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Fatehabad News: मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों के शवों का मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की देखरेख में हुआ पोस्टमार्टम
Sat, 21 Dec 2024 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 21 Dec 2024 11:09 PM IST
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फतेहाबाद के जिला नागरिक अस्पताल में विलाप करते हुए मृतक बदमाशों के परिजन। संवाद
फतेहाबाद। गांव बड़ोपल के पास पुलिस व बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों के शवों की पोस्टमार्टम प्रक्रिया शनिवार दोपहर बाद शुरू की गई। पोस्टमार्टम से पहले मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव कुमार भी पहुंचे और कोर्ट से संबंधित कार्रवाई पूरी की।
वारदात के दौरान बदमाश रवि पुलिस कस्टडी में था। इसलिए यह कागजी कार्रवाई पूरी की गई। शनिवार दोपहर को फरीदाबाद पुलिस के अलावा स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। उधर, सदर थाना पुलिस फरीदाबाद ने एक्सपोर्ट गार्द एसआई अनिल कुमार की शिकायत पर मामला भी दर्ज कर लिया है।
जांच में सामने आया है कि काले रंग की स्कॉर्पियों में 6-7 युवक आए थे। जिन्होंने रवि को छुड़वाने का प्रयास करते हुए फायरिंग की। रविवार को नागरिक अस्पताल के पोस्टमार्टम घर में मृतकों के परिजन भी पहुंचे। परिजन किसी तरह की जानकारी मीडिया को देने से बचते रहे। मारे गए बदमाशों के काला जठेड़ी गैंग से तार जुड़े होने के चलते पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही।
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-यह था मामला
हिसार-सिरसा नेशनल हाईवे पर स्थित गांव बड़ोपल के पास बने टॉप फैमिली ढाबा पर शुक्रवार दोपहर को पुलिस की हिरासत से सोनीपत के गांव जागसी निवासी बदमाश रवि को छुड़वाने आए बदमाशों व पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई थी। फरीदाबाद जेल में बंद रवि पर फतेहाबाद में वर्ष 2021 में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। फरीदाबाद पुलिस रवि को फतेहाबाद कोर्ट में इसी मामले के संबंध में पेशी पर लेकर आई थी। पुलिस कर्मचारी जब होटल पर थे तो इसी दौरान तीन युवक पैदल ही आए। आते ही रवि को छुड़वाने का प्रयास के लिए फायरिंग कर दी। फरीदाबाद पुलिस के चार जवान थे। ऐसे में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग कर दी। एक बदमाश रोहतक के कानाखेड़ी निवासी अंकित के माथे पर गोली लग गई। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वही पुलिस हिरासत से रवि भागने लगा तो फायरिंग में रवि को गोली लग गई। वहीं देर रात को एक आरोपी को पुलिस ने खासा महाजन के पास पकड़ लिया। उक्त आरोपी हिसार निवासी मनोज ने पुलिस को देखकर खुद को गोली मार ली थी। जिसका उपचार फिलहाल अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
तीन डॉक्टरों के पैनल ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कर दिया है। मामले में फिलहाल अभी जांच जारी है।
-आस्था मोदी, पुलिस अधीक्षक, फतेहाबाद
अपराध की दुनिया में कदम रखा तो अवैध शस्त्र अधिनियम में पकड़ा गया रवि जागसी
गोहाना। फतेहाबाद में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया गांव जागसी का रवि करीब डेढ़ दशक पहले अवैध शस्त्र अधिनियम और झगड़ों के मामलों से अपराध की दुनिया में आया था। उसके बाद हत्या, लूट जैसे बड़े अपराध करने लगा। पांच साल पहले उसने गिरोह बना डाला।
शुक्रवार को गांव जागसी के कुख्यात रवि को फरीदाबाद पुलिस फतेहाबाद न्यायालय में एक मामले की पेशी के लिए लेकर आई थी। न्यायालय में पेशी के बाद जब टीम उसे वापस लेकर जा रही थी। उसी दौरान उसके साथियों ने उसे पुलिस कस्टडी से छुड़वाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में गोली लगने से रवि की मौत हो गई। कुख्यात रवि जागसी गिरोह के तीन बदमाशों को सीआईए गोहाना की टीम ने तीन वर्ष पहले दबोचा था। तब कई वारदातों से पर्दा उठा था।
रवि जब गांव के स्कूल में पढ़ाई कर रहा था ते उसने झगड़ा करना शुरू कर दिया था। अक्सर वह झगड़े करता था। पढ़ाई छोड़ने के कुछ वर्ष बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। सदर थाना गोहाना पुलिस ने उसे वर्ष 2012 में अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। उसी वर्ष उस पर हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज हुआ। इस घटना में पुलिस पर गोली चलाई थी।
इसके बाद वह जेल में गया। जब जेल से बाहर आया तो अपराध की दलदल में फंसता गया। नौ साल पहले उसने गांव छोड़ दिया और गुरुग्राम चला गया। वर्ष 2017 में उसने गुरुग्राम, रोहतक, गोहाना व अन्य जगहों पर ताबड़तोड़ हत्या, हत्या की कोशिश व अन्य वारदातों को अंजाम दिया। इसके बाद अपना गिरोह बना लिया। गुरुग्राम के अलावा कई जिलों में वारदात की।
रवि पर भी सोनीपत, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, फतेहबाद, दिल्ली, पानीपत, रोहतक में 28 मामले दर्ज थे। पांच साल पहले गिरोह बनाने के बाद उसमें कई बदमाशों को साथ मिलाया। तीन साल पहले जब इसके तीन गुर्गे पकड़े गए तो गोहाना पुलिस ने 16 वारदातों से पर्दा उठाया था। बताया जा रहा है रवि ने प्रेम विवाह कर रखा है। उसके पिता व भाई की पहले मौत हो चुकी है।
अंकित का देर शाम पहुंचा शव, रात में ही किया अंतिम संस्कार
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। सदर थानाक्षेत्र के कान्ही गांव निवासी अंकित का परिवार काफी सामान्य है। वह दो बहनों का इकलौता भाई था और चार माह पहले ही उसने प्रेम विवाह किया था। उसके पिता गांव में परचून आदि की दुकान चलाकर परिवार का लालन-पालन कर रहे थे।
देर शाम जब शव आया तो परिवार में कोहराम मच गया और रात करीब 10 बजे उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अंकित पर चोरी, लूट और डकैती एवं आर्म्स एक्ट के विभिन्न जिलों में पांच मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने बताया कि अंकित अपने ममेरे भाई सोनीपत के जागसी निवासी रवि और जंगेठी गिरोह के संपर्क में भी था।
अंकित ने चार माह पहले ही पलवल निवासी युवती से प्रेम विवाह किया था। ग्रामीणों ने बताया कि वह रवि को बेकसूर मानता था और पुलिस पर उसे (रवि को) फंसाने का आरोप लगाता था। वह अकसर उसे छुड़ाने की बात करता था, लेकिन उनको यह पता नहीं था कि वह इस तरह पुलिस हिरासत से उसे छुड़ाएगा। वह समझते थे कि कोर्ट-कचहरी में पैरवी करके उसे छुटाने की बात करता है। ग्रामीणों ने बताया कि अंकित के पिता नरेंद्र लगातार उसे समझाते थे कि वह रवि और दूसरों के चक्कर में न आए, लेकिन उसने एक नहीं सुनी और अंत में परिवार को अकेला छोड़ गया। हालांकि उस पर सोनीपत, झज्जर और रोहतक में पांच मुकदमे दर्ज थे।
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वारदात के दौरान बदमाश रवि पुलिस कस्टडी में था। इसलिए यह कागजी कार्रवाई पूरी की गई। शनिवार दोपहर को फरीदाबाद पुलिस के अलावा स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। उधर, सदर थाना पुलिस फरीदाबाद ने एक्सपोर्ट गार्द एसआई अनिल कुमार की शिकायत पर मामला भी दर्ज कर लिया है।
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जांच में सामने आया है कि काले रंग की स्कॉर्पियों में 6-7 युवक आए थे। जिन्होंने रवि को छुड़वाने का प्रयास करते हुए फायरिंग की। रविवार को नागरिक अस्पताल के पोस्टमार्टम घर में मृतकों के परिजन भी पहुंचे। परिजन किसी तरह की जानकारी मीडिया को देने से बचते रहे। मारे गए बदमाशों के काला जठेड़ी गैंग से तार जुड़े होने के चलते पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही।
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-यह था मामला
हिसार-सिरसा नेशनल हाईवे पर स्थित गांव बड़ोपल के पास बने टॉप फैमिली ढाबा पर शुक्रवार दोपहर को पुलिस की हिरासत से सोनीपत के गांव जागसी निवासी बदमाश रवि को छुड़वाने आए बदमाशों व पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई थी। फरीदाबाद जेल में बंद रवि पर फतेहाबाद में वर्ष 2021 में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। फरीदाबाद पुलिस रवि को फतेहाबाद कोर्ट में इसी मामले के संबंध में पेशी पर लेकर आई थी। पुलिस कर्मचारी जब होटल पर थे तो इसी दौरान तीन युवक पैदल ही आए। आते ही रवि को छुड़वाने का प्रयास के लिए फायरिंग कर दी। फरीदाबाद पुलिस के चार जवान थे। ऐसे में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग कर दी। एक बदमाश रोहतक के कानाखेड़ी निवासी अंकित के माथे पर गोली लग गई। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वही पुलिस हिरासत से रवि भागने लगा तो फायरिंग में रवि को गोली लग गई। वहीं देर रात को एक आरोपी को पुलिस ने खासा महाजन के पास पकड़ लिया। उक्त आरोपी हिसार निवासी मनोज ने पुलिस को देखकर खुद को गोली मार ली थी। जिसका उपचार फिलहाल अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
