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भूमि अधिग्रहण पर भड़के किसान
fatehabada
Updated Tue, 26 Aug 2014 11:52 PM IST
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लघु सचिवालय के बाहर जमीन के मुआवजे की राशि को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे सेक्टर 9, 10, 11, 11ए के किसान मंगलवार को उपायुक्त राजीव रतन द्वारा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा) के प्रशासक श्रीगणेशन के साथ कराई मुलाकात के दौरान किसानों को संतुष्टिपूर्ण जवाब नहीं दिए जाने से ओर ज्यादा भड़क गए है।
धरने के चौथे दिन हुडा के अधिकारियों की बेरुखी से नाराज आंदोलनकारी किसानों ने आंदोलन को तेज करने का ऐलान कर दिया है। मंगलवार के धरने की अध्यक्षता करते हु़ए किसान नेता राम सिंह मताना ने कहा कि सेक्टर के अंतर्गत गांव मताना, भीवां बस्ती के 750 एकड़ जमीन से अनेक किसानों को कोर्ट द्वारा घोषित मुआवजा न देेकर हुडा प्रशासन ने किसानों के साथ धोखा किया है।
उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर हुडा ने कानून को तोड़ा है। ऊपर से किसानों की जमीनों पर सेक्टर 11 के प्लॅाटों की बिकवाली के आवेदन मांग कर किसानों के साथ कुठाराघात किया गया है। आज गांव मताना, भीवां बस्ती और फतेहाबाद के अधिग्रहण की गई जमीनों के मालिकों के परिवारों को बदहाली से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को अब अपने हक के लिए तब तक संघर्ष करना होगा जब तक प्रशासन मुआवजा राशि किसानों के खाते में नहीं डालता है।
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उन्होंने कहा कि हुडा ने किसानों को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। एक तरफ तो हुडा प्लॉटों को ऊंचे दामों में बेच रहा है और किसानों को कोर्ट द्वारा निर्धारित मूल्य को भी नहीं दिया जा रहा। हर किसान को अब अपने हक के लिए जी जान लगा देना होगा। प्रशासन को सरकार को दिखाना होगा कि जो किसान धरती का सीना चीरकर अन्न पैदा कर सकता है वह अपने अधिकारों के लिए भी किसी से टकरा सकता है।
आज के धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता जोगिंद्र सिंह, महेश नारंग, सुरेंद्र सैनी, अनिल कुमार आदि ने कहा कि कि किसानों की मुआवजा राशि जल्द नहीं दी गई तो हुडा के सेक्टर में अपनी जमीनों को पुन: जोत कर फसलों की बिजाई कर देंगे। किसानों ने सेक्टर में बन रही सड़कों और सीवरेज लाइन आदि के निर्माण कार्य को आज 5वें दिन भी शुरू नहीं होने दिया।
उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को कोर्ट द्वारा निर्धारित मुआवजा राशि नहीं दी जाएगी, कोई कार्य नहीं चलने दिया जाएगा। किसानों ने आज के धरने के दौरान प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि इस जमीन को वर्ष 2008 में किसानों से लिया गया था, और 24 दिसंबर 2013 को कोर्ट ने आदेश देकर मुआवजा राशि को 965 वर्ग गज के हिसाब से बढ़ा दिया गया।
लेकिन आज इस फैसले को 8 माह बीत जाने के बावजूद हुडा ने किसानों को कोई पैसा नहीं दिया है। किसानों ने आम लोगों व संस्थाओं से अधिकारों की इस लड़ाई में सहयोग की अपील की है। इस मौके पर महेंद्र पाल नारंग, विजय निर्मोही, महेश नागपाल, नरेश नागपाल, डॉ. अनिल टुटेजा, छोटू राम सहारण, सीता राम, सुदामा, बीरबल सैनी, रामस्वरूप सैनी, महावीर सुथार, श्योचंद मताना, हेमराज, भगवान दास, प्रदीप कुमार, नरसी राम, राजू सैनी, राजेश कुमार सहित अनेक किसान मौजूद थे।
धरने के चौथे दिन हुडा के अधिकारियों की बेरुखी से नाराज आंदोलनकारी किसानों ने आंदोलन को तेज करने का ऐलान कर दिया है। मंगलवार के धरने की अध्यक्षता करते हु़ए किसान नेता राम सिंह मताना ने कहा कि सेक्टर के अंतर्गत गांव मताना, भीवां बस्ती के 750 एकड़ जमीन से अनेक किसानों को कोर्ट द्वारा घोषित मुआवजा न देेकर हुडा प्रशासन ने किसानों के साथ धोखा किया है।
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उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर हुडा ने कानून को तोड़ा है। ऊपर से किसानों की जमीनों पर सेक्टर 11 के प्लॅाटों की बिकवाली के आवेदन मांग कर किसानों के साथ कुठाराघात किया गया है। आज गांव मताना, भीवां बस्ती और फतेहाबाद के अधिग्रहण की गई जमीनों के मालिकों के परिवारों को बदहाली से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को अब अपने हक के लिए तब तक संघर्ष करना होगा जब तक प्रशासन मुआवजा राशि किसानों के खाते में नहीं डालता है।
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उन्होंने कहा कि हुडा ने किसानों को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। एक तरफ तो हुडा प्लॉटों को ऊंचे दामों में बेच रहा है और किसानों को कोर्ट द्वारा निर्धारित मूल्य को भी नहीं दिया जा रहा। हर किसान को अब अपने हक के लिए जी जान लगा देना होगा। प्रशासन को सरकार को दिखाना होगा कि जो किसान धरती का सीना चीरकर अन्न पैदा कर सकता है वह अपने अधिकारों के लिए भी किसी से टकरा सकता है।
आज के धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता जोगिंद्र सिंह, महेश नारंग, सुरेंद्र सैनी, अनिल कुमार आदि ने कहा कि कि किसानों की मुआवजा राशि जल्द नहीं दी गई तो हुडा के सेक्टर में अपनी जमीनों को पुन: जोत कर फसलों की बिजाई कर देंगे। किसानों ने सेक्टर में बन रही सड़कों और सीवरेज लाइन आदि के निर्माण कार्य को आज 5वें दिन भी शुरू नहीं होने दिया।
उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को कोर्ट द्वारा निर्धारित मुआवजा राशि नहीं दी जाएगी, कोई कार्य नहीं चलने दिया जाएगा। किसानों ने आज के धरने के दौरान प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि इस जमीन को वर्ष 2008 में किसानों से लिया गया था, और 24 दिसंबर 2013 को कोर्ट ने आदेश देकर मुआवजा राशि को 965 वर्ग गज के हिसाब से बढ़ा दिया गया।
लेकिन आज इस फैसले को 8 माह बीत जाने के बावजूद हुडा ने किसानों को कोई पैसा नहीं दिया है। किसानों ने आम लोगों व संस्थाओं से अधिकारों की इस लड़ाई में सहयोग की अपील की है। इस मौके पर महेंद्र पाल नारंग, विजय निर्मोही, महेश नागपाल, नरेश नागपाल, डॉ. अनिल टुटेजा, छोटू राम सहारण, सीता राम, सुदामा, बीरबल सैनी, रामस्वरूप सैनी, महावीर सुथार, श्योचंद मताना, हेमराज, भगवान दास, प्रदीप कुमार, नरसी राम, राजू सैनी, राजेश कुमार सहित अनेक किसान मौजूद थे।