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हरिसिंह से प्रधानमंत्री ने की राम-राम तो किसान ने कहा नून प्रणाम
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अगली किश्त वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से एक बटन दबाकर देश के 9 करोड़ से भी अधिक किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कुछ किसानों से बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने जिले के गांव नाढोड़ी निवासी किसान हरिसिंह बिश्नोई से बातचीत करते हुए उनके अनुभव जाने। प्रधानमंत्री ने शुरुआत में हरिसिंह को राम-राम की तो किसान ने बिश्नोई भाषा में ही नून प्रणाम कहा। हरिसिंह ने प्रधानमंत्री को बताया कि वे चार भाई संयुक्त रूप से 40 वर्षों से खेती कर रहे हैं। उनके परिवार में 15 सदस्य है। संयुक्त परिवार में खेती करने की बात सुनकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रशंसा की और हैरानी जताते हुए कहा कि अभी तक संयुक्त परिवार चल रहे हैं। आप चार भाई एक साथ रहकर खेतीबाड़ी कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिसिंह से सवाल किया कि वे किस प्रकार की खेती करते हैं। हरिसिंह ने बताया कि वह धान की खेती करते थे और धीरे धीरे फसल विविधीकरण की ओर आगे बढ़ रहे हैं। अब उन्होंने दस एकड़ में बागवानी कर ली है जिनमें से तीन एकड़ में नींबू व 7 एकड़ में अमरूद लगाया हुआ है। प्रधानमंत्री द्वारा उनकी फसल के दिल्ली मंडी में बेचने के सवाल पर हरिसिंह ने कहा कि उन्हें दिल्ली जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती, स्थानीय स्तर पर ही उनकी फसल बिक जाती है और उन्हें अच्छा पैसा मिलता है। प्रधानमंत्री ने किसान द्वारा किए जा रहे फसल विविधीकरण की प्रशंसा करते हुए पूछा कि क्या प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं तो हरिसिंह ने बताया कि चार भाइयों में से दो भाई योजना के पात्र हैं उन्हें 16 हजार रुपये मिल चुके हैं।
धान बोनी छोड़ी तो प्रदेश सरकार से भी मिली सहायता : किसान हरिसिंह ने बताया कि वे धान की फसल को छोड़कर फसल विविधीकरण अपना रहे हैं उसमें राज्य सरकार भी उनकी मदद कर रही है। मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत धान छोड़कर दूसरी फसल बोने के लिए राज्य सरकार से 7 हजार रुपये प्रति एकड़ सहायता राशि भी मिली है। जिले में सभी गांवों, खंडों में भी किसानों ने इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा। इस मौके पर रतिया विधायक लक्ष्मण नापा, डीसी डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा, नप चेयरमैन दर्शन नागपाल, डीडीए डॉ. राजेश सिहाग व डीआईओ सिकंदर भी मौजूद रहे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिसिंह से सवाल किया कि वे किस प्रकार की खेती करते हैं। हरिसिंह ने बताया कि वह धान की खेती करते थे और धीरे धीरे फसल विविधीकरण की ओर आगे बढ़ रहे हैं। अब उन्होंने दस एकड़ में बागवानी कर ली है जिनमें से तीन एकड़ में नींबू व 7 एकड़ में अमरूद लगाया हुआ है। प्रधानमंत्री द्वारा उनकी फसल के दिल्ली मंडी में बेचने के सवाल पर हरिसिंह ने कहा कि उन्हें दिल्ली जाने की जरूरत ही नहीं पड़ती, स्थानीय स्तर पर ही उनकी फसल बिक जाती है और उन्हें अच्छा पैसा मिलता है। प्रधानमंत्री ने किसान द्वारा किए जा रहे फसल विविधीकरण की प्रशंसा करते हुए पूछा कि क्या प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं तो हरिसिंह ने बताया कि चार भाइयों में से दो भाई योजना के पात्र हैं उन्हें 16 हजार रुपये मिल चुके हैं।
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धान बोनी छोड़ी तो प्रदेश सरकार से भी मिली सहायता : किसान हरिसिंह ने बताया कि वे धान की फसल को छोड़कर फसल विविधीकरण अपना रहे हैं उसमें राज्य सरकार भी उनकी मदद कर रही है। मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत धान छोड़कर दूसरी फसल बोने के लिए राज्य सरकार से 7 हजार रुपये प्रति एकड़ सहायता राशि भी मिली है। जिले में सभी गांवों, खंडों में भी किसानों ने इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा। इस मौके पर रतिया विधायक लक्ष्मण नापा, डीसी डॉ. नरहरि सिंह बांगड़, भाजपा जिलाध्यक्ष बलदेव ग्रोहा, नप चेयरमैन दर्शन नागपाल, डीडीए डॉ. राजेश सिहाग व डीआईओ सिकंदर भी मौजूद रहे।
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