तीन डॉक्टरों के पैनल ने दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कर दिया है। मामले में फिलहाल अभी जांच जारी है।
-आस्था मोदी, पुलिस अधीक्षक, फतेहाबाद
अपराध की दुनिया में कदम रखा तो अवैध शस्त्र अधिनियम में पकड़ा गया रवि जागसी
गोहाना। फतेहाबाद में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया गांव जागसी का रवि करीब डेढ़ दशक पहले अवैध शस्त्र अधिनियम और झगड़ों के मामलों से अपराध की दुनिया में आया था। उसके बाद हत्या, लूट जैसे बड़े अपराध करने लगा। पांच साल पहले उसने गिरोह बना डाला।
शुक्रवार को गांव जागसी के कुख्यात रवि को फरीदाबाद पुलिस फतेहाबाद न्यायालय में एक मामले की पेशी के लिए लेकर आई थी। न्यायालय में पेशी के बाद जब टीम उसे वापस लेकर जा रही थी। उसी दौरान उसके साथियों ने उसे पुलिस कस्टडी से छुड़वाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में गोली लगने से रवि की मौत हो गई। कुख्यात रवि जागसी गिरोह के तीन बदमाशों को सीआईए गोहाना की टीम ने तीन वर्ष पहले दबोचा था। तब कई वारदातों से पर्दा उठा था।
रवि जब गांव के स्कूल में पढ़ाई कर रहा था ते उसने झगड़ा करना शुरू कर दिया था। अक्सर वह झगड़े करता था। पढ़ाई छोड़ने के कुछ वर्ष बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। सदर थाना गोहाना पुलिस ने उसे वर्ष 2012 में अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। उसी वर्ष उस पर हत्या की कोशिश का मुकदमा दर्ज हुआ। इस घटना में पुलिस पर गोली चलाई थी।
इसके बाद वह जेल में गया। जब जेल से बाहर आया तो अपराध की दलदल में फंसता गया। नौ साल पहले उसने गांव छोड़ दिया और गुरुग्राम चला गया। वर्ष 2017 में उसने गुरुग्राम, रोहतक, गोहाना व अन्य जगहों पर ताबड़तोड़ हत्या, हत्या की कोशिश व अन्य वारदातों को अंजाम दिया। इसके बाद अपना गिरोह बना लिया। गुरुग्राम के अलावा कई जिलों में वारदात की।
रवि पर भी सोनीपत, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, फतेहबाद, दिल्ली, पानीपत, रोहतक में 28 मामले दर्ज थे। पांच साल पहले गिरोह बनाने के बाद उसमें कई बदमाशों को साथ मिलाया। तीन साल पहले जब इसके तीन गुर्गे पकड़े गए तो गोहाना पुलिस ने 16 वारदातों से पर्दा उठाया था। बताया जा रहा है रवि ने प्रेम विवाह कर रखा है। उसके पिता व भाई की पहले मौत हो चुकी है।
अंकित का देर शाम पहुंचा शव, रात में ही किया अंतिम संस्कार
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। सदर थानाक्षेत्र के कान्ही गांव निवासी अंकित का परिवार काफी सामान्य है। वह दो बहनों का इकलौता भाई था और चार माह पहले ही उसने प्रेम विवाह किया था। उसके पिता गांव में परचून आदि की दुकान चलाकर परिवार का लालन-पालन कर रहे थे।
देर शाम जब शव आया तो परिवार में कोहराम मच गया और रात करीब 10 बजे उसका अंतिम संस्कार कर दिया। अंकित पर चोरी, लूट और डकैती एवं आर्म्स एक्ट के विभिन्न जिलों में पांच मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस ने बताया कि अंकित अपने ममेरे भाई सोनीपत के जागसी निवासी रवि और जंगेठी गिरोह के संपर्क में भी था।
अंकित ने चार माह पहले ही पलवल निवासी युवती से प्रेम विवाह किया था। ग्रामीणों ने बताया कि वह रवि को बेकसूर मानता था और पुलिस पर उसे (रवि को) फंसाने का आरोप लगाता था। वह अकसर उसे छुड़ाने की बात करता था, लेकिन उनको यह पता नहीं था कि वह इस तरह पुलिस हिरासत से उसे छुड़ाएगा। वह समझते थे कि कोर्ट-कचहरी में पैरवी करके उसे छुटाने की बात करता है। ग्रामीणों ने बताया कि अंकित के पिता नरेंद्र लगातार उसे समझाते थे कि वह रवि और दूसरों के चक्कर में न आए, लेकिन उसने एक नहीं सुनी और अंत में परिवार को अकेला छोड़ गया। हालांकि उस पर सोनीपत, झज्जर और रोहतक में पांच मुकदमे दर्ज थे।

फतेहाबाद के जिला नागरिक अस्पताल में विलाप करते हुए मृतक बदमाशों के परिजन। संवाद