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Fatehabad News: राशन डिपो संचालकों को 4 माह से कमीशन नहीं
Fri, 10 Jul 2026 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 10 Jul 2026 11:10 PM IST
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फतेहाबाद के एक राशन डिपो पर राशन लेते लाभार्थी।
फतेहाबाद। जिले के राशन डिपो संचालकों को पिछले चार माह से राशन वितरण के कमीशन का भुगतान नहीं मिला है। इससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। डिपो संचालकों का कहना है कि वे नियमित रूप से राशन वितरण कर रहे हैं। हालांकि समय पर कमीशन न मिलने से दैनिक खर्च और दुकान का संचालन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार और विभाग से जल्द बकाया राशि जारी करने की मांग की है।
डिपो संचालक ओमप्रकाश, साहिल, आशीष कुमार, दिलबाग और महेंद्र ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हर माह लाखों लोगों को राशन दिया जाता है। सरकार प्रति क्विंटल तय दर के अनुसार कमीशन देती है पर पिछले चार माह से भुगतान लंबित है। इससे कई संचालकों को निजी संसाधनों से खर्च उठाना पड़ रहा है। सरकार ने फरवरी माह तक का कमीशन दिया है।
डिपो संचालकों पर बढ़ा काम का बोझ : खाद्य आपूर्ति विभाग जिले में कुल 366 राशन डिपो संचालित करता है। इन डिपो के माध्यम से 6,35,732 लोगों को हर माह राशन मिलता है। सरकार राशन डिपो में गेहूं, सरसों का तेल और चीनी उपलब्ध कराती है। मई, जून, जुलाई और अगस्त माह का राशन लाभार्थियों को एक साथ वितरित किया जा रहा है। इससे डिपो संचालकों पर काम का बोझ बढ़ गया है। उन्हें एक साथ अधिक मात्रा में खाद्यान्न का उठान, भंडारण और वितरण करना पड़ रहा है। कमीशन का भुगतान न होने से आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। डिपो संचालकों का कहना है कि राशन वितरण के दौरान परिवहन, बिजली, इंटरनेट और मशीन के संचालन पर नियमित खर्च होता है।
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डिपो संचालक ओमप्रकाश, साहिल, आशीष कुमार, दिलबाग और महेंद्र ने बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हर माह लाखों लोगों को राशन दिया जाता है। सरकार प्रति क्विंटल तय दर के अनुसार कमीशन देती है पर पिछले चार माह से भुगतान लंबित है। इससे कई संचालकों को निजी संसाधनों से खर्च उठाना पड़ रहा है। सरकार ने फरवरी माह तक का कमीशन दिया है।
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डिपो संचालकों पर बढ़ा काम का बोझ : खाद्य आपूर्ति विभाग जिले में कुल 366 राशन डिपो संचालित करता है। इन डिपो के माध्यम से 6,35,732 लोगों को हर माह राशन मिलता है। सरकार राशन डिपो में गेहूं, सरसों का तेल और चीनी उपलब्ध कराती है। मई, जून, जुलाई और अगस्त माह का राशन लाभार्थियों को एक साथ वितरित किया जा रहा है। इससे डिपो संचालकों पर काम का बोझ बढ़ गया है। उन्हें एक साथ अधिक मात्रा में खाद्यान्न का उठान, भंडारण और वितरण करना पड़ रहा है। कमीशन का भुगतान न होने से आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। डिपो संचालकों का कहना है कि राशन वितरण के दौरान परिवहन, बिजली, इंटरनेट और मशीन के संचालन पर नियमित खर्च होता है।
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