{"_id":"6a4006733fc6b02e7a024efe","slug":"pledged-to-work-collectively-to-make-the-district-tb-free-fatehabad-news-c-127-1-ftb1010-156398-2026-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का लिया संकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का लिया संकल्प
Sat, 27 Jun 2026 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 27 Jun 2026 10:50 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत बैठक में मौजूद स्टेकहोल्डर्स। स्वास्थ्य व
फतेहाबाद। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को लेकर जिले में टीबी एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ) के 100 दिवसीय अभियान के संबंध में स्टेकहोल्डर बैठक आयोजित की गई। इसमें सभी विभागों ने समन्वय के साथ 100 दिवसीय अभियान को सफल बनाने और जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
बैठक की अध्यक्षता जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने की। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिले के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों, शहरी बस्तियों, कमजोर वर्गों और संवेदनशील आबादी में विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी। घर-घर जाकर टीबी के लक्षण वाले लोगों की पहचान की जाएगी तथा जरूरत पड़ने पर एक्स-रे और अन्य जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और उपचार से टीबी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। बैठक में विभिन्न विभागों से जन-जागरूकता गतिविधियां तेज करने, टीबी के लक्षणों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने और संदिग्ध मरीजों को जांच व उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों तक भेजने का आह्वान किया गया। इसमें वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर के डायरेक्टर अखिलेश शर्मा, जिला एसीएफ कोऑर्डिनेटर धर्मशील शुक्ला, डॉ. अमित कुमार सहित शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, आरबीएसके, जिला परिषद, पंचायती राज विभाग तथा एनटीईपी के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक की अध्यक्षता जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने की। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिले के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों, शहरी बस्तियों, कमजोर वर्गों और संवेदनशील आबादी में विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी। घर-घर जाकर टीबी के लक्षण वाले लोगों की पहचान की जाएगी तथा जरूरत पड़ने पर एक्स-रे और अन्य जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और उपचार से टीबी पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। बैठक में विभिन्न विभागों से जन-जागरूकता गतिविधियां तेज करने, टीबी के लक्षणों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने और संदिग्ध मरीजों को जांच व उपचार के लिए स्वास्थ्य संस्थानों तक भेजने का आह्वान किया गया। इसमें वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर के डायरेक्टर अखिलेश शर्मा, जिला एसीएफ कोऑर्डिनेटर धर्मशील शुक्ला, डॉ. अमित कुमार सहित शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, आरबीएसके, जिला परिषद, पंचायती राज विभाग तथा एनटीईपी के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया।
विज्ञापन