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Fatehabad News: अल्ट्रासाउंड न होने से भटकती रहीं गर्भवती
Wed, 31 Dec 2025 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 31 Dec 2025 11:15 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में शिविर के दौरान जांचके लिए रजिस्ट्रेशन करातीं महिलाएं।संवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में बुधवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए बुधवार को जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन कर स्वास्थ्य जांच की गई। हालांकि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद होने के कारण महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्हें जांच के लिए निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर जाना पड़ा।
शिविर के दौरान करीब 80 गर्भवती महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया। इनमें महिलाओं की ब्लड और यूरिन जांच की गई। महिला रोग विशेषज्ञ ने जांच के दौरान हाई रिस्क प्रेगेंसी की पहचान की। चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह भी दी।
इसी दिन नागरिक अस्पताल में दिव्यांग जांच शिविर भी आयोजित किया गया जिसमें दिव्यांग प्रमाण पत्र से संबंधित जांच प्रक्रिया पूरी की गई। अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया कि दोनों शिविरों का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है।
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पहले माह में लगते थे तीन शिविर
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत नागरिक अस्पताल में पहले प्रत्येक माह तीन शिविर आयोजित किए जाते थे। ये शिविर हर माह की 9, 10 और 23 तारीख को लगते थे। अब इस संख्या को बढ़ाकर चार कर दिया गया है। इसके तहत माह के अंतिम दिन भी शिविर लगाया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को लाभ मिल सके। शिविर के दौरान बीपी, शुगर, कद कम होना, पहले सिजेरियन डिलीवरी होना जैसी स्थितियों को हाई रिस्क प्रेगेंसी में शामिल किया जाता है, ताकि समय रहते उचित उपचार और देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हर माह चार शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविर में गर्भवती की जांच करके उच्च जोखिम को चिह्नित किया जा रहा है। इससे गर्भवती पर विशेष निगरानी रखी जाती है ताकि डिलिवरी के दौरान उच्च जोखिम न रहे।
डॉ.भरत सहारण, उप सिविल सर्जन
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शिविर के दौरान करीब 80 गर्भवती महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया। इनमें महिलाओं की ब्लड और यूरिन जांच की गई। महिला रोग विशेषज्ञ ने जांच के दौरान हाई रिस्क प्रेगेंसी की पहचान की। चिकित्सकों ने गर्भवती महिलाओं को समय पर जांच और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह भी दी।
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इसी दिन नागरिक अस्पताल में दिव्यांग जांच शिविर भी आयोजित किया गया जिसमें दिव्यांग प्रमाण पत्र से संबंधित जांच प्रक्रिया पूरी की गई। अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया कि दोनों शिविरों का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है।
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पहले माह में लगते थे तीन शिविर
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत नागरिक अस्पताल में पहले प्रत्येक माह तीन शिविर आयोजित किए जाते थे। ये शिविर हर माह की 9, 10 और 23 तारीख को लगते थे। अब इस संख्या को बढ़ाकर चार कर दिया गया है। इसके तहत माह के अंतिम दिन भी शिविर लगाया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को लाभ मिल सके। शिविर के दौरान बीपी, शुगर, कद कम होना, पहले सिजेरियन डिलीवरी होना जैसी स्थितियों को हाई रिस्क प्रेगेंसी में शामिल किया जाता है, ताकि समय रहते उचित उपचार और देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से हर माह चार शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविर में गर्भवती की जांच करके उच्च जोखिम को चिह्नित किया जा रहा है। इससे गर्भवती पर विशेष निगरानी रखी जाती है ताकि डिलिवरी के दौरान उच्च जोखिम न रहे।
डॉ.भरत सहारण, उप सिविल सर्जन