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गर्भवती को दाखिल नहीं करने पर परिजनों का हंगामा
फतेहादबाद ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sat, 25 Jun 2016 11:50 PM IST
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hangama
- फोटो : amar ujala
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सिविल अस्पताल में शनिवार सुबह 10 बजे डिलीवरी के लिए आई महिला को डॉक्टर द्वारा एडमिट करने से मना करने पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि महिला चिकित्सक ने रिपोर्ट देखने के बाद फेंक दी और धक्कामुक्की की। उधर, महिला चिकित्सक ने 4-5 युवकों पर केबिन में घुसकर दुर्व्यवहार करने और धक्का मारने का आरोप लगाया है। उन्होंने एसएमओ डॉ. ओपी दहमीवाल को शिकायत दी है। लगभग तीन घंटे तक गर्भवती महिला के परिजन एसएमओ कार्यालय के बाहर हंगामा करते रहे और इस हंगामे में महिला पिसती रही। सूचना मिलने पर शहर थाना से पुलिस सिविल अस्पताल में पहुंची और महिला की हालत को देखते हुए हस्तक्षेप कर अग्रोहा रेफर करवा दिया।
गांव बीघड़ से गर्भवती लक्ष्मी पत्नी विष्णु अपनी सास कृष्णा के साथ सिविल अस्पताल में पहुंची। जहां पर एएनएम विनीता की मदद से लक्ष्मी को महिला चिकित्सक को दिखाया गया। सास कृष्णा का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. स्वर्ण वधवा को जब रिपोर्ट दिखाई गई तो उसने रिपोर्ट फेंकते हुए दाखिल करने से मना कर दिया और कहा, हम दाखिल नहीं करते यहां से चले जाओ। कृष्णा ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने बाहर निकालते हुए कहा कि लक्ष्मी का खून छह ग्राम है, तुम नौ महीने कहां थे। हम अब इलाज नहीं करेंगे। डाक्टर द्वारा दाखिल नहीं करने पर परिजन बिफर गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
आपस में उलझे रहे, महिला की ओर नहीं दिया ध्यान
जिस महिला की डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल में लाया गया, उसे दाखिल करने पर शुरू हुए विवाद के बाद डाक्टरों और अन्य स्टाफ ने संभालना भी उचित नहीं समझा। महिला तीन घंटे तक एसएमओ के केबिन के बाहर बैठी रही। जबकि डाक्टर उसकी कंडीशन नाजुक बताकर अग्रोहा रेफर कर रहे थे।
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डाक्टर का आरोप, केबिन में घुसे 4-5 युवक
वह कमरा नंबर-10 में पेशेंट देख रही थी। उसी समय लक्ष्मी आशा वर्कर के साथ आई। महिला का एचबी छह ग्राम और फुल टर्म थी। मरीज को अग्रोहा मेडिकल लेकर जाने को कहा गया। इस पर मरीज के साथ आई महिलाओं ने यहीं पर उपचार शुरू करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया और बहस करने लगे। इसी दौरान 5-6 युवक कमरे के अंदर घुस आए और उसके साथ बदतमीजी करने लगे। कमरे से उठकर एसएमओ के कमरे के अंदर जाने लगी तो एक युवक ने कंधे से पकड़कर धक्का दे दिया।
डॉ. स्वर्ण वधवा, चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल, फतेहबाद
गर्भवती महिला का एचबी 6 ग्राम था। ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर ने उसे अग्रोहा ले जाने के लिए कहा क्योंकि वहां सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन इसी दौरान 5-6 युवकों ने महिला डाक्टर के केबिन में आकर बदतमीजी की। ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर ने शिकायत दी है, जिसे एसएमओ के मार्फत शहर थाना पुलिस को दे दी गई है।
डॉ. गिरीश, डिप्टी सिविल सर्जन
गांव बीघड़ से गर्भवती लक्ष्मी पत्नी विष्णु अपनी सास कृष्णा के साथ सिविल अस्पताल में पहुंची। जहां पर एएनएम विनीता की मदद से लक्ष्मी को महिला चिकित्सक को दिखाया गया। सास कृष्णा का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. स्वर्ण वधवा को जब रिपोर्ट दिखाई गई तो उसने रिपोर्ट फेंकते हुए दाखिल करने से मना कर दिया और कहा, हम दाखिल नहीं करते यहां से चले जाओ। कृष्णा ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने बाहर निकालते हुए कहा कि लक्ष्मी का खून छह ग्राम है, तुम नौ महीने कहां थे। हम अब इलाज नहीं करेंगे। डाक्टर द्वारा दाखिल नहीं करने पर परिजन बिफर गए और उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
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आपस में उलझे रहे, महिला की ओर नहीं दिया ध्यान
जिस महिला की डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल में लाया गया, उसे दाखिल करने पर शुरू हुए विवाद के बाद डाक्टरों और अन्य स्टाफ ने संभालना भी उचित नहीं समझा। महिला तीन घंटे तक एसएमओ के केबिन के बाहर बैठी रही। जबकि डाक्टर उसकी कंडीशन नाजुक बताकर अग्रोहा रेफर कर रहे थे।
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डाक्टर का आरोप, केबिन में घुसे 4-5 युवक
वह कमरा नंबर-10 में पेशेंट देख रही थी। उसी समय लक्ष्मी आशा वर्कर के साथ आई। महिला का एचबी छह ग्राम और फुल टर्म थी। मरीज को अग्रोहा मेडिकल लेकर जाने को कहा गया। इस पर मरीज के साथ आई महिलाओं ने यहीं पर उपचार शुरू करने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया और बहस करने लगे। इसी दौरान 5-6 युवक कमरे के अंदर घुस आए और उसके साथ बदतमीजी करने लगे। कमरे से उठकर एसएमओ के कमरे के अंदर जाने लगी तो एक युवक ने कंधे से पकड़कर धक्का दे दिया।
डॉ. स्वर्ण वधवा, चिकित्सा अधिकारी, नागरिक अस्पताल, फतेहबाद
गर्भवती महिला का एचबी 6 ग्राम था। ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर ने उसे अग्रोहा ले जाने के लिए कहा क्योंकि वहां सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन इसी दौरान 5-6 युवकों ने महिला डाक्टर के केबिन में आकर बदतमीजी की। ड्यूटी पर मौजूद डाक्टर ने शिकायत दी है, जिसे एसएमओ के मार्फत शहर थाना पुलिस को दे दी गई है।
डॉ. गिरीश, डिप्टी सिविल सर्जन