फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Paddy procurement not done on first day in Fatehabad, farmers look disappointed

फतेहाबाद में पहले दिन नहीं हुई धान की खरीद, मायूस दिखे किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Oct 2022 11:45 PM IST
विज्ञापन
Paddy procurement not done on first day in Fatehabad, farmers look disappointed
फतेहाबाद। फतेहाबाद की अनाज मंडियों में शनिवार को धान की खरीद नहीं हो पाई, हालांकि नरमा बिका। इसके पीछे जहां मार्केट कमेटी का तर्क था कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने अभी तक राइस मिलरों की अलॉटमेंट नहीं की है। वहीं खाद्य आपूर्ति विभाग का कहना था कि नमी के कारण धान की खरीद नहीं हो पाई। दो विभागों के इन तर्कों के बीच पिछले नौ दिनों से मंडी में धान लाकर सुखा रहे किसान मायूस दिखाई दिए। रविवार को मंडियों में अवकाश रहेगा तो अब धान की खरीद का काम सोमवार को हो सकेगा।
विज्ञापन

हरियाणा सरकार ने एक अक्तूबर से अनाज मंडियों में धान की खरीद का शेड्यूल जारी किया था। फतेहाबाद की अनाज मंडी में शनिवार से धान की खरीद होनी थी, लेकिन शहर की पुरानी व नई दोनों अनाज मंडियों में धान का एक भी दाना नहीं खरीदा जा सका। जिसको लेकर किसानों में भारी रोष भी पाया गया। अनाज मंडी में कई किसान अपनी फसल लाकर सुखा रहे हैं। वहीं दोनों मंडियों में अब तक 200 क्विंटल धान की आवक भी हो चुकी है। हालांकि नकली बासमती की किस्म 1509 की खरीद मंडी में हो रही है। वहीं सरकार परमल धान की भी खरीद कर रही है इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल है। संवाद
विज्ञापन

खरीद न होने पर किसानों में दिखा रोष
24 सितंबर को बारिश के कारण मेरे खेत में दो फुट तक पानी भर गया था। अगर धान पानी में रहता तो खराब हो जाता। कटाई कंबाइन से संभव नहीं थी, इसलिए सात हजार रुपये देकर चेन वाले टायरों की कंबाइन से धान निकलवाई है। नौ दिन से मैं अनाजमंडी में बैठा हूं और मेरी धान की भी सूूख चुकी है, लेकिन शनिवार को भी इसकी बोली नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

-भूप सिंह, किसान गांव ढाणी ढाका
मैं सात दिन पहले अनाज मंडी में धान सूखा कर लेकर आया था। फिर भी हवाला दिया गया कि धान में अभी नमी है। सात दिन से दिन रात मैं अपनी फसल की रखवाली अनाज मंडी में बैठकर कर रहा हूं। अनाज मंडी में किसी प्रकार की कोई सुविधा भी नहीं मिल रही है। साथ ही अनाज मंडी में बने शौचालय में जाने के लिए 10 रुपये का वहन और करना पड़ रहा है।
-अमर सिंह, किसान गांव नुरकी अली
मैंने इस बार नकली बासमती धान की किस्म 1509 की रोपाई की थी। बारिश से पहले ही मैंने धान को काट लिया था। पहले मेरी धान 3300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिकी थी, इस बार उम्मीद है कि नकली बासमती की इस किस्म को 3500 रुपये तक रेट मिल जाए। पिछले साल भी 1509 इसी भाव में बिकी थी।
-जसविंद्र सिंह, किसान गांव माजरा
कोट
धान की खरीद न होने पर दो विभागाध्यक्षों के अलग-अलग तर्क
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के द्वारा हर साल राइस मिलरों को धान की अलॉटमेंट दी जाती है। इस बार अभी तक राइस मिलरों को धान की अलॉटमेंट नहीं दी गई। अगर धान खरीदा जाता है, तो उसे कहां भेजेंगे, ऐसे में तो धान मंडी में ही रह जाएगा। राइस मिलों को अलॉटमेंट न मिलने के कारण शनिवार को धान नहीं खरीदा जा सका।

-विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव फतेहाबाद
कोट
मैं सुबह अनाज मंडी में गया था। यहां पर धान की ढेरियां लगी थी और कुछ किसानों ने धान को सुखाने के लिए फैला भी रखा था। धान में नमी 17 फीसदी से अधिक है। अभी भी धान में 20 से 22 फीसदी तक नमी है और सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, 17 फीसदी नमी वाले धान को ही खरीदा जा सकता है। राइस मिलों को अलॉटमेंट कर दी जाएगी, यह धान खरीद न होने का इश्यू नहीं है।
-विनीत जैन, खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक फतेहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed