{"_id":"6671d67d3efd93107e0f4174","slug":"paddy-planting-started-in-the-district-this-time-the-target-of-direct-sowing-in-25000-acres-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-118164-2024-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: जिले में धान की रोपाई शुरू, इस बार 25,000 एकड़ में सीधी बिजाई का लक्ष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: जिले में धान की रोपाई शुरू, इस बार 25,000 एकड़ में सीधी बिजाई का लक्ष्य
विज्ञापन
फतेहाबाद। जिले में किसानों ने 15 जून से धान की रोपाई शुरू कर दी है। इसके चलते खाद केंद्रों पर डीएपी और यूरिया खाद की मांग बढ़ गई है। धान की फसल के लिए प्रति एकड़ दो बैग यूरिया और एक बैग डीएपी खाद की आवश्यकता होती है। जिले में साल 2023-24 में धान का रकबा 1,57,258 एकड़ था, जिसमें सिर्फ 14,515 एकड़ भूमि पर धान की सीधी बिजाई की गई थी जबकि लक्ष्य 15,000 एकड़ था। वहीं, वर्ष 2024-25 में कृषि विभाग ने यह रकबा बढ़ाकर 25 हजार एकड़ में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य रखा है।
फतेहाबाद के इफको खाद केंद्र के मैनेजर महेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से खाद की मांग में बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण प्रतिदिन 200 से 300 बैग यूरिया और 150 बैग लगभग डीएपी खाद की बिक्री हो रही है। खाद केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। धान की रोपाई में लगने वाले जल का संरक्षण करने के लिए कृषि विभाग किसानों से धान की सीधी बिजाई करने की अपील कर रहा है। धान की सीधी बिजाई का निर्णय जल संरक्षण के लिए आवश्यक है। इससे 30 प्रतिशत जल की बचत होती है। विभाग की ओर से अब जिला के विभिन्न गांवों में किसानों को इसकी जानकारी देकर उनको जागरूक किया जा रहा है। धान की सीधी बिजाई जून माह में ही शुरू कर दी गई है और जुलाई माह के अंत तक धान की बिजाई का समय रहेगा। अभी तक जिले में कुल 6,000 एकड़ में धान की सीधी बिजाई हो चुकी है।
गौरतलब है कि जिला के कुछ प्रगतिशील किसान काफी पहले से ही धान की सीधी बिजाई कर रहे हैं। ऐसे किसानों की फसल भी अन्य किसानों की तरह ही होती है। मगर वह किसान सीधी बिजाई कर पानी और मजदूरी के पैसों की बचत कर रहे हैं। राज्य सरकार जल संरक्षण में सहयोग करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 4,000 हजार रुपये की अनुदान राशि दे रही है। इसके लिए विभाग की ओर से मेरा फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण 6 जून से शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
कोट
जो किसान धान की सीधी बिजाई कर रहे हैं, वे किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवा लें। धान की सीधी बिजाई से पानी की बचत के साथ-साथ मजदूरी में भी बचत होती है। वहीं, धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को 4,000 रुपये प्रति एकड़ की अनुदान राशि भी विभाग की ओर से दी जाएगी।
-डॉ. राजेश सिहाग, उप निदेशक, कृषि विभाग फतेहाबाद
विज्ञापन
फतेहाबाद के इफको खाद केंद्र के मैनेजर महेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से खाद की मांग में बढ़ोतरी हुई है। इसके कारण प्रतिदिन 200 से 300 बैग यूरिया और 150 बैग लगभग डीएपी खाद की बिक्री हो रही है। खाद केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। धान की रोपाई में लगने वाले जल का संरक्षण करने के लिए कृषि विभाग किसानों से धान की सीधी बिजाई करने की अपील कर रहा है। धान की सीधी बिजाई का निर्णय जल संरक्षण के लिए आवश्यक है। इससे 30 प्रतिशत जल की बचत होती है। विभाग की ओर से अब जिला के विभिन्न गांवों में किसानों को इसकी जानकारी देकर उनको जागरूक किया जा रहा है। धान की सीधी बिजाई जून माह में ही शुरू कर दी गई है और जुलाई माह के अंत तक धान की बिजाई का समय रहेगा। अभी तक जिले में कुल 6,000 एकड़ में धान की सीधी बिजाई हो चुकी है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि जिला के कुछ प्रगतिशील किसान काफी पहले से ही धान की सीधी बिजाई कर रहे हैं। ऐसे किसानों की फसल भी अन्य किसानों की तरह ही होती है। मगर वह किसान सीधी बिजाई कर पानी और मजदूरी के पैसों की बचत कर रहे हैं। राज्य सरकार जल संरक्षण में सहयोग करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 4,000 हजार रुपये की अनुदान राशि दे रही है। इसके लिए विभाग की ओर से मेरा फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण 6 जून से शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
कोट
जो किसान धान की सीधी बिजाई कर रहे हैं, वे किसान मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवा लें। धान की सीधी बिजाई से पानी की बचत के साथ-साथ मजदूरी में भी बचत होती है। वहीं, धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को 4,000 रुपये प्रति एकड़ की अनुदान राशि भी विभाग की ओर से दी जाएगी।
-डॉ. राजेश सिहाग, उप निदेशक, कृषि विभाग फतेहाबाद