प्रमुख बाजारों और क्षेत्रों को जोड़ता है। योजना के तहत मौजूदा आरसीसी रोड को हटाकर नया मार्ग बनाया जाना है। साथ ही सड़क चौड़ीकरण, बिजली की तारों को भूमिगत करने और आधुनिक लाइटें लगाने का प्रावधान किया गया है।
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दूसरी परियोजना आरओडब्ल्यू यानी राइट ऑफ वे के तहत पुराना कोर्ट परिसर रोड को विकसित करने की है। इसमें फुटपाथ निर्माण, बिजली की तार भूमिगत करना और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाना शामिल है। इन परियोजनाओं के अनुमान पर सिटी वेलफेयर क्लब भी पहले ही आपत्ति जता चुका है और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी गई है।
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नगर परिषद तकनीकी शाखा के अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में इन दोनों योजनाओं की घोषणा की थी। इसके बाद ही शहर में विकास कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। संवाद
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संस्थाओं ने उठाए सवाल
इन परियोजनाओं के अनुमान पर केवल अध्यक्ष ही नहीं बल्कि संस्था ने भी सवाल उठाए हैं। सिटी वेलफेयर क्लब के अध्यक्ष विनोद अरोड़ा का कहना है कि 150 मीटर के डिवाइडर पर 1.30 करोड़ रुपये की भारी राशि कैसे खर्च की जा सकती है। संस्थाओं का तर्क है कि इतनी कम लंबाई के डिवाइडर के लिए यह लागत अत्यधिक प्रतीत होती है। इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले पार्षद भी संदेह के घेरे में हैं। सीएम को मामले की जांच करवानी चाहिए।
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दो मार्गों के एस्टीमेट बनाए गए हैं। इन पर बहुत ज्यादा राशि खर्च की जा रही है। नगर परिषद के सामने के मार्ग को उखाड़कर दोबारा बनाया जाना है जबकि जरूरत नहीं है। नगर परिषद अधिकारियों को एक बार फिर से एस्टीमेट विचार करना चाहिए।

-राजेंद्र सिंह खिंची, चेयरमैन, नगर परिषद
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सीएम ने बजट में घोषणा की थी इसी के तहत एक मार्ग को स्मार्ट और एक को आरओडब्ल्यू बनाया जाना है। एस्टीमेट नियम अनुसार बनाया गया है और मंजूरी के लिए चेयरमैन को भेजा गया है। मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
-सुमित चोपड़ा, एमई, नगर परिषद
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