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पहली पत्नी सुखविंद्र कौर बच्चों सहित रहेगी बुवान कोठी में
ब्यूरो/अमर उजाला फतेहाबाद
Updated Fri, 11 Dec 2015 12:36 AM IST
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मुस्लिम धर्म अपनाकर निकाह करने वाले बुवान निवासी गुरविंद्र पाल उर्फ गोरखा के परिवार का बुवान कोठी वासियों द्वारा किया गया बहिष्कार बहाल कर दिया है। वहीं, गुरविंद्र पाल उर्फ गोरखा व नई दुल्हन खुशविंद्र कौर का अभी बहिष्कार ज्यों का त्यों जारी रहेगा। मामले को लेकर बुवान कोठी वासियों की पंचायत हुई।
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इसमें गोरखा के ताऊ एवं एनआरआई सरदार सुखदेव सिंह ने विदेश से लौटकर अपने भाई गुरदेव सिंह के परिवार के साथ हुए घटनाक्रम का पंचायती रूप से पटाक्षेप करने की कोशिश की। बुवान कोठी वासियों व सुखदेव सिंह के बीच हुई पंचायत में गुरदेव सिंह ने अपनी गलती का अहसास किया तथा बेटे गुरविंद्र पाल द्वारा उठाए गए कदम की आलोचना की।
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इसके बाद पंचायती लोगों ने गुरदेव सिंह के परिवार का किया गया बहिष्कार तोड़ दिया तथा भविष्य में उसके साथ विवाह, शादी व अन्य कार्यक्रमों में शामिल होंगे। लेकिन दूसरी शादी रचाने वाले एवं मुस्लिम में परिवर्तित हुए गुरविंद्रपाल व खुशविंद्र कौर का कोई भी बुवान कोठी वासी साथ नहीं देंगे।
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पहली पत्नी आएगी घर
पंचायत में हुए निर्णय के अनुसार गुरविंद्र पाल की पहली पत्नी सुखविंद्र कौर अपने मायके गोबिन्द पुरा से अपनी ससुराल बुवान कोठी में अपने घर आएगी। बुवान कोठी में रहकर वह बेटी शिरत कौर व बेटे गुरनव जोत का पालन-पौषण करेगी।
इसको लेकर गोरखा के नाम 25 एकड़ भूमि पत्नी सुखविंद्र कौर व बेटा गुरनवजोत के नाम की जाएगी तथा लाखों रुपये की एफडी भी किए जाने को लेकर फैसला हुआ है। पुलिस में दोनों ही पक्षों की तरफ से दायर मुकदमे खारिज करने के लिए कायदे कानूनों के अनुसार कोर्ट प्रक्रिया में शपथ पत्र देकर खारिज के लिए प्रार्थना करेंगे। पंचायत में कई अन्य सुखविंद्र कौर व बच्चों के हित में निर्णय दिए गए।
ये भी शामिल हुए पंचायत में
बुवान कोठी में हुई पंचायत में सरपंच प्रतिनिधि सरदार केवल सिंह, पंचायत सदस्य जसबीर सिंह, सरदार सौदागर सिंह, जोगिंद्र सिंह, सरदार हरप्रीत सिंह, सरदार उपकार सिंह, सरदार गुरदेव सिंह, सरदार सुखदेव सिंह के अलावा दोनों पक्ष शामिल रहे।