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Fatehabad News: पविता को फूलों की खुशबू में मिल रहा सुकून, 12 वर्षों से पौधों संग संवार रही जीवन की बगिया
Sun, 20 Sep 2026 10:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 20 Sep 2026 10:22 PM IST
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घर पर उगे पौधे
फतेहाबाद। घर की जिम्मेदारियों के बीच महिलाएं अगर अपनी पसंद और रुचि के लिए समय निकालें तो वह न केवल उनके व्यक्तित्व को निखारता है बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। पुलिस लाइन निवासी पविता ने पौधों के प्रति अपने लगाव को इसी तरह अपनी पहचान बना लिया है।
पिछले 12 वर्षों से वह घर में बगिया संवार रही हैं। आज उनके घर की बगिया में 30 से अधिक प्रकार के फूल और सजावटी पौधे हैं। पविता के लिए पौधों की देखभाल महज शौक नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। सुबह की शुरुआत पौधों को देखने और उनकी जरूरत के अनुसार पानी देने से होती है।
बदलते मौसम के साथ पौधों की देखभाल में भी बदलाव करती हैं। उनका कहना है कि पौधों के बीच समय बिताने से मन को सुकून मिलता है और घर का वातावरण भी खुशनुमा बना रहता है।
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बगिया में फूलों से लेकर औषधीय पौधों तक की भरमार
पविता ने अपनी बगिया में अपराजिता, स्नेक प्लांट, जेड प्लांट, मोगरा, एलोवेरा, गुलाब, मधुमालती, लेमनग्रास, तुलसी, चंपा, रियो प्लांट, सदाबहार, रबड़ प्लांट, कैक्टस, चेन प्लांट, गुडहल और पर्पल हट समेत 30 से अधिक तरह के पौधे लगाए हैं। अलग-अलग प्रजातियों के पौधों को उनकी जरूरत के अनुसार स्थान देकर उन्होंने घर में ही छोटी सी हरी-भरी दुनिया तैयार कर ली है।
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महिलाओं के लिए संदेश : अपनी रुचि को पहचाने
पविता का मानना है कि महिलाओं को घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपनी रुचियों के लिए भी समय निकालना चाहिए। उनका कहना है कि इसके लिए बहुत अधिक समय या संसाधनों की जरूरत नहीं होती। घर की बालकनी, आंगन या छत पर कुछ पौधों से भी शुरुआत की जा सकती है।
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पति भी करते हैं प्रोत्साहित
पविता के इस शौक को आगे बढ़ाने में परिवार का भी सहयोग मिलता है। उनके पति विनोद मोरवाल उन्हें पौधों की देखभाल के लिए लगातार प्रोत्साहित करते हैं। परिवार के सहयोग से पविता पिछले 12 वर्षों से अपनी बगिया को लगातार संवार रही हैं। पविता का कहना है कि पौधों के प्रति उसे प्यार बचपन से ही है। उसे पौधे लगाने और उनकी देखभाल की प्रेरणा मां शकुंतला से मिली है। शादी से पहले भी वह मां के साथ बगिया में मदद करती रही और शादी के बाद अपने ससुराल में भी इसे जारी रखा है।
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पिछले 12 वर्षों से वह घर में बगिया संवार रही हैं। आज उनके घर की बगिया में 30 से अधिक प्रकार के फूल और सजावटी पौधे हैं। पविता के लिए पौधों की देखभाल महज शौक नहीं बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। सुबह की शुरुआत पौधों को देखने और उनकी जरूरत के अनुसार पानी देने से होती है।
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बदलते मौसम के साथ पौधों की देखभाल में भी बदलाव करती हैं। उनका कहना है कि पौधों के बीच समय बिताने से मन को सुकून मिलता है और घर का वातावरण भी खुशनुमा बना रहता है।
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बगिया में फूलों से लेकर औषधीय पौधों तक की भरमार
पविता ने अपनी बगिया में अपराजिता, स्नेक प्लांट, जेड प्लांट, मोगरा, एलोवेरा, गुलाब, मधुमालती, लेमनग्रास, तुलसी, चंपा, रियो प्लांट, सदाबहार, रबड़ प्लांट, कैक्टस, चेन प्लांट, गुडहल और पर्पल हट समेत 30 से अधिक तरह के पौधे लगाए हैं। अलग-अलग प्रजातियों के पौधों को उनकी जरूरत के अनुसार स्थान देकर उन्होंने घर में ही छोटी सी हरी-भरी दुनिया तैयार कर ली है।
महिलाओं के लिए संदेश : अपनी रुचि को पहचाने
पविता का मानना है कि महिलाओं को घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपनी रुचियों के लिए भी समय निकालना चाहिए। उनका कहना है कि इसके लिए बहुत अधिक समय या संसाधनों की जरूरत नहीं होती। घर की बालकनी, आंगन या छत पर कुछ पौधों से भी शुरुआत की जा सकती है।
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पति भी करते हैं प्रोत्साहित
पविता के इस शौक को आगे बढ़ाने में परिवार का भी सहयोग मिलता है। उनके पति विनोद मोरवाल उन्हें पौधों की देखभाल के लिए लगातार प्रोत्साहित करते हैं। परिवार के सहयोग से पविता पिछले 12 वर्षों से अपनी बगिया को लगातार संवार रही हैं। पविता का कहना है कि पौधों के प्रति उसे प्यार बचपन से ही है। उसे पौधे लगाने और उनकी देखभाल की प्रेरणा मां शकुंतला से मिली है। शादी से पहले भी वह मां के साथ बगिया में मदद करती रही और शादी के बाद अपने ससुराल में भी इसे जारी रखा है।

घर पर उगे पौधे