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रक्षाबंधन आज, बहनें किसी भी वक्त बांध सकती हैं राखी
fatehabad
Updated Thu, 18 Aug 2016 01:42 AM IST
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राखियां
- फोटो : Amar ujala
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आज राखी बांधने के लिए आपको किसी मुहूर्त का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। अपने भाई को दिन में किसी भी समय राखी बांध सकती हैं। तीन सालों में पहली बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा। वीरवार को भद्रा का साया सूर्योदय से पहले ही समाप्त गया। प्रात:काल से लेकर दोपहर 2:30 बजे और उसके बाद दोपहर 3 से लेकर सूर्यास्त तक राखी बांधने का मुहूर्त सबसे शुभ है।
क्या है भ्रदा
शहर के प्रसिद्ध वैष्णो देवी माता मंदिर के पुजारी एवं ज्योतिषाचार्य सचिन शास्त्री की मानें तो भ्रदा सूर्य की पुत्री और शनिदेव की बहन है। उनका स्वभाव काफी क्रूर बताया गया है। इस उग्र स्वभाव के चलते ही भगवान ब्रह्मदेव ने उन्हें कालगणना में स्थान दिया। इसलिए भ्रदा के दौरान शुभ कार्य करना या किसी प्रकार की यात्रा करना निषेध माना जाता है।
सिंहासन और गौरी योग मिलकर बनाएंगे शुभ योग
पंडित शास्त्री के अनुसार वीरवार को रक्षाबंधन के दिन सिंहासन और गौरी योग बन रहे हैं। ये दोनों योग मंगल कार्यों के प्रतीक हैं। सिंहासन योग जहां राजस्व का संकेतक है तो गौरी योग आनंद का प्रतीक है। इसलिए इस दिन किए गए सारे कार्य मंगलमय और आनंद से पूरे होने का योग बनता है।
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क्या है भ्रदा
शहर के प्रसिद्ध वैष्णो देवी माता मंदिर के पुजारी एवं ज्योतिषाचार्य सचिन शास्त्री की मानें तो भ्रदा सूर्य की पुत्री और शनिदेव की बहन है। उनका स्वभाव काफी क्रूर बताया गया है। इस उग्र स्वभाव के चलते ही भगवान ब्रह्मदेव ने उन्हें कालगणना में स्थान दिया। इसलिए भ्रदा के दौरान शुभ कार्य करना या किसी प्रकार की यात्रा करना निषेध माना जाता है।
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सिंहासन और गौरी योग मिलकर बनाएंगे शुभ योग
पंडित शास्त्री के अनुसार वीरवार को रक्षाबंधन के दिन सिंहासन और गौरी योग बन रहे हैं। ये दोनों योग मंगल कार्यों के प्रतीक हैं। सिंहासन योग जहां राजस्व का संकेतक है तो गौरी योग आनंद का प्रतीक है। इसलिए इस दिन किए गए सारे कार्य मंगलमय और आनंद से पूरे होने का योग बनता है।
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