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Fatehabad News: वायरल की चपेट में लोग, सर्वे में 2540 बुखार पीड़ित मिले, लारवा मिलने पर 16 को नोटिस
Sun, 24 May 2026 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 24 May 2026 10:53 PM IST
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फतेहाबाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम सैंपल लेते हुए स्त्रोत स्वास्थ्य विभाग
फतेहाबाद। मौसम बदलने के साथ ही वायरल बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 15 दिनों में जिले में 2540 लोग बुखार से पीड़ित मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम अभियान के दौरान 1.63 लाख से अधिक घरों का सर्वे किया। जांच में 16 घरों में मच्छरों का लारवा मिला जिसके बाद विभाग ने नोटिस जारी किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट अनुसार एक से 15 अप्रैल तक जिले में 1 लाख 94 हजार 468 घर सर्वे सूची में शामिल किए गए थे। इनमें से 1 लाख 45 हजार 365 घरों तक टीम पहुंची। इस दौरान 2352 बुखार पीड़ितों की स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य नियमों की अनदेखी मिलने पर आठ नोटिस जारी किए गए थे।
इसके बाद एक मई से 15 मई तक दोबारा विशेष अभियान चलाया गया। इस चरण में विभागीय टीम 1 लाख 63 हजार 616 घरों तक पहुंची। सर्वे के दौरान 2540 बुखार पीड़ितों की जांच की गई। मई माह में 18 नोटिस जारी किए गए। राहत की बात यह रही कि बुखार पीड़ितों की ब्लड स्लाइड जांच में मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया।
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विभाग ने लोगों से घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर और टंकियों की नियमित सफाई रखने तथा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता और स्वच्छता से डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
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मलेरिया फैलने के मुख्य कारण
घरों और खाली प्लाटों में पानी जमा होना।
कूलर, टायर और बर्तनों में रुका पानी।
गंदगी और नालियों की नियमित सफाई नहीं होना।
बारिश के बाद जलभराव बढ़ना।
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मलेरिया से ऐसे करें बचाव
घर के आसपास पानी जमा नहीं होने दें।
कूलर का पानी नियमित बदलें।
रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
बुखार आने पर तुरंत जांच करवाएं।
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पिछले साल ये रही थी स्थिति
मलेरिया केस मिले - 3
डेंगू केस मिले - 13
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जिले में हर माह रैपिड फीवर सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान टीमें डोर टू डोर जाकर जांच कर रही हैं और लारवा मिलने पर नष्ट किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि अपने घरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें। मलेरिया या डेंगू के लक्षण है तो जांच जरूर करवाएं।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ
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स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट अनुसार एक से 15 अप्रैल तक जिले में 1 लाख 94 हजार 468 घर सर्वे सूची में शामिल किए गए थे। इनमें से 1 लाख 45 हजार 365 घरों तक टीम पहुंची। इस दौरान 2352 बुखार पीड़ितों की स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य नियमों की अनदेखी मिलने पर आठ नोटिस जारी किए गए थे।
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इसके बाद एक मई से 15 मई तक दोबारा विशेष अभियान चलाया गया। इस चरण में विभागीय टीम 1 लाख 63 हजार 616 घरों तक पहुंची। सर्वे के दौरान 2540 बुखार पीड़ितों की जांच की गई। मई माह में 18 नोटिस जारी किए गए। राहत की बात यह रही कि बुखार पीड़ितों की ब्लड स्लाइड जांच में मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया।
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विभाग ने लोगों से घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर और टंकियों की नियमित सफाई रखने तथा साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता और स्वच्छता से डेंगू व मलेरिया जैसी बीमारियों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
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मलेरिया फैलने के मुख्य कारण
घरों और खाली प्लाटों में पानी जमा होना।
कूलर, टायर और बर्तनों में रुका पानी।
गंदगी और नालियों की नियमित सफाई नहीं होना।
बारिश के बाद जलभराव बढ़ना।
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मलेरिया से ऐसे करें बचाव
घर के आसपास पानी जमा नहीं होने दें।
कूलर का पानी नियमित बदलें।
रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
बुखार आने पर तुरंत जांच करवाएं।
पिछले साल ये रही थी स्थिति
मलेरिया केस मिले - 3
डेंगू केस मिले - 13
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जिले में हर माह रैपिड फीवर सर्वे किया जा रहा है। इस दौरान टीमें डोर टू डोर जाकर जांच कर रही हैं और लारवा मिलने पर नष्ट किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि अपने घरों के आसपास पानी एकत्रित न होने दें। मलेरिया या डेंगू के लक्षण है तो जांच जरूर करवाएं।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