फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Prices of building materials increased by 15 to 25 percent, making it difficult to build houses, fatehabad

भवन निर्माण सामग्री के दाम 15 से 25 फीसदी बढ़े, घर बनाना मुश्किल

Thu, 23 Jan 2020 12:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2020 12:06 AM IST
विज्ञापन
Prices of building materials increased by 15 to 25 percent, making it difficult to build houses, fatehabad
हुडा सेक्टर में निर्माणाधीन कोठी - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। पिछले 10 दिनों से भवन निर्माण सामग्री के दामों में 15 से 25 फीसदी की वृद्धि होने से लोगों का घर बनाना मुश्किल हो गया है। वहीं दाम बढ़ने से कंस्ट्रक्शन ठेकेदारों को भी दिक्कतें आनी शुरू हो गई है। दाम बढ़ने का कारण सीमेंट कंपनियों का पूल, ट्रकों की ओवर लोड बंद होना तथा ईंट भट्ठों की चिमनियों को हाई-ड्राफ्ट करने के आदेशों को कारण बताया जा रहा है।
विज्ञापन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले दिनों सीमेंट के भाव 330 रुपये प्रति बैग चल रहे थे, जिसके दाम अब बढ़कर 350 से 370 रुपये प्रति बैग पहुंच गए है। ऐसे ही सरिया के दाम 4500 रुपये क्विंटल था, जो अब बढ़कर 5 हजार तक पहुंच गया है। रेता के भाव 25 रुपये से बढ़कर 30 रुपये फुट, बजरी के भाव 30 से बढ़कर 38 रुपये फुट, क्रेशर के भाव 32 से बढ़कर 40 रुपये फुट तक पहुंच गए है, जबकि ईंट के भाव 4500 रुपये प्रति हजार से 5 हजार रुपये प्रति हजार हो गया है।
विज्ञापन

इस कारण बढ़े सीमेंट के दाम
सीमेंट कंपनियों द्वारा हर वर्ष इन दिनों एकजुट होकर पूल कर लिया जाता है। इसके बाद कंपनियां सीमेंट की अपनी ही मर्जी से दरें तय करती है। इस बार भी कंपनियों ने सीमेंट के भाव 330 रुपये से बढ़ाकर 350 से 370 तक कर दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस कारण बढ़े रेता, बजरी व सरिया के दाम
सरिया, रेता, बजरी, क्रेशर के दाम बढ़ने के कारण सरकार स्वयं है। बताया जा रहा है कि पहले जो ट्रक 10 टन पास होता था वह 20 से 25 टन लादकर अपने गंतव्य को जाता था। ऐसे में उसको डीजल के दाम तथा ट्रक के खर्च तथा ड्राइवर के खर्चे मार नहीं करते थे, लेकिन सरकार ने अब ओवरलोड को बंद करके ट्रकों को आदेश दिए हैं कि वह अंडर लोड चले। जिससे ट्रक की माल लोड करने की क्षमता अढ़ाई गुणा कम हो गई। उसके बाद उसने दाम बढ़ा दिए। इसके अलावा खानक में कई दिनों बाद खनन होने से माल की डिमांड बढ़ गई, जिस कारण कै्रशर मालिकों ने दाम बढ़ा दिए।
इस कारण बढ़े ईंटों के दाम
सुप्रीम कोर्ट व नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ईंट भट्ठा संचालकों को आदेश दिए थे कि ईंट भट्ठा अत्यधिक मात्रा में प्रदूषण फैला रहे हैं, अगर ईंट भट्ठे चलाने है तो इनकी चिमनियों को निर्माण हाइ ड्राफ्ट तरीके से किया जाए। कोर्ट के इस आदेशों पर जिले के 40 फीसदी भट्ठे बंद हो गए, जबकि अन्य ने 50 लाख रुपये की लागत से हाइ-ड्राफ्ट चिमनियों का निर्माण करवाया। जिस कारण उनकी ईंट भट्ठे की दर बढ़ गई। जिस कारण ईंट भट्ठा संचालकों ने ईंटों के दाम बढ़ा दिए है।
वर्जन
बिल्डिंग मैटेरियल के दामों में वृद्धि से कंस्ट्रक्शन कोस्ट बढ़ जाएगी। जिस कारण ठेकेदार निर्माण के लिए बढ़े हुए रेट डालेंगे। ऐसे में किसी भी प्रोजेक्ट की लागत बढ़ जाएगी। इसके अलावा आम लोगों को मकान बनाने के लिए भी ज्यादा पैसे देने होंगे। दोनों ही दिशा में बोझ आम उपभोक्ता पर पड़ेगा।
- आरके मेहता, एसडीओ, लोकनिर्माण विभाग
पिछले दिनों से रेता, बजरी, सीमेंट व ईंटों के दामों में खासी वृद्धि हो गई है। जिस कारण कई मकानों का निर्माण बीच में रुक गया है। वजह है जिस व्यक्ति का मकान बनाने का बजट 20 लाख का था अब वह 24 से 25 लाख तक हो गया है।

- राकेश मेहता, बिल्डिंग मैटेरियल व्यवसायी देवी लाल मार्केट, फतेहाबाद।
भवन निर्माण सामग्री के दाम अनाप-शनाप बढ़ते जा रहे हैं। चाहे ईंट भट्ठे वाला हो या क्रैशर मालिक सरकार पर किसी का दबाव नहीं है। यह लोग मनमर्जी से रेट बढ़ा देते हैं।
- दीपक मेहता, हुडा सेक्टर में कोठी का निर्माण कर रहे शहरवासी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed