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भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी
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जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के खिलाफ शिकायत देने पहुंचे ठेकेदार।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। जनस्वास्थ्य विभाग भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। अधिकारियों पर बिल पास करने की एवज में रिश्वत मांगने के आरोप लग रहे हैं। फतेहाबाद के अग्रवाल कॉलोनी निवासी ठेकेदार धर्मपाल ने जनस्वास्थ्य विभाग के जेई पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग के जेई ने रिश्वत न देने पर बिल गुम कर दिए। इसको लेकर शहर थाना में शनिवार को शिकायत दी है।
दो दिन पहले जनस्वास्थ्य विभाग के उप अधीक्षक को विजिलेंस ने बिल पास करने की एवज में चार हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा था, इसको लेकर पहले ही चर्चा है और अब नया मामला सामने आ गया है। मामले के मुताबिक शहर थाना में दी गई शिकायत में धर्मपाल ने आरोप लगाया कि उसकी दो फर्म है और ठेकेदार का काम करते हैं। आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग के जेई गिरीश ने काम करवाकर रिश्वत न देने पर बिल गुम कर दिए। आरोप है कि जेई गिरीश और रमेश 35 फीसदी रिश्वत की मांग करते हैं। आरोप है कि उसके करीब 30 बिल गुम कर दिए गए है। दो साल से 30 लाख रुपये पेमेंट बकाया है। आरोप है कि उसने एक काम गांव नहला में किया था। इसकी पेमेंट को लेकर जब एक जेई के घर गया और जो बिल गुम किए गए हैं उसके बारे में पूछा तो दुर्व्यवहार किया गया। जेई ने पिछले कुछ समय से छुट्टी ले रखी इस कारण व वह उससे मिलने के लिए घर पर गया था। ठेकेदार का कहना है कि अधिकारी जानबूझकर बिल पास नहीं कर रहे हैं। वहीं मामलों को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सभी आरोपों को झूठा बताया है।
कोट
धर्मपाल पहले जनस्वास्थ्य विभाग में ठेकेदार था। बिल रोकने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है और कोई रिश्वत नहीं मांगी गई है। जांच होगी तो सामने आ जाएगा। कोई भी कुछ बोलने के लिए स्वतंत्र है।
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-गिरीश कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
कोट
सभी आरोप झूठे है, ऐसा कुछ भी नहीं है। ठेकेदार द्वारा लगाए गए सभी आरोप झूठे है, ऐसा हम लोग क्यों करेंगे।
-रमेश कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
कोट
मेरे से अभी कोई नहीं मिला है, अगर किसी ठेकेदार को दिक्कत आ रही है और बिल पास नहीं हो रहे हैं तो मुझसे मिल सकते है।
-दुड़ाराम, विधायक
कोट
अगर किसी ठेकेदार का बिल बकाया है और वह परेशान हो रहा है तो इस संबंध में विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत देनी चाहिए। मेरे संज्ञान में अभी कोई मामला नहीं आया है।
-जसवंत सिंह, एसई, जनस्वास्थ्य विभाग
कोट
ठेकेदार की तरफ से शिकायत आई है कि उसके बिल पास नहीं किए जा रहे है और 30 लाख रुपये बकाया है। जेई उससे रिश्वत की डिमांड कर रहे है। वहीं जेई अश्वनी की तरफ से भी शिकायत आई है कि घर आकर दुर्व्यव्हार किया गया है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
-ओमप्रकाश, शहर थाना प्रभारी
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दो दिन पहले जनस्वास्थ्य विभाग के उप अधीक्षक को विजिलेंस ने बिल पास करने की एवज में चार हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा था, इसको लेकर पहले ही चर्चा है और अब नया मामला सामने आ गया है। मामले के मुताबिक शहर थाना में दी गई शिकायत में धर्मपाल ने आरोप लगाया कि उसकी दो फर्म है और ठेकेदार का काम करते हैं। आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग के जेई गिरीश ने काम करवाकर रिश्वत न देने पर बिल गुम कर दिए। आरोप है कि जेई गिरीश और रमेश 35 फीसदी रिश्वत की मांग करते हैं। आरोप है कि उसके करीब 30 बिल गुम कर दिए गए है। दो साल से 30 लाख रुपये पेमेंट बकाया है। आरोप है कि उसने एक काम गांव नहला में किया था। इसकी पेमेंट को लेकर जब एक जेई के घर गया और जो बिल गुम किए गए हैं उसके बारे में पूछा तो दुर्व्यवहार किया गया। जेई ने पिछले कुछ समय से छुट्टी ले रखी इस कारण व वह उससे मिलने के लिए घर पर गया था। ठेकेदार का कहना है कि अधिकारी जानबूझकर बिल पास नहीं कर रहे हैं। वहीं मामलों को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सभी आरोपों को झूठा बताया है।
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कोट
धर्मपाल पहले जनस्वास्थ्य विभाग में ठेकेदार था। बिल रोकने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है और कोई रिश्वत नहीं मांगी गई है। जांच होगी तो सामने आ जाएगा। कोई भी कुछ बोलने के लिए स्वतंत्र है।
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-गिरीश कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
कोट
सभी आरोप झूठे है, ऐसा कुछ भी नहीं है। ठेकेदार द्वारा लगाए गए सभी आरोप झूठे है, ऐसा हम लोग क्यों करेंगे।
-रमेश कुमार, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग
कोट
मेरे से अभी कोई नहीं मिला है, अगर किसी ठेकेदार को दिक्कत आ रही है और बिल पास नहीं हो रहे हैं तो मुझसे मिल सकते है।
-दुड़ाराम, विधायक
कोट
अगर किसी ठेकेदार का बिल बकाया है और वह परेशान हो रहा है तो इस संबंध में विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत देनी चाहिए। मेरे संज्ञान में अभी कोई मामला नहीं आया है।
-जसवंत सिंह, एसई, जनस्वास्थ्य विभाग
कोट
ठेकेदार की तरफ से शिकायत आई है कि उसके बिल पास नहीं किए जा रहे है और 30 लाख रुपये बकाया है। जेई उससे रिश्वत की डिमांड कर रहे है। वहीं जेई अश्वनी की तरफ से भी शिकायत आई है कि घर आकर दुर्व्यव्हार किया गया है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
-ओमप्रकाश, शहर थाना प्रभारी