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Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Punjab Ghaggar solution in the industry are 'poison'

पंजाब के उद्योग घग्गर में घोल रहे ‘जहर’

Thu, 05 Jun 2014 12:05 AM IST
fatehabad
fatehabad Updated Thu, 05 Jun 2014 12:05 AM IST
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 पंजाब की फैक्ट्रियों से निकल रहा केमिकल युक्त काला गंदा पानी फतेहाबाद से गुजर रही घग्गर नदी को मैला कर रहा है। इस वजह से यहां के हजारों किसानों को जहां खेतों में सिंचाई के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है, वहीं मछलियों के मरने के कारण सैकड़ों मछुआरों की रोजी-रोटी पर भी संकट मंडरा गया है।

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बीते सालों में घग्गर नदी में पाई जाने वाली मछलियों की कई प्रजातियां लुप्त हो चुकी हैं। पोल्यूशन कोर्ट बोर्ड भी अब इसे गंभीरता से लेते हुए यहां से पानी के सैंपल ले चुका है, जो फेल हो गए हैं। अब पंजाब में घग्गर किनारे स्थित फैक्ट्रियों को बंद करने की तैयारी की जा रही है।
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मछुआरों के सामने रोटी का संकट
हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों से होकर यहां आने वाली घग्गर नदी रास्ते में कई राज्यों के प्रमुख शहराें से होकर गुजरती है। इस नदी के तट पर कई उद्योगपतियों ने अपने उद्योग स्थापित कर रखे हैं। इन फैक्ट्रियों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ और गंदा पानी घग्गर नदी में ही छोड़ दिया जाता है।
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 पानी में कई प्रकार के रसायन होने के कारण वातावरण प्रदूषित हो रहा है। मत्स्य विभाग की मानें तो पहले घग्गर में मछलियों की 122 प्रकार की प्रजातियां पाई जाती थी, जिनकी संख्या घटकर अब 45 ही रह गई हैं। कटला और रोहू प्रजाति की मछलियां तो बड़ी तेजी से लुप्त हुई है।

समय रहते कोई कदम नहीं उठाए गए तो मछलियाें की बाकी बची प्रजातियां भी शीघ्र लुप्त हो सकती हैं। इन मछलियों के सहारे ही फतेहाबाद में रहने वाले सैकड़ों मछुआरे अपने परिवार का पेट भर रहे हैं। अब उनके सामने भी संकट खड़ा हो गया है।

सिंचाई की तो जल जाएंगे पौधे
घग्गर नदी से खेतों में सिंचाई करना भी खतरनाक हो रहा है। घग्गर के तटवर्ती गांव लांबा के किसान निशान सिंह, मामूपुर के निहाल सिंह और चिम्मो के फूलकुमार ने बताया कि इस समय घग्गर में जो पानी प्रवाहित हो रहा है, वह बिल्कुल काला और जहरीला है।

अगर इसे सिंचाई में इस्तेमाल करेंगे तो पौधा जल सकता है। इससे पहले घग्गर में इंजन के माध्यम से पानी उठाकर खेत में डालते थे, जिससे धान की भरपूर फसल होती थी। कृषि उपनिदेशक डॉ. अनूप सिंह कहते हैं कि बरसात के दिनों को छोड़कर सामान्य दिनों में घग्गर का पानी सिंचाई के बिल्कुल भी काबिल नहीं रह गया है।
 
संगरूर से आता है प्रदूषित पानी : गिल
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हिसार के कार्यकारी अभियंता विनय सिंह गिल ने बताया कि घग्गर के चांदपुरा साइफन पर आने वाला पानी पंजाब के संगरूर जिले से होकर आता है। पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्राें में स्थापित उद्योगों से रसायन युक्त पानी घग्गर में छोड़ा जाता है, जिससे यह नदी प्रदूषित हो रही है।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड नई दिल्ली ने पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के साथ मिलकर अप्रैल में घग्गर से पानी के सैंपल लिए थे। सैंपल को हिसार लैब में टेस्ट कराया गया तो सभी सैंपल फेल मिले। इस मामले में शीघ्र ही सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड नई दिल्ली कार्रवाई करेगा।


सील होगी फैक्ट्रियां
पंजाब की फैक्ट्रियों का जहरीला पानी घग्गर में डाला जा रहा है, जिसका सबसे अधिक नुकसान फतेहाबाद जिले में हो रहा है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड नई दिल्ली के नेतृत्व में हरियाणा और पंजाब के पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने फतेहाबाद से गुजरने वाली घग्गर नदी के चांदपुरा साइफन से सिरसा ओटूवीएल, डबवाली रोड और राजस्थान के हनुमानगढ़ से पानी के सैंपल लिए थे। तीनों जगह पानी जहरीला पाया गया।

 इसकी रिपोर्ट सेंटर को भेज दी गई है। आदेश आते ही पंजाब की फैक्ट्रियों को सील करने की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
ओमवीर, एसडीओ, हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, हिसार

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