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Fatehabad News: हेपेटाइटिस सी और बी सैंपल लेने से पीजीआई रोहतक ने किया मना, दवा भी तीन की जगह एक माह की मिलेगी
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फतेहाबाद में दवाइयों के लिए लगी मरीजों की लाइन
फतेहाबाद। हेपेटाइटिस सी और बी का नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में उपचार ले रहे मरीजों को रोहतक पीजीआई ने झटका दिया है। रोहतक पीजीआई ने हेपेटाइटिस सी और बी की जांच को लेकर सैंपल लेने से मना कर दिया है। तकनीकी कारणों का हवाला देकर रोक लगाई गई है और न ही ये बताया गया है कि सैंपल कब से दोबारा भेजे जाने शुरू होंगे। ये ही नहीं दवाई की कमी के चलते मरीजों को अब तीन की जगह एक माह की ही दवाई मिलेगी।
जिला अस्पताल से सप्ताह में में सिर्फ मंगलवार को 20-20 सैंपल रोहतक पीजीआई जांच के लिए भेजे जा रहे थे। जिला अस्पताल से हेपेटाइटिस आशंकित और उपचार ले रहे मरीजों की जांच को लेकर विभाग सैंपल रोहतक पीजीआई भेज रहा था। वहीं जिले में माइक्रोबायलॉजिस्ट का पद खाली होने से बड़ोपल में शुरू की गई लैब करीब एक साल से बंद है। इस लैब में आरटीपीसीआर और हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपलों की जांच होती थी। यहां जांच बंद होने से स्वास्थ्य विभाग आरटीपीसीआर सैंपल अग्रोहा मेडिकल और हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपल रोहतक पीजीआई भेज रहा था। जिले में हेपेटाइटिस सी के करीब 700 मरीजों का उपचार चल रहा है और 5200 मरीजों का उपचार पूरा हो चुका है। अब तक 7415 मरीज रजिस्टर्ड भी हो चुके हैं। हालांकि हेपेटाइटिस बी के कम ही मरीजों का यहां पर उपचार चल रहा है।
पहले निजी लैब से था अनुबंध, पौने दो साल पहले कर दिया गया खत्म
काला पीलिया यानि हेपेटाइटिस सी के उपचार के लिए पहले लोगों को रोहतक पीजीआई जाना पड़ता था लेकिन वर्ष 2018 में जिला मुख्यालय में उपचार शुरू किया गया। सैंपल के लिए विभाग ने निजी लैब से अनुबंध कर रखा था। विभाग मरीज को कूपन जारी करता था और लैब पर मरीज का टेस्ट फ्री होता था। लेकिन जुलाई 2022 में इस अनुबंध को खत्म करके आरटीपीसीआर लैब में शुरू करने के निर्देश दिए गए। करीब 6 माह तक यहां टेस्ट हुए लेकिन इसके बाद माइक्रोबायोलॉजिस्ट न होने के चलते यहां जांच बंद कर दी गई और रोहतक पीजीआई सैंपल भेजने शुरू किए गए। रोहतक पीजीआई ने 20-20 सैंपल भेजने के निर्देश दिए थे लेकिन अब अचानक इस पर भी रोक लगा दी गई है।
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जिले में ये है हेपेटाइटिस सी के मरीजों की स्थिति
कुल पंजीकृत मरीज : 7415
मरीजों का उपचार शुरू हुआ : 5650
मरीज जो उपचार पूरा ले चुके : 5200
कोट
मेरे सामने ये मामला अभी आया है। इस संबंध में संबंधित डॉक्टर से रिपोर्ट ली जाएगी। समाधान करवाने का प्रयास किया जाएगा।
-डॉ. महेंद्र सिंह, सिविल सर्जन फतेहाबाद।
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जिला अस्पताल से सप्ताह में में सिर्फ मंगलवार को 20-20 सैंपल रोहतक पीजीआई जांच के लिए भेजे जा रहे थे। जिला अस्पताल से हेपेटाइटिस आशंकित और उपचार ले रहे मरीजों की जांच को लेकर विभाग सैंपल रोहतक पीजीआई भेज रहा था। वहीं जिले में माइक्रोबायलॉजिस्ट का पद खाली होने से बड़ोपल में शुरू की गई लैब करीब एक साल से बंद है। इस लैब में आरटीपीसीआर और हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपलों की जांच होती थी। यहां जांच बंद होने से स्वास्थ्य विभाग आरटीपीसीआर सैंपल अग्रोहा मेडिकल और हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपल रोहतक पीजीआई भेज रहा था। जिले में हेपेटाइटिस सी के करीब 700 मरीजों का उपचार चल रहा है और 5200 मरीजों का उपचार पूरा हो चुका है। अब तक 7415 मरीज रजिस्टर्ड भी हो चुके हैं। हालांकि हेपेटाइटिस बी के कम ही मरीजों का यहां पर उपचार चल रहा है।
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पहले निजी लैब से था अनुबंध, पौने दो साल पहले कर दिया गया खत्म
काला पीलिया यानि हेपेटाइटिस सी के उपचार के लिए पहले लोगों को रोहतक पीजीआई जाना पड़ता था लेकिन वर्ष 2018 में जिला मुख्यालय में उपचार शुरू किया गया। सैंपल के लिए विभाग ने निजी लैब से अनुबंध कर रखा था। विभाग मरीज को कूपन जारी करता था और लैब पर मरीज का टेस्ट फ्री होता था। लेकिन जुलाई 2022 में इस अनुबंध को खत्म करके आरटीपीसीआर लैब में शुरू करने के निर्देश दिए गए। करीब 6 माह तक यहां टेस्ट हुए लेकिन इसके बाद माइक्रोबायोलॉजिस्ट न होने के चलते यहां जांच बंद कर दी गई और रोहतक पीजीआई सैंपल भेजने शुरू किए गए। रोहतक पीजीआई ने 20-20 सैंपल भेजने के निर्देश दिए थे लेकिन अब अचानक इस पर भी रोक लगा दी गई है।
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जिले में ये है हेपेटाइटिस सी के मरीजों की स्थिति
कुल पंजीकृत मरीज : 7415
मरीजों का उपचार शुरू हुआ : 5650
मरीज जो उपचार पूरा ले चुके : 5200
कोट
मेरे सामने ये मामला अभी आया है। इस संबंध में संबंधित डॉक्टर से रिपोर्ट ली जाएगी। समाधान करवाने का प्रयास किया जाएगा।
-डॉ. महेंद्र सिंह, सिविल सर्जन फतेहाबाद।