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Fatehabad News: हिसार-सिरसा सड़क पर स्थायी जाम बैंक स्क्वायर अब भी फाइलों में कैद
Fri, 23 Jan 2026 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 23 Jan 2026 11:24 PM IST
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फतेहाबाद के हिसार-सिरसा रोड पर आईसीआईसीआई बैंक द्वारा फुटपाथ पर बेल्ट लगाकर किया गया कब्जा सं
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। शहर के हिसार-सिरसा रोड पर बैंक स्क्वायर प्रोजेक्ट 10 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है, जिससे जाम की समस्या बरकरार है। नगर परिषद प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट को तैयार किया था, लेकिन बाद में इसे नॉट फिजिबल बताते हुए फाइल बंद कर दी।
हिसार-सिरसा रोड पर 15 से अधिक सरकारी और निजी बैंक संचालित हैं, लेकिन इनमें किसी के पास पर्याप्त पार्किंग की सुविधा नहीं है। कई निजी बैंकों ने फुटपाथ और आस-पास की जगहों को अपने अधीन कर लिया है और अपने वाहनों के लिए पार्किंग करवाई है, जिससे सुबह से दोपहर तक जाम की स्थिति बनी रहती है।
प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने वर्ष 2015 में इस समस्या से निपटने के लिए बैंक स्क्वायर प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। प्रोजेक्ट एसडीएम-डीएसपी के पुराने निवास की 15 कनाल 7 मरले जगह पर बनाया जाना था, लेकिन दस साल बाद भी इसका कार्य केवल कागजों तक सीमित रह गया।
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स्थानीय लोग और बैंक ग्राहक इस प्रोजेक्ट के लंबित रहने से रोजाना जाम, ट्रैफिक बाधा और समय की बर्बादी का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पार्किंग और सड़क विस्तार का कार्य तुरंत नहीं हुआ, तो भविष्य में इस क्षेत्र में ट्रैफिक और अधिक बढ़ सकता है।
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बैंकों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
नगर परिषद ने प्रोजेक्ट के लिए बैंकों के साथ बैठक की थी लेकिन किसी भी संस्थान ने दिलचस्पी नहीं दिखाई और न ही नगर परिषद के नाम जगह ट्रांसफर हो पाई। इसके चलते प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। सीएम घोषणा में प्रोजेक्ट शामिल होने के चलते बैंकों की दिलचस्पी न होने के कारण नगर परिषद ने भी घोषणा के दो साल बाद नो फिजिबल रिपोर्ट बनाकर भेजी थी। वर्ष 2019 में इस प्रोजेक्ट के लिए फिर से प्रयास किए गए लेकिन यह फिर सिरे नहीं चढ़ पाया। यहां तक नगर परिषद ने मल्टीपर्पज भवन के लिए वर्ष 2022-23 में भी प्रयास किए लेकिन जगह ही ट्रांसफर नहीं हो पाई।
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तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने की थी घोषणा
शहर में जाम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ही वर्ष 2015 में सरकार के सामने ये प्रोजेक्ट रखा था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसकी घोषणा की थी। प्रशासन की योजना थी कि एक ही छत के नीचे सभी बैंक आ जाएंगे और यहां पर पार्किंग की सुविधा भी रहेगी। इससे नगर परिषद को आय भी हो पाएगी।
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लालबत्ती चौक से लेकर भूना मोड़ तक स्थिति खराब
शहर के हिसार-सिरसा रोड पर कई बड़े बैंक स्थित हैं। बैंक के अधिकारी व कर्मचारियों की गाड़ी भी फुटपाथ पर खड़ी होती है। जबकि किसी भी बैंक के पास पार्किंग की सुविधा नहीं है। सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक बैंकों के बाहर वाहन खड़े होने से मुख्य रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है। पिछले दिनों चलाए गए अभियान के दौरान तो तत्कालीन डीएमसी संजय बिश्नोई ने जेनरेटर हटवाए थे।
