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एएसआई के विरोध में उतरे दस गांवों के लोग

Wed, 03 Jun 2015 12:16 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला
ब्यूरो/ अमर उजाला Updated Wed, 03 Jun 2015 12:16 AM IST
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गांव कोटली बिघड़ उकलाना गैबीपुर सुलखनी बरवाला नरवाना बहबलपुर मंगाली समेत दस गांवों के औड जाति के ग्रामीण मंगलवार को आईजी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने आईजी को दी शिकायत में कहा कि उनके कार्यालय में टेलीफोन अटेंडेंट का काम देखने वाले एएसआई ने उनका जीना मुहाल कर दिया है।
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आईजी से मिलने वालों में शामिल रामस्वरूप गोकलचंद टेकचंद, सीताराम, बालाराम, बीरादेवी, जगबीरसिंह, राजपाल, गिरधारी आदि ने कहा कि एएसआई ने अपनी एक अपराधिक गैंग पाल रखी है जिसका काम अवैध धंधे करना है।
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सट्टा लगवाना, अवैध शराब बिकवाना, अपराधियों को आईजी के नाम से छुड़वाना, नौकरी लगवाने के लिए पैसे लेना आदि कामों में ये लगे हैं। लोगों ने आईजी से अपील की कि एएसआई के खिलाफ  कार्रवाई करें। ऐसा नहीं हुआ तो वह शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कुछ भी करवा सकता है। आईजी ने शिकायतों की जांच करवाने का आश्वासन दिया।
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एएसआई पर ये हैं आरोप
गांव कोटली सिरसा में सट्टे के काम में एएसआई का हाथ है। इस बारे में बालाराम ने कई बार शिकायत की पर कार्रवाई नहीं हुई। उलटे शिकायतकर्ता के साथ उसके आदमियों ने मारपीट की। सुलखनी के पूर्व सरपंच को सट्टा खेलते पुलिस ने काबू किया।


एएसआई ने आईजी के नाम का सहारा लेकर शपथ पत्र देकर सीआईए से छुड़वा लिया। एएसआई ने अपने भाइयों की पत्नियों को भी मारपीट कर घर से निकाल दिया है।

वह बेरोजगारों को बहला फुसलाकर नौकरी लगवाने के नाम पर पैैसे भी ऐंठता है। एएसआई ने गलत कामों से मोटी संपत्ति कमाई है। उसकी संपति की भी जांच किए जाने की मांग की। एएसआई ने 10 अप्रैल को बिघड़ गांव में अपने गुंडों के साथ जाकर कई लोगों के साथ मारपीट की। इसमें झूठा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास भी हुआ।
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