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कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के संसाधन अधूरे
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कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने के लिए सरकारी अस्पतालों में चिकित्सक नहीं है और संसाधन भी पूरे नहीं है। स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सबसे ज्यादा कमी है। सिविल सर्जन कार्यालय ने कोविड की तैयारियों को लेकर जिला नागरिक अस्पताल, उप नागरिक अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से डॉक्टरों, मैनपॉवर और मेडिकल यंत्रों की रिपोर्ट मांगी थी। अस्पतालों ने सिविल सर्जन कार्यालय को रिपोर्ट दे दी है। इसमें चिकित्सकों और मेडिकल यंत्रों की सबसे ज्यादा कमी सामने आई है।
जिले के सरकारी अस्पतालों में बनाए जाने वाले कोविड वार्डों में फिजिशियन और शिशु रोग विशेषज्ञ ही नहीं है। जिले को पांच फिजिशियन चाहिए लेकिन मात्र एक है। ये ही हालात शिशु रोग विशेषज्ञ पद के हैं। यहां पर मात्र एक ही स्पेशलिस्ट है। कोविड वार्ड के लिए 23 मेडिकल अफसर स्वास्थ्य विभाग ने कागजों में दिखाए और पांच की जरूरत और बताई है। कोविड को लेकर पहले 25 फीसदी बेड रिजर्व किए गए थे लेकिन अब तीसरी लहर में 75 फीसदी बेड रिजर्व करने की तैयारी है। बच्चों के निजी अस्पतालों के भी 75 फीसदी बेड रिजर्व होंगे।
जानिए किन संस्थानों और मैनपॉवर की है जरूरत
मेनपॉवर मौजूद जरूरत
फिजिशियन 1 4
शिशु रोग विशेष 1 4
एनिथीसिया 5 0
मेडिकल ऑफिसर 23 5
नर्सिंग स्टाफ 55 0
फार्मासिस्ट 11 0
सुरक्षाकर्मी 25 6
मेडिकल यंत्र
यंत्र मौजूद जरूरत
वेंटिलेटर 23 3
बच्चों के लिए वेंटिलेटर 2 3
मल्टीपैरामीटर 30 10
डी फीफरीलेटर 4 2
ये बेड होंगे कोविड के लिए रिजर्व
अस्पताल कोविड बेड
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 70
उप नागरिक अस्पताल टोहाना 35
उप नागरिक अस्पताल रतिया 35
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भट्टू 20
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना 20
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ोपल 20
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाखल 20
निजी बच्चों के अस्पताल में भी होंगे बेड रिजर्व
कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक बताई जा रही है। सरकारी अस्पतालों की बात करें तो जिला मुख्यालय में ही एकमात्र शिशु रोग विशेषज्ञ है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी निजी बच्चों के अस्पतालों से डाटा लिया है। तीसरी लहर को लेकर यहां भी 70 फीसदी बेड रिजर्व किए जाएंगे। कोविड को लेकर इन चिकित्सकों को ट्रेनिंग भी स्वास्थ्य विभाग देगा।
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देहरादून से आज डिलिवर होगा ऑक्सीजन प्लांट
जिला नागरिक अस्पताल में 500 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लग रहा है, लेकिन अभी तक मात्र ढांचा ही तैयार हुआ है। प्लांट शुरू होने में देरी का कारण मशीनरी न आना है। सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण का कहना है कि बुधवार को देहरादून से मशीनरी डिलिवर होगी। एक या दो दिन में मशीनरी यहां पहुंच जाएगी।
43 फीसदी लोगों को लगी कोरोना वैक्सीन
जिला में लगभग सवा 6 लाख लोगों को कोविड रोधी वैक्सीन लगाई जानी है। अब तक 2 लाख 60 हजार लोगों को कोविड रोधी वैक्सीन दी जा चुकी है। जिले में 43 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। उपायुक्त महावीर कौशिक का कहना है कि वैज्ञानिकों के अनुसार 70 प्रतिशत वैक्सीनेशन होने के बाद हार्ड इम्यूनिटी विकसित हो जाती है और संक्रमण का फैलाव कम हो जाता है।
बच्चों के लिए बनेगा 30 बेड का आईसीयू
उपायुक्त महावीर कौशिक का कहना है कि जिले के कोरोना वार्ड में 382 बेड हैं जिनमें से 195 सरकारी व 187 प्राइवेट है। 63 नॉन ऑक्सीजन, 197 ऑक्सीजन, 86 आईसीयू और 36 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। 30 बेड का बच्चों के लिए एक स्पेशल आईसीयू सेंटर नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में बनाया जा रहा है। जिला में कोविड की दूसरी लहर के दौरान इसकी चपेट में आने से मृत्यु ज्यादा हुई। अप्रैल और मई 2021 में ज्यादा मृत्यु दर्ज की गई थी। जिला में कोविड से 471 मौते हुई, उनमें से 263 पुरुष व 208 महिला हैं। जिले का रिकवरी रेट भी 97.08 प्रतिशत है। अभी तक जिले में 57 ब्लैक फंगस के मरीज मिले हैं, उनमें से 29 ठीक हो चुके हैं और दस मरीज उपचार करवा रहे हैं। ब्लैक फंगस से 18 मृत्यु भी दर्ज की गई है।
भट्टू और भूना में ऑक्सीजन प्लांट फाइलों में अटकी
भट्टू और भूना में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना अभी फाइलों में अटकी है। इसे अभी प्राथमिकता में नहीं लिया गया है। पहले फतेहाबाद, रतिया और टोहाना में प्लांट लगेगा, इसके इन अस्पतालों में प्लांट लगाने की योजना तैयार की जाएगी।
कोट
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर फतेहाबाद के स्वास्थ्य विभाग ने डाटा तैयार कर लिया है कि उन्हें कितने डॉक्टरों और संसाधनों की जरूरत है। डिमांड स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय को भेज दी गई है।
- महावीर कौशिक, उपायुक्त फतेहाबाद।
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जिले के सरकारी अस्पतालों में बनाए जाने वाले कोविड वार्डों में फिजिशियन और शिशु रोग विशेषज्ञ ही नहीं है। जिले को पांच फिजिशियन चाहिए लेकिन मात्र एक है। ये ही हालात शिशु रोग विशेषज्ञ पद के हैं। यहां पर मात्र एक ही स्पेशलिस्ट है। कोविड वार्ड के लिए 23 मेडिकल अफसर स्वास्थ्य विभाग ने कागजों में दिखाए और पांच की जरूरत और बताई है। कोविड को लेकर पहले 25 फीसदी बेड रिजर्व किए गए थे लेकिन अब तीसरी लहर में 75 फीसदी बेड रिजर्व करने की तैयारी है। बच्चों के निजी अस्पतालों के भी 75 फीसदी बेड रिजर्व होंगे।
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जानिए किन संस्थानों और मैनपॉवर की है जरूरत
मेनपॉवर मौजूद जरूरत
फिजिशियन 1 4
शिशु रोग विशेष 1 4
एनिथीसिया 5 0
मेडिकल ऑफिसर 23 5
नर्सिंग स्टाफ 55 0
फार्मासिस्ट 11 0
सुरक्षाकर्मी 25 6
मेडिकल यंत्र
यंत्र मौजूद जरूरत
वेंटिलेटर 23 3
बच्चों के लिए वेंटिलेटर 2 3
मल्टीपैरामीटर 30 10
डी फीफरीलेटर 4 2
ये बेड होंगे कोविड के लिए रिजर्व
अस्पताल कोविड बेड
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद 70
उप नागरिक अस्पताल टोहाना 35
उप नागरिक अस्पताल रतिया 35
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भट्टू 20
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना 20
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ोपल 20
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाखल 20
निजी बच्चों के अस्पताल में भी होंगे बेड रिजर्व
कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक बताई जा रही है। सरकारी अस्पतालों की बात करें तो जिला मुख्यालय में ही एकमात्र शिशु रोग विशेषज्ञ है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी निजी बच्चों के अस्पतालों से डाटा लिया है। तीसरी लहर को लेकर यहां भी 70 फीसदी बेड रिजर्व किए जाएंगे। कोविड को लेकर इन चिकित्सकों को ट्रेनिंग भी स्वास्थ्य विभाग देगा।
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देहरादून से आज डिलिवर होगा ऑक्सीजन प्लांट
जिला नागरिक अस्पताल में 500 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लग रहा है, लेकिन अभी तक मात्र ढांचा ही तैयार हुआ है। प्लांट शुरू होने में देरी का कारण मशीनरी न आना है। सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण का कहना है कि बुधवार को देहरादून से मशीनरी डिलिवर होगी। एक या दो दिन में मशीनरी यहां पहुंच जाएगी।
43 फीसदी लोगों को लगी कोरोना वैक्सीन
जिला में लगभग सवा 6 लाख लोगों को कोविड रोधी वैक्सीन लगाई जानी है। अब तक 2 लाख 60 हजार लोगों को कोविड रोधी वैक्सीन दी जा चुकी है। जिले में 43 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। उपायुक्त महावीर कौशिक का कहना है कि वैज्ञानिकों के अनुसार 70 प्रतिशत वैक्सीनेशन होने के बाद हार्ड इम्यूनिटी विकसित हो जाती है और संक्रमण का फैलाव कम हो जाता है।
बच्चों के लिए बनेगा 30 बेड का आईसीयू
उपायुक्त महावीर कौशिक का कहना है कि जिले के कोरोना वार्ड में 382 बेड हैं जिनमें से 195 सरकारी व 187 प्राइवेट है। 63 नॉन ऑक्सीजन, 197 ऑक्सीजन, 86 आईसीयू और 36 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। 30 बेड का बच्चों के लिए एक स्पेशल आईसीयू सेंटर नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में बनाया जा रहा है। जिला में कोविड की दूसरी लहर के दौरान इसकी चपेट में आने से मृत्यु ज्यादा हुई। अप्रैल और मई 2021 में ज्यादा मृत्यु दर्ज की गई थी। जिला में कोविड से 471 मौते हुई, उनमें से 263 पुरुष व 208 महिला हैं। जिले का रिकवरी रेट भी 97.08 प्रतिशत है। अभी तक जिले में 57 ब्लैक फंगस के मरीज मिले हैं, उनमें से 29 ठीक हो चुके हैं और दस मरीज उपचार करवा रहे हैं। ब्लैक फंगस से 18 मृत्यु भी दर्ज की गई है।
भट्टू और भूना में ऑक्सीजन प्लांट फाइलों में अटकी
भट्टू और भूना में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना अभी फाइलों में अटकी है। इसे अभी प्राथमिकता में नहीं लिया गया है। पहले फतेहाबाद, रतिया और टोहाना में प्लांट लगेगा, इसके इन अस्पतालों में प्लांट लगाने की योजना तैयार की जाएगी।
कोट
कोरोना की तीसरी लहर को लेकर फतेहाबाद के स्वास्थ्य विभाग ने डाटा तैयार कर लिया है कि उन्हें कितने डॉक्टरों और संसाधनों की जरूरत है। डिमांड स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय को भेज दी गई है।
- महावीर कौशिक, उपायुक्त फतेहाबाद।