{"_id":"613a49908ebc3e137c2791b7","slug":"prime-minister-s-motherhood-scheme-camp-set-up-at-only-10-feet-wide-for-health-check-up-of-pregnant-women-fatehabad-news-hsr6112454198","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रधानमंत्री मातृत्व योजना : गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के लिए मात्र 10 फुट चौड़ी जगह पर लगाया कैंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रधानमंत्री मातृत्व योजना : गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच के लिए मात्र 10 फुट चौड़ी जगह पर लगाया कैंप
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल में कैंप के दौरान लगी भीड़।
- फोटो : Fatehabad
नागरिक अस्पताल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत वीरवार को कैंप लगाया गया। गर्भवती महिलाओं के लिए लगाए गए इस कैंप में अव्यवस्था का माहौल रहा, या कह सकते हैं मात्र औपचारिकता पूरी की गई। गर्भवती के रजिस्ट्रेशन और जांच के लिए अस्पताल प्रशासन मात्र 10 फुट चौड़ी गैलरी में कैंप लगा दिया। भीड़ी जगह में कैंप लगाने के कारण गर्भवती के बीच धक्का-मुक्की का माहौल रहा। रजिस्ट्रेशन करवाने से लेकर जांच करवाने की ओपीडी तक में भीड़ रही। जांच करवाने के लिए गर्भवती को ढाई से तीन घंटे तक का समय लगा। कैंप में शहर व आसपास के गांवों की गर्भवती महिलाएं जांच के लिए आई हुई थीं।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले के सात स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप लगाया जाता है। ये अभियान हर माह की 9 तारीख का चलता है। नागरिक अस्पताल में पहले ये कैंप अल्ट्रासाउंड केंद्र के सामने लगाया जाता था। लेकिन इस बार कैंप गैलरी में आयोजित किया गया। जहां पर कैंप लगाया गया, उसकी चौड़ाई मात्र 10 फुट तक रही। गैलरी में ही स्टाफ के बैठने की व्यवस्था की गई। गैलरी में छत पर पंखा तक नहीं था। इसके चलते स्टाफ और गर्भवती को गर्मी और उमस के कारण परेशानी हुई। हालांकि गैलरी में एक कूलर की व्यवस्था की गई लेकिन भीड़ के कारण कम रहा।
बैठने तक के लिए कम रही कुर्सियां
कैंप में गर्भवती के लिए बैठने तक की व्यवस्था नहीं थी। अस्पताल प्रशासन की तरफ से कुर्सियों की जो व्यवस्था की गई वह कम रही। इसके चलते गर्भवती को खड़े रहकर बारी का इंतजार करना पड़ा। अव्यवस्था को लेकर गर्भवती महिलाएं खुद कहती मिली कि अगर व्यवस्था नहीं की जा सकती है तो क्यों कैंप लगाए जाते हैं। कैंप के लिए बाहर टेंट भी लगाया जा सकता था।
विज्ञापन
कैंप में किया जाता है रूटीन जांच
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हर माह गर्भवती की जांच की जाती है। कैंप में गर्भवती का बीपी, खून, कद आदि की जांच की जाती है ताकि डिलिवरी के दौरान दिक्कत न आएं। जांच के बाद हाईरिस्क श्रेणी में आने वाली गर्भवती की पहचान की जाती है।
जांच के लिए आईं महिलाएं बोलीं- कैंप को खुली जगह पर लगाना चाहिए
नागरिक अस्पताल में लगाए गए कैंप में जांच के लिए आई थी। लेकिन यहां पर भीड़ ज्यादा होने और जगह होने के कारण धक्का-मुक्की का माहौल रहा। अस्पताल को कैंप के लिए सही जगह पर व्यवस्था करनी चाहिए।
- हेमा, जांच के लिए आई महिला।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत लगाए गए कैंप में जांच के लिए आए थे। लेकिन यहां पर बैठने की लिए कुर्सियां कम थी। करीब एक घंटे तक उन्हें खड़े रहना पड़ा।
- योगिता, जांच के लिए आई महिला।
कैंप को खुली जगह पर लगाना चाहिए था। जहां पर कैंप लगाया गया है वह जगह बहुत थोड़ी है, इसके चलते धक्का-मुक्की रही और यहां पर पंखा भी नहीं था।
- दिशु, जांच के लिए आई महिला।
कोट
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप लगाए गए। किसी काम से मैं बाहर थी, नागरिक अस्पताल के बारे में मुझे जानकारी नहीं है।
- डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिले के सात स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप लगाया जाता है। ये अभियान हर माह की 9 तारीख का चलता है। नागरिक अस्पताल में पहले ये कैंप अल्ट्रासाउंड केंद्र के सामने लगाया जाता था। लेकिन इस बार कैंप गैलरी में आयोजित किया गया। जहां पर कैंप लगाया गया, उसकी चौड़ाई मात्र 10 फुट तक रही। गैलरी में ही स्टाफ के बैठने की व्यवस्था की गई। गैलरी में छत पर पंखा तक नहीं था। इसके चलते स्टाफ और गर्भवती को गर्मी और उमस के कारण परेशानी हुई। हालांकि गैलरी में एक कूलर की व्यवस्था की गई लेकिन भीड़ के कारण कम रहा।
विज्ञापन
बैठने तक के लिए कम रही कुर्सियां
कैंप में गर्भवती के लिए बैठने तक की व्यवस्था नहीं थी। अस्पताल प्रशासन की तरफ से कुर्सियों की जो व्यवस्था की गई वह कम रही। इसके चलते गर्भवती को खड़े रहकर बारी का इंतजार करना पड़ा। अव्यवस्था को लेकर गर्भवती महिलाएं खुद कहती मिली कि अगर व्यवस्था नहीं की जा सकती है तो क्यों कैंप लगाए जाते हैं। कैंप के लिए बाहर टेंट भी लगाया जा सकता था।
विज्ञापन
कैंप में किया जाता है रूटीन जांच
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हर माह गर्भवती की जांच की जाती है। कैंप में गर्भवती का बीपी, खून, कद आदि की जांच की जाती है ताकि डिलिवरी के दौरान दिक्कत न आएं। जांच के बाद हाईरिस्क श्रेणी में आने वाली गर्भवती की पहचान की जाती है।
जांच के लिए आईं महिलाएं बोलीं- कैंप को खुली जगह पर लगाना चाहिए
नागरिक अस्पताल में लगाए गए कैंप में जांच के लिए आई थी। लेकिन यहां पर भीड़ ज्यादा होने और जगह होने के कारण धक्का-मुक्की का माहौल रहा। अस्पताल को कैंप के लिए सही जगह पर व्यवस्था करनी चाहिए।
- हेमा, जांच के लिए आई महिला।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत लगाए गए कैंप में जांच के लिए आए थे। लेकिन यहां पर बैठने की लिए कुर्सियां कम थी। करीब एक घंटे तक उन्हें खड़े रहना पड़ा।
- योगिता, जांच के लिए आई महिला।
कैंप को खुली जगह पर लगाना चाहिए था। जहां पर कैंप लगाया गया है वह जगह बहुत थोड़ी है, इसके चलते धक्का-मुक्की रही और यहां पर पंखा भी नहीं था।
- दिशु, जांच के लिए आई महिला।
कोट
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत स्वास्थ्य केंद्रों पर कैंप लगाए गए। किसी काम से मैं बाहर थी, नागरिक अस्पताल के बारे में मुझे जानकारी नहीं है।
- डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन।

नागरिक अस्पताल में गैलरी में लगाया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व कैंप।- फोटो : Fatehabad