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Fatehabad News: मिड-डे मील पर उठे सवाल, सरकारी स्कूलों में भेजा खराब गुड़, निम्न गुणवत्ता की हल्की, अब उधारी में सामान से भी इन्कार
Wed, 21 Jan 2026 10:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 21 Jan 2026 10:29 PM IST
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सरकारी स्कूल के मिड-डे मील राशन में भेजा खराब गुड़।
फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में मिड डे मील व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। राशन की अनियमित आपूर्ति और खराब गुणवत्ता के कारण विद्यालयों में मिड डे मील की व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है। इस कारण स्कूलों में अधिकारियों और शिक्षकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
कई स्कूलों में जरूरत से ज्यादा राशन भेजा गया तो कहीं राशन की कमी हो रही है। जिस स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम है वहां पर 20 किलो मिर्च भेज दी गई है। इसके अलावा हल्दी की गुणवत्ता निम्न है और गुड एक माह में ही खराब हो गया है, जिससे उसे पिघलते हुए देखा जा रहा है। तीन महीने से मिड डे मील के लिए बजट की अलाटमेंट नहीं की गई, जिससे स्कूलों को राशन की खरीद में भारी समस्याएं हो रही हैं। इसके अलावा दुकानदारों ने लंबी उधारी के कारण राशन उधार देने से इन्कार कर दिया है।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इन समस्याओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है और मिड डे मील के लिए उचित बजट की मांग की है। उनका कहना है कि हरियाणा शिक्षा विभाग ने पहले हर हित स्टोर को राशन खरीदने के लिए अधिकृत किया था, लेकिन अब हरियाणा एग्रो के द्वारा राशन की आपूर्ति की जा रही है, जिसमें आपूर्ति में कई अनियमितताएं हैं। कई सामग्रियां अत्यधिक भेजी गई हैं, जबकि कुछ की बहुत कमी है। गुड जो भेजा गया था वह पहले ही खराब हो चुका है। दाल, सर्फ, साबुन आदि की आपूर्ति नहीं की गई है।
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विद्यालयों को मिड डे मील का बकाया बजट तत्काल उपलब्ध कराया जाए और हरियाणा एग्रो से राशन की आपूर्ति छात्र संख्या के हिसाब से सही तरीके से की जाए। मिड डे मील में कुछ सामान जैसे दाल, बर्तन धोने का सर्फ और बच्चों के हाथ धोने के लिए साबुन की सप्लाई नहीं की गई है। इसके अलावा राशन पकाने के लिए गैस ईंधन और सब्जी का बजट भी आवश्यक है। - योगेंद्र वर्मा, प्रधान, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ।
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मामला मेरे संज्ञान में आया है कि स्कूलों में कहीं अधिक सामान आया है तो कहीं कमी है। कहा गया है कि प्रयोग कर लिया जाए और जहां कमी है, वहां भेज दिया जाएगा। निदेशालय से इस संबंध में बात की जाएगी। - अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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कई स्कूलों में जरूरत से ज्यादा राशन भेजा गया तो कहीं राशन की कमी हो रही है। जिस स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या कम है वहां पर 20 किलो मिर्च भेज दी गई है। इसके अलावा हल्दी की गुणवत्ता निम्न है और गुड एक माह में ही खराब हो गया है, जिससे उसे पिघलते हुए देखा जा रहा है। तीन महीने से मिड डे मील के लिए बजट की अलाटमेंट नहीं की गई, जिससे स्कूलों को राशन की खरीद में भारी समस्याएं हो रही हैं। इसके अलावा दुकानदारों ने लंबी उधारी के कारण राशन उधार देने से इन्कार कर दिया है।
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राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने इन समस्याओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है और मिड डे मील के लिए उचित बजट की मांग की है। उनका कहना है कि हरियाणा शिक्षा विभाग ने पहले हर हित स्टोर को राशन खरीदने के लिए अधिकृत किया था, लेकिन अब हरियाणा एग्रो के द्वारा राशन की आपूर्ति की जा रही है, जिसमें आपूर्ति में कई अनियमितताएं हैं। कई सामग्रियां अत्यधिक भेजी गई हैं, जबकि कुछ की बहुत कमी है। गुड जो भेजा गया था वह पहले ही खराब हो चुका है। दाल, सर्फ, साबुन आदि की आपूर्ति नहीं की गई है।
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विद्यालयों को मिड डे मील का बकाया बजट तत्काल उपलब्ध कराया जाए और हरियाणा एग्रो से राशन की आपूर्ति छात्र संख्या के हिसाब से सही तरीके से की जाए। मिड डे मील में कुछ सामान जैसे दाल, बर्तन धोने का सर्फ और बच्चों के हाथ धोने के लिए साबुन की सप्लाई नहीं की गई है। इसके अलावा राशन पकाने के लिए गैस ईंधन और सब्जी का बजट भी आवश्यक है। - योगेंद्र वर्मा, प्रधान, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ।
मामला मेरे संज्ञान में आया है कि स्कूलों में कहीं अधिक सामान आया है तो कहीं कमी है। कहा गया है कि प्रयोग कर लिया जाए और जहां कमी है, वहां भेज दिया जाएगा। निदेशालय से इस संबंध में बात की जाएगी। - अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।