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तीसरे दिन भी घग्घर के जलस्तर में बढ़ोतरी
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फ तेहाबाद जिला से गुजरती घग्घर नदी में आया पानी।
- फोटो : Fatehabad
हिमाचल व पंजाब में बारिश होने से घग्घर नदी के जलस्तर सोमवार को तीसरे दिन भी वृद्धि देखी गई। रविवार को चांदपुरा साइफन का जलस्तर 2000 क्यूसेक था। सोमवार को यह बढ़कर 6600 क्यूसेक तक पहुंच गया। लगातार इतनी तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से आस पास के लोगों के साथ-साथ प्रशासन की भी सांसे फूलने लगी है। इसी तरह सोमवार को गुहलाचीका का जलस्तर 15403 व खनौरी में पानी का बहाव 8150 क्यूसेक दर्ज किया गया। वहीं, टोहाना में तैनात सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता धूप सिंह का कहना है कि 14000 क्यूसेक पानी नदी तक आने में कोई खतरा नहीं है।
पिछले दो दिनों में हिमाचल की पहाड़ियां व पंजाब के कुछ क्षेत्रों में हुई जोरदार बारिश से पंजाब की सरहंद, बरेटा व हरियाणा के कालका, अम्बाला के साइफन व मानइर का पानी घग्घर में आना शुरू हो गया है। जिसके चलते जिले से गुजर रही घग्घर में पानी बढ़ता जा रहा है। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रुम द्वारा सोमवार को दर्ज किए गए रिकार्ड के अनुसार सोमवार शाम 4 बजे चांदपुरा में 6600 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। इसी तरह गुहलाचीका में 15403 व खनौरी मेें 8150 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। जबकि सोमवार सुबह चांदपुरा में 3150, गुहलाचीका में 12320 व खनौरी में 6925 क्यूसेक पानी बह रहा था। मालूम हो कि रविवार को चांदपुरा में 1980 क्यूसेक पानी, खनौरी में 4050 व गुहलाचीका में 6180 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया था।
14 हजार क्यूसिक पानी आने के बाद रंगोई में चला जाता है पानी : कार्यकारी अभियंता
इस बारे सिंचाई विभाग टोहाना के कार्यकारी अभियंता धूप सिंह ने कहा कि घग्घर के चांदपुरा साइफन पर 14000 क्यूसेक तक पानी आने पर कोई खतरा नहीं है। 14000 से ऊपर पानी आता है तो 5-6000 क्यूसेक पानी रंगोई नाले में चला जाता है। इससे ऊपर 18 से 19 000 तक पानी आता है तो फिर दिक्कत आ सकती है।
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घग्घर के पानी से किसानों को है फायदा
घग्घर में पानी आने से घग्घर के पार पंजाब की ओर किसान बसे जाखल के ग्रामीण भयभीत हो जाते हैं तो टोहाना के गांवों में बसे किसानों के चेहरे पर रौनक आ जाती है। बस इन किसानों की एक ही शर्त रहती है कि घग्घर में पानी तो आए, लेकिन ओवरफ्लो ना हो। इसके पीछे वजह है कि यहां के धान उत्पादक किसान पाइप लगाकर घग्घर के पानी से अपने खेतों की सिंचाई करते हैं। घग्घर के पानी से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है साथ ही पानी के लिए कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ता।
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पिछले दो दिनों में हिमाचल की पहाड़ियां व पंजाब के कुछ क्षेत्रों में हुई जोरदार बारिश से पंजाब की सरहंद, बरेटा व हरियाणा के कालका, अम्बाला के साइफन व मानइर का पानी घग्घर में आना शुरू हो गया है। जिसके चलते जिले से गुजर रही घग्घर में पानी बढ़ता जा रहा है। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रुम द्वारा सोमवार को दर्ज किए गए रिकार्ड के अनुसार सोमवार शाम 4 बजे चांदपुरा में 6600 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। इसी तरह गुहलाचीका में 15403 व खनौरी मेें 8150 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया। जबकि सोमवार सुबह चांदपुरा में 3150, गुहलाचीका में 12320 व खनौरी में 6925 क्यूसेक पानी बह रहा था। मालूम हो कि रविवार को चांदपुरा में 1980 क्यूसेक पानी, खनौरी में 4050 व गुहलाचीका में 6180 क्यूसेक पानी का बहाव दर्ज किया गया था।
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14 हजार क्यूसिक पानी आने के बाद रंगोई में चला जाता है पानी : कार्यकारी अभियंता
इस बारे सिंचाई विभाग टोहाना के कार्यकारी अभियंता धूप सिंह ने कहा कि घग्घर के चांदपुरा साइफन पर 14000 क्यूसेक तक पानी आने पर कोई खतरा नहीं है। 14000 से ऊपर पानी आता है तो 5-6000 क्यूसेक पानी रंगोई नाले में चला जाता है। इससे ऊपर 18 से 19 000 तक पानी आता है तो फिर दिक्कत आ सकती है।
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घग्घर के पानी से किसानों को है फायदा
घग्घर में पानी आने से घग्घर के पार पंजाब की ओर किसान बसे जाखल के ग्रामीण भयभीत हो जाते हैं तो टोहाना के गांवों में बसे किसानों के चेहरे पर रौनक आ जाती है। बस इन किसानों की एक ही शर्त रहती है कि घग्घर में पानी तो आए, लेकिन ओवरफ्लो ना हो। इसके पीछे वजह है कि यहां के धान उत्पादक किसान पाइप लगाकर घग्घर के पानी से अपने खेतों की सिंचाई करते हैं। घग्घर के पानी से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ती है साथ ही पानी के लिए कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ता।