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Fatehabad News: जिले के 130 निजी अस्पतालों में ओपीडी रही बंद, दाखिल मरीजों को ही मिला उपचार
Sat, 17 Aug 2024 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 17 Aug 2024 11:34 PM IST
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अस्पताल में उपचार लेने के लिए आए मरीज।
फतेहाबाद। आईएमए व अन्य संगठनों के आह्वान पर जिले में शनिवार सुबह 6 बजे से रविवार सुबह 6 बजे तक निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने ओपीडी बंद रखी। इस कारण जिले के 130 निजी अस्पतालों में आए मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। हड़ताल के चलते इमरजेंसी, लैब और मेडिकल सुविधा भी बंद रही। सिर्फ अस्पतालों में दाखिल मरीजों की ही जांच की गई।
बता दें कि कोलकाता में जूनियर महिला चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या करने से चिकित्सक वर्ग में बड़ा रोष है। इसी रोषस्वरूप आईएमए, निमा व चिकित्सकों के अन्य संगठनों की ओर से शनिवार को 24 घंटे के लिए ओपीडी बंद रखकर विरोध का ऐलान किया गया। निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को ओपीडी बंद होने के कारण बिना उपचार के ही घर लौटना पड़ा। कुछ इमरजेंसी वाले मरीजों ने नागरिक अस्पताल का रुख किया। अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों की देखभाल भी नर्सिंग स्टाफ के भरोसे ही रही।
निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने ज्ञापन सौंपकर की न्याय की मांग
कोलकाता में महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म के आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग को लेकर जिले के सभी चिकित्सक और मेडिकल छात्राओं ने लघु सचिवालय पहुंचकर अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। चिकित्सकों ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की। आईएमए फतेहाबाद के प्रधान डॉ. पवन मेहता ने बताया कि 8 अगस्त की रात को कोलकाता में महिला चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। उसके बाद अस्पताल को नुकसान पहुंचाया गया, फिर भी अभी तक मात्र एक आरोपी की ही गिरफ्तारी हो सकी है। सरकार को जल्द से जल्द सभी आरोपियों का पता लगाकर गिरफ्तारी करनी चाहिए। इस दौरान डॉ. वीरेंद्र सिवाच, डॉ. रिपुदमन, डॉ. स्मृति वधवा, डॉ. पंकुश अरोड़ा, डॉ. अंशुल सहगल सहित सभी निजी अस्पतालों के चिकित्सक मौजूद रहे।
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फतेहाबाद के निजी अस्पताल में आंखों की जांच के लिए आया था। मगर अस्पताल में ओपीडी बंद होने के कारण आंखों की जांच नहीं हो सकी। अस्पताल में स्टाफ ने बताया कि रविवार सुबह तक ओपीडी बंद रहेगी। अब ओपीडी खुलने के बाद दोबारा आकर जांच करवाऊंगा।
-विक्रम, निवासी, भट्टू कलां
पिछले एक माह से मेरा कमर दर्द का इलाज चल रहा है। उसी सिलसिले में चिकित्सक के पास पहुंचा था। अस्पताल में आने के बाद पता चला कि चिकित्सकों ने ओपीडी बंद की हुई है। अब सोमवार को ही अस्पताल में आऊंगा।
-विकास कुमार, निवासी, फतेहाबाद
मां की आंख का इलाज फतेहाबाद के निजी अस्पताल से चल रहा है। उसकी दवा लेने अस्पताल में पहुंचा था, मगर यहां पहुंचने के बाद पता चला कि ओपीडी और मेडिकल बंद है। बिना दवा लिए घर जाना पड़ रहा है। अब सोमवार को आना पड़ेगा।
-हरदीप, निवासी, गांव भिरड़ाना
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बता दें कि कोलकाता में जूनियर महिला चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या करने से चिकित्सक वर्ग में बड़ा रोष है। इसी रोषस्वरूप आईएमए, निमा व चिकित्सकों के अन्य संगठनों की ओर से शनिवार को 24 घंटे के लिए ओपीडी बंद रखकर विरोध का ऐलान किया गया। निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को ओपीडी बंद होने के कारण बिना उपचार के ही घर लौटना पड़ा। कुछ इमरजेंसी वाले मरीजों ने नागरिक अस्पताल का रुख किया। अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों की देखभाल भी नर्सिंग स्टाफ के भरोसे ही रही।
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निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने ज्ञापन सौंपकर की न्याय की मांग
कोलकाता में महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म के आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग को लेकर जिले के सभी चिकित्सक और मेडिकल छात्राओं ने लघु सचिवालय पहुंचकर अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। चिकित्सकों ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की। आईएमए फतेहाबाद के प्रधान डॉ. पवन मेहता ने बताया कि 8 अगस्त की रात को कोलकाता में महिला चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। उसके बाद अस्पताल को नुकसान पहुंचाया गया, फिर भी अभी तक मात्र एक आरोपी की ही गिरफ्तारी हो सकी है। सरकार को जल्द से जल्द सभी आरोपियों का पता लगाकर गिरफ्तारी करनी चाहिए। इस दौरान डॉ. वीरेंद्र सिवाच, डॉ. रिपुदमन, डॉ. स्मृति वधवा, डॉ. पंकुश अरोड़ा, डॉ. अंशुल सहगल सहित सभी निजी अस्पतालों के चिकित्सक मौजूद रहे।
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फतेहाबाद के निजी अस्पताल में आंखों की जांच के लिए आया था। मगर अस्पताल में ओपीडी बंद होने के कारण आंखों की जांच नहीं हो सकी। अस्पताल में स्टाफ ने बताया कि रविवार सुबह तक ओपीडी बंद रहेगी। अब ओपीडी खुलने के बाद दोबारा आकर जांच करवाऊंगा।
-विक्रम, निवासी, भट्टू कलां
पिछले एक माह से मेरा कमर दर्द का इलाज चल रहा है। उसी सिलसिले में चिकित्सक के पास पहुंचा था। अस्पताल में आने के बाद पता चला कि चिकित्सकों ने ओपीडी बंद की हुई है। अब सोमवार को ही अस्पताल में आऊंगा।
-विकास कुमार, निवासी, फतेहाबाद
मां की आंख का इलाज फतेहाबाद के निजी अस्पताल से चल रहा है। उसकी दवा लेने अस्पताल में पहुंचा था, मगर यहां पहुंचने के बाद पता चला कि ओपीडी और मेडिकल बंद है। बिना दवा लिए घर जाना पड़ रहा है। अब सोमवार को आना पड़ेगा।
-हरदीप, निवासी, गांव भिरड़ाना