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शहर में अधिकारी न होने से विकास कार्य रुके हुए है। उम्मीद है अगले सप्ताह तक अधिकारियों की नियुक्ति हो जाए। जो भी प्रोजेक्ट रुके हैं और जरूरी है उन्हें जल्द पूरा करवाया जाएगा।
-सविता टुटेजा, उपप्रधान, नगर परिषद, फतेहाबाद।
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फतेहाबाद। शहर के हिसार-सिरसा रोड पर बैंक स्क्वायर प्रोजेक्ट 10 साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है, जिससे जाम की समस्या बरकरार है। नगर परिषद प्रशासन ने इस प्रोजेक्ट को तैयार किया था, लेकिन बाद में इसे नॉट फिजिबल बताते हुए फाइल बंद कर दी।
हिसार-सिरसा रोड पर 15 से अधिक सरकारी और निजी बैंक संचालित हैं, लेकिन इनमें किसी के पास पर्याप्त पार्किंग की सुविधा नहीं है। कई निजी बैंकों ने फुटपाथ और आस-पास की जगहों को अपने अधीन कर लिया है और अपने वाहनों के लिए पार्किंग करवाई है, जिससे सुबह से दोपहर तक जाम की स्थिति बनी रहती है।
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प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने वर्ष 2015 में इस समस्या से निपटने के लिए बैंक स्क्वायर प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। प्रोजेक्ट एसडीएम-डीएसपी के पुराने निवास की 15 कनाल 7 मरले जगह पर बनाया जाना था, लेकिन दस साल बाद भी इसका कार्य केवल कागजों तक सीमित रह गया।
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स्थानीय लोग और बैंक ग्राहक इस प्रोजेक्ट के लंबित रहने से रोजाना जाम, ट्रैफिक बाधा और समय की बर्बादी का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पार्किंग और सड़क विस्तार का कार्य तुरंत नहीं हुआ, तो भविष्य में इस क्षेत्र में ट्रैफिक और अधिक बढ़ सकता है।
बैंकों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी
नगर परिषद ने प्रोजेक्ट के लिए बैंकों के साथ बैठक की थी लेकिन किसी भी संस्थान ने दिलचस्पी नहीं दिखाई और न ही नगर परिषद के नाम जगह ट्रांसफर हो पाई। इसके चलते प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया। सीएम घोषणा में प्रोजेक्ट शामिल होने के चलते बैंकों की दिलचस्पी न होने के कारण नगर परिषद ने भी घोषणा के दो साल बाद नो फिजिबल रिपोर्ट बनाकर भेजी थी। वर्ष 2019 में इस प्रोजेक्ट के लिए फिर से प्रयास किए गए लेकिन यह फिर सिरे नहीं चढ़ पाया। यहां तक नगर परिषद ने मल्टीपर्पज भवन के लिए वर्ष 2022-23 में भी प्रयास किए लेकिन जगह ही ट्रांसफर नहीं हो पाई।
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तत्कालीन सीएम मनोहर लाल ने की थी घोषणा
शहर में जाम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ही वर्ष 2015 में सरकार के सामने ये प्रोजेक्ट रखा था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसकी घोषणा की थी। प्रशासन की योजना थी कि एक ही छत के नीचे सभी बैंक आ जाएंगे और यहां पर पार्किंग की सुविधा भी रहेगी। इससे नगर परिषद को आय भी हो पाएगी।
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लालबत्ती चौक से लेकर भूना मोड़ तक स्थिति खराब
शहर के हिसार-सिरसा रोड पर कई बड़े बैंक स्थित हैं। बैंक के अधिकारी व कर्मचारियों की गाड़ी भी फुटपाथ पर खड़ी होती है। जबकि किसी भी बैंक के पास पार्किंग की सुविधा नहीं है। सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक बैंकों के बाहर वाहन खड़े होने से मुख्य रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है। पिछले दिनों चलाए गए अभियान के दौरान तो तत्कालीन डीएमसी संजय बिश्नोई ने जेनरेटर हटवाए थे।
शहर में अधिकारी न होने से विकास कार्य रुके हुए है। उम्मीद है अगले सप्ताह तक अधिकारियों की नियुक्ति हो जाए। जो भी प्रोजेक्ट रुके हैं और जरूरी है उन्हें जल्द पूरा करवाया जाएगा।
-सविता टुटेजा, उपप्रधान, नगर परिषद, फतेहाबाद।