{"_id":"605b77878ebc3ee63a17afe2","slug":"pregnant-and-child-died-during-delivery-family-uproar-fatehabad-news-rtk601503362","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिलिवरी के दौरान गर्भवती और बच्चे की मौत, परिजनों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिलिवरी के दौरान गर्भवती और बच्चे की मौत, परिजनों का हंगामा
विज्ञापन
पीड़ित परिजनों से बात करते हुए थाना प्रभारी रूपेश चौधरी।
- फोटो : Fatehabad
टोहाना रोड स्थित एक निजी अस्पताल में बुधवार को डिलिवरी के दौरान महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। जैसे ही मृतका के परिजनों को दोनों की मौत की जानकारी मिली तो वे अस्पताल के बाहर एकजुट हो गए। उन्होंने डॉक्टरों पर समय पर डिलिवरी न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा होते देख अस्पताल की संचालिका वहां से पिछले दरवाजे से निकल गई, ताकि कोई हमला न कर दे। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस के समझाने के बाद परिजन शांत हुए। गर्भवती महिला अपने मायके गांव नंगल में डिलिवरी कराने के लिए आई हुई थी।
पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद मृतका के परिजन वहां से चले गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल को बंद करवाकर बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया। मृतका सुनीता के भाई हरदीप के बयान पर अस्पताल संचालकों के खिलाफ लापरवाही से मौत सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।
नंगल गांव की 28 वर्षीय सुनीता की शादी सात साल पहले पंजाब के जिला मानसा के गांव संघा निवासी वकील सिंह के साथ हुई थी। पांच वर्ष पूर्व सुनीता को एक बेटी हुई थी। अब नौ माह की गर्भवती सुनीता अपनी दूसरी डिलिवरी के लिए कुछ दिन पहले अपने गांव नंगल आई थी। बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे प्रसव पीड़ा के चलते सुनीता के परिजन टोहाना रोड स्थित निजी अस्पताल में सुनीता को लेकर डिलिवरी के लिए आए। मृतका सुनीता के भाई हरदीप व अन्य परिजनों का आरोप है कि समय पर डिलिवरी न करने के कारण सुनीता की मौत हो गई। साथ में गर्भ में बच्चा भी मर गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा आनन-फानन में बगैर बताए उसकी बहन को एक वाहन में डालकर पीछे के दरवाजे से एक अन्य निजी अस्पताल भिजवा दिया। वहां पर मौजूद डॉक्टरों ने सुनीता को मृत घोषित कर दिया। इस पर मृतका के परिजनों में गुस्सा बढ़ गया। कई युवक अस्पताल के अंदर घुसने लगे, लेकिन सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को अस्पताल के बाहर निकाला। शहर थाना अध्यक्ष रूपेश चौधरी ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। मृतका के भाई हरदीप के बयान पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद मृतका के परिजन वहां से चले गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल को बंद करवाकर बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया। मृतका सुनीता के भाई हरदीप के बयान पर अस्पताल संचालकों के खिलाफ लापरवाही से मौत सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।
विज्ञापन
नंगल गांव की 28 वर्षीय सुनीता की शादी सात साल पहले पंजाब के जिला मानसा के गांव संघा निवासी वकील सिंह के साथ हुई थी। पांच वर्ष पूर्व सुनीता को एक बेटी हुई थी। अब नौ माह की गर्भवती सुनीता अपनी दूसरी डिलिवरी के लिए कुछ दिन पहले अपने गांव नंगल आई थी। बुधवार सुबह करीब साढ़े छह बजे प्रसव पीड़ा के चलते सुनीता के परिजन टोहाना रोड स्थित निजी अस्पताल में सुनीता को लेकर डिलिवरी के लिए आए। मृतका सुनीता के भाई हरदीप व अन्य परिजनों का आरोप है कि समय पर डिलिवरी न करने के कारण सुनीता की मौत हो गई। साथ में गर्भ में बच्चा भी मर गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा आनन-फानन में बगैर बताए उसकी बहन को एक वाहन में डालकर पीछे के दरवाजे से एक अन्य निजी अस्पताल भिजवा दिया। वहां पर मौजूद डॉक्टरों ने सुनीता को मृत घोषित कर दिया। इस पर मृतका के परिजनों में गुस्सा बढ़ गया। कई युवक अस्पताल के अंदर घुसने लगे, लेकिन सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को अस्पताल के बाहर निकाला। शहर थाना अध्यक्ष रूपेश चौधरी ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। मृतका के भाई हरदीप के बयान पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन