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Fatehabad News: प्रधान ने नहीं बुलाई 9 माह से हाउस की बैठक, बिल भुगतान कमेटी भी नहीं बनी
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फतेहाबाद। नगर परिषद में प्रधान-उपप्रधान के बाद अब अधिकारियों के साथ चल रही खींचतान के चलते 9 माह बीतने के बाद भी हाउस की बैठक नहीं बुलाई गई है। हालात ये हो गए है कि नगर निकाय बार-बार बिल भुगतान कमेटी के गठन को लेकर पत्राचार कर रहा है। मगर बैठक नहीं होने के चलते बिल भुगतान कमेटी भी नहीं बनाई गई है। हाउस की बैठक न होने के चलते पार्षद पिछले एजेंडों की समीक्षा नहीं कर पा रहे हैं और नए कार्यों को लेकर एजेंडे पेश नहीं कर पा रहे हैं। नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची को हाउस की बैठक बुलानी होती है। लेकिन पिछले दिनों में प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची और उपप्रधान सविता टुटेजा के बीच खींचतान चलती रही और अब प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची की नगर परिषद के अधिकारियों के साथ खींचतान चल रही है। नगर परिषद अधिकारियों द्वारा सुंदरीकरण को लेकर लगाए गए टेंडरों को प्रधान रद्द करने को लेकर पत्र लिख चुके है। इसको लेकर शहर में चर्चाओं का माहौल भी गर्म है।
गौरतलब है कि नगर परिषद में फाइनेंस कमेटी के साथ-साथ बिल भुगतान कमेटी का गठन भी किया जाना है। इस कमेटी में प्रधान, संबंधित वार्ड का पार्षद और हाउस की तरफ से चुने गए पार्षद को शामिल किया जाना है। ये कमेटी ही पेमेंट जारी करने की अनुमति देगी। लेकिन हाउस द्वारा बैठक न होने से एक पार्षद सदस्य को नहीं चुना गया है। बिल भुगतान कमेटी की माह में तीन बार बैठक होना जरूरी है। इसके अलावा बैठक में 75 फीसदी सदस्य होने जरूरी है। अगर 75 फीसदी सदस्य है तो वह भी मंजूरी दे सकते हैं।
फरवरी माह में हुई थी हाउस की बैठक
नगर परिषद में हाउस की बैठक फरवरी माह में हुई थी। इस दौरान विधायक दुड़ाराम भी शामिल हुए थे। बैठक में काफी हंगामा हुआ था। इसके बाद नगर परिषद में हाउस की बैठक नहीं बुलाई गई। जबकि अभी पिछले साल ही नगर परिषद में नए हाउस का गठन हुआ है।
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12 करोड़ के लग चुके हैं टेंडर
नगर परिषद अधिकारियों द्वारा पिछले दिनों रिपोर्ट भी तैयार की गई। इस रिपोर्ट के मुताबिक करीब 12 करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर लगाए जा चुके हैं। अधिकतर टेंडरों पर काम हो चुका है और कुछ पर काम चल रहा है। इसके बाद करीब चार करोड़ के सुंदरीकरण के प्रोजेक्टों के टेंडर लग चुके हैं।
कोट
नियम अनुसार हाउस की बैठक हर माह होनी चाहिए लेकिन यहां लंबे समय से बैठक नहीं बुलाई गई है। बैठक न होने से पार्षद एजेंडे नहीं रख पा रहे हैं और न ही पिछली बैठकों की समीक्षा हो पा रही है।
- मोहन लाल नारंग, पार्षद
कोट
नगर परिषद में हाउस की बैठक बुलाने का अधिकार प्रधान को होता है। प्रधान आदेश करेंगे तो बैठक बुला ली जाएगी।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद
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गौरतलब है कि नगर परिषद में फाइनेंस कमेटी के साथ-साथ बिल भुगतान कमेटी का गठन भी किया जाना है। इस कमेटी में प्रधान, संबंधित वार्ड का पार्षद और हाउस की तरफ से चुने गए पार्षद को शामिल किया जाना है। ये कमेटी ही पेमेंट जारी करने की अनुमति देगी। लेकिन हाउस द्वारा बैठक न होने से एक पार्षद सदस्य को नहीं चुना गया है। बिल भुगतान कमेटी की माह में तीन बार बैठक होना जरूरी है। इसके अलावा बैठक में 75 फीसदी सदस्य होने जरूरी है। अगर 75 फीसदी सदस्य है तो वह भी मंजूरी दे सकते हैं।
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फरवरी माह में हुई थी हाउस की बैठक
नगर परिषद में हाउस की बैठक फरवरी माह में हुई थी। इस दौरान विधायक दुड़ाराम भी शामिल हुए थे। बैठक में काफी हंगामा हुआ था। इसके बाद नगर परिषद में हाउस की बैठक नहीं बुलाई गई। जबकि अभी पिछले साल ही नगर परिषद में नए हाउस का गठन हुआ है।
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12 करोड़ के लग चुके हैं टेंडर
नगर परिषद अधिकारियों द्वारा पिछले दिनों रिपोर्ट भी तैयार की गई। इस रिपोर्ट के मुताबिक करीब 12 करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर लगाए जा चुके हैं। अधिकतर टेंडरों पर काम हो चुका है और कुछ पर काम चल रहा है। इसके बाद करीब चार करोड़ के सुंदरीकरण के प्रोजेक्टों के टेंडर लग चुके हैं।
कोट
नियम अनुसार हाउस की बैठक हर माह होनी चाहिए लेकिन यहां लंबे समय से बैठक नहीं बुलाई गई है। बैठक न होने से पार्षद एजेंडे नहीं रख पा रहे हैं और न ही पिछली बैठकों की समीक्षा हो पा रही है।
- मोहन लाल नारंग, पार्षद
कोट
नगर परिषद में हाउस की बैठक बुलाने का अधिकार प्रधान को होता है। प्रधान आदेश करेंगे तो बैठक बुला ली जाएगी।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद