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Fatehabad News: बेसहारा पशु पकड़ रही रेवाड़ी की टीम पर हमला, दो कर्मचारी घायल
Tue, 05 Aug 2025 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 05 Aug 2025 11:20 PM IST
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फतेहाबाद में हमले में घायल बेसहारा पशु पकड़ने वाली एजेंसी कर्मचारीस्त्रोत : अमित
फतेहाबाद। पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए रेवाड़ी से आई टीम पर 10 से 15 युवकों ने हमला कर दिया। हमले में एजेंसी के एक कर्मी को गंभीर जबकि दूसरे को हल्की चोटें आई हैं। घटना सोमवार देर रात साढ़े 11 बजे की बताई जा रही है।
घायलों ने इस बारे में शहर पुलिस को शिकायत दी है। घायलों का कहना है कि जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाएंगे तब तक वे शहर में बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम नही करेंगे। हमले में घायल अमित ने बताया कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए रॉयल इंटरप्राइजिज रेवाड़ी के नाम से एजेंसी है। पिछले चार से पांच दिनों से शहर में पशु पकड़ रहे हैं।
सोमवार देर रात को एजेंसी कर्मी शहर में बेसहारा पशु पकड़ रहे थे। इस दौरान साथी महेश और सोनू भी साथ में थे। जब वे पुराना बस स्टैंड पर अनाजमंडी के सामने दुकान से सामान लेने के लिए जा रहे थे तो चार से पांच युवकों ने उन पर हमला कर दिया और कहा कि वे यहां पर काम नहीं करने देंगे। इसके बाद करीब 10 युवक और आ गए और उन्होंने मारपीट शुरू कर दी।
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आरोप है कि युवकों ने उनको धमकी भी दी। हमले के घायल हुए एजेंसी कर्मी नागरिक अस्पताल में दाखिल हुए। अमित ने बताया कि वे शहर में पिछले दो साल से पशु पकड़ रहे हैं। इस तरह हमला पहली बार हुआ है। कर्मियों ने नगर परिषद प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक हमलावर पकड़े नहीं जाएंगे तब तक वे बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम नहीं करेंगे।
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प्रति पशु 1012 रुपये में दिया है पकड़ने का ठेका
नगर परिषद ने पिछले साल रेवाड़ी की एजेंसी को बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए ठेका दिया था। इस साल ठेका खत्म होने बाद 10 फीसदी बढ़ाकर इसी एजेंसी को फिर से ठेका दे दिया गया। एजेंसी को प्रति पशु 1012 में ठेका दिया गया है। एजेंसी कर्मचारी पिछले चार से पांच दिनों से शहर में बेसहारा पशुओं को पकड़ रही है।
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घायलों ने इस बारे में शहर पुलिस को शिकायत दी है। घायलों का कहना है कि जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाएंगे तब तक वे शहर में बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम नही करेंगे। हमले में घायल अमित ने बताया कि बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए रॉयल इंटरप्राइजिज रेवाड़ी के नाम से एजेंसी है। पिछले चार से पांच दिनों से शहर में पशु पकड़ रहे हैं।
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सोमवार देर रात को एजेंसी कर्मी शहर में बेसहारा पशु पकड़ रहे थे। इस दौरान साथी महेश और सोनू भी साथ में थे। जब वे पुराना बस स्टैंड पर अनाजमंडी के सामने दुकान से सामान लेने के लिए जा रहे थे तो चार से पांच युवकों ने उन पर हमला कर दिया और कहा कि वे यहां पर काम नहीं करने देंगे। इसके बाद करीब 10 युवक और आ गए और उन्होंने मारपीट शुरू कर दी।
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आरोप है कि युवकों ने उनको धमकी भी दी। हमले के घायल हुए एजेंसी कर्मी नागरिक अस्पताल में दाखिल हुए। अमित ने बताया कि वे शहर में पिछले दो साल से पशु पकड़ रहे हैं। इस तरह हमला पहली बार हुआ है। कर्मियों ने नगर परिषद प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक हमलावर पकड़े नहीं जाएंगे तब तक वे बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम नहीं करेंगे।
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प्रति पशु 1012 रुपये में दिया है पकड़ने का ठेका
नगर परिषद ने पिछले साल रेवाड़ी की एजेंसी को बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए ठेका दिया था। इस साल ठेका खत्म होने बाद 10 फीसदी बढ़ाकर इसी एजेंसी को फिर से ठेका दे दिया गया। एजेंसी को प्रति पशु 1012 में ठेका दिया गया है। एजेंसी कर्मचारी पिछले चार से पांच दिनों से शहर में बेसहारा पशुओं को पकड़ रही है।