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Fatehabad News: गर्भवती को एएनएम के पास करवाना होगा पंजीकरण, आईडी के बाद ही संचालक कर पाएंगे अल्ट्रासाउंड
Fri, 07 Feb 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 07 Feb 2025 11:43 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में पीपीपी मोड़ पर चल रहा अल्ट्रासाउंड सेंटरसंवाद
फतेहाबाद। बिगड़ते लिंगानुपात को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम के पास गर्भवती को पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया है। पंजीकरण होने के बाद आईडी जनरेट होगी। उस आईडी को दिखाने के बाद ही वे अल्ट्रसाउंड करवा पाएंगी। जिले में कुल 52 अल्ट्रासाउंड केंद्र हैं।
गर्भवती को पहले अपने क्षेत्र की एएनएम के पास पंजीकरण करवाना होगा। यहां से उसे प्रजनन व बाल स्वास्थ्य यानि आरसीएच आईडी गर्भवती को दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने संचालकों को आरसीएच आईडी चेक करने के बाद ही अल्ट्रासाउंड करने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती का दो से तीन बार अल्ट्रासाउंड होता है। जिले का पिछले साल 926 लिंगानुपात रहा है। जिले में पिछले साल 7912 लड़कों व 7332 लड़कियों ने जन्म लिया। लिंगानुपात के असमान अंतर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह पहल की है।
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पिछले साल जिले का ये रहा है लिंगानुपात
माह लिंगानुपात
जनवरी 855
फरवरी 980
मार्च 1064
अप्रैल 897
मई 847
जून 789
जुलाई 927
अगस्त 902
सितंबर 1046
अक्तूबर 968
नवंबर 834
दिसंबर 886
कुल 926
-एएनएम के पास करवानी होगी प्रथम जांच
अधिकारियों की माने तो महिला को अपने गर्भवती होने का पता लगने के बाद क्षेत्र की एएनएम के पास जाकर जांच करवानी होगी। एएनएम जांच करेगी और फिर पोर्टल पर उसका रिकॉर्ड दर्ज करेगी। इसके बाद आरसीएच आईडी जारी होगी। ये आईडी दिखाने के बाद ही संचालक उसका अल्ट्रासाउंड कर पाएंगे।
- गर्भवती को ट्रैक करेगा विभाग
अधिकारियों की माने तो गर्भवती को ट्रैक करने के लिए ये अनिवार्य किया गया है। कई गर्भवती एएनएम के पास पंजीकरण नहीं करवाती हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग का पता नहीं चल पाता है। पंजीकरण के बाद गर्भवती का डिलिवरी होने तक रिकॉर्ड रहेगा।
-
गर्भवती को एएनएम के पास रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। यहां से उसे एक आईडी मिलेगी। ये आईडी दिखाने के बाद ही अल्ट्रासाउंड हो पाएगा। इसको लेकर सभी संचालकों को निर्देश दे दिए गए है।
- डॉ. भरत सहारण, उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद।
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गर्भवती को पहले अपने क्षेत्र की एएनएम के पास पंजीकरण करवाना होगा। यहां से उसे प्रजनन व बाल स्वास्थ्य यानि आरसीएच आईडी गर्भवती को दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने संचालकों को आरसीएच आईडी चेक करने के बाद ही अल्ट्रासाउंड करने के निर्देश दिए हैं।
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बता दें कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती का दो से तीन बार अल्ट्रासाउंड होता है। जिले का पिछले साल 926 लिंगानुपात रहा है। जिले में पिछले साल 7912 लड़कों व 7332 लड़कियों ने जन्म लिया। लिंगानुपात के असमान अंतर को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह पहल की है।
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पिछले साल जिले का ये रहा है लिंगानुपात
माह लिंगानुपात
जनवरी 855
फरवरी 980
मार्च 1064
अप्रैल 897
मई 847
जून 789
जुलाई 927
अगस्त 902
सितंबर 1046
अक्तूबर 968
नवंबर 834
दिसंबर 886
कुल 926
-एएनएम के पास करवानी होगी प्रथम जांच
अधिकारियों की माने तो महिला को अपने गर्भवती होने का पता लगने के बाद क्षेत्र की एएनएम के पास जाकर जांच करवानी होगी। एएनएम जांच करेगी और फिर पोर्टल पर उसका रिकॉर्ड दर्ज करेगी। इसके बाद आरसीएच आईडी जारी होगी। ये आईडी दिखाने के बाद ही संचालक उसका अल्ट्रासाउंड कर पाएंगे।
- गर्भवती को ट्रैक करेगा विभाग
अधिकारियों की माने तो गर्भवती को ट्रैक करने के लिए ये अनिवार्य किया गया है। कई गर्भवती एएनएम के पास पंजीकरण नहीं करवाती हैं। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग का पता नहीं चल पाता है। पंजीकरण के बाद गर्भवती का डिलिवरी होने तक रिकॉर्ड रहेगा।
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गर्भवती को एएनएम के पास रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। यहां से उसे एक आईडी मिलेगी। ये आईडी दिखाने के बाद ही अल्ट्रासाउंड हो पाएगा। इसको लेकर सभी संचालकों को निर्देश दे दिए गए है।
- डॉ. भरत सहारण, उप सिविल सर्जन, फतेहाबाद।