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महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी नए ब्लॉक में हुई शुरू, पहले दिन बिगड़ी व्यवस्था
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में नए ओपीडी ब्लॉक में सीढ़ियों पर बैठी महिला मरीज
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी नए ब्लॉक में शुरू हो गई है। पहले दिन ब्लॉक में अव्यवस्था का माहौल रहा। वार्ड के बाहर महिला मरीजों की लाइनें लगी रही। मरीजों के बैठने के लिए व्यवस्था तक नहीं की गई थी। इसके चलते महिला मरीजों को नए ओपीडी ब्लॉक की सीढ़ियों पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा।
महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी पहले अस्पताल के अंदर 10 नंबर कक्ष में चल रही थी। जिसे अब नए ओपीडी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया है। कमरा नंबर 10 के बाहर मरीजों के बैठने के लिए जो कुर्सियां लगी थी, उन्हें वहां नहीं लगाया गया। इसके चलते महिला मरीजों खड़े रहकर नंबर का इंतजार करना पड़ा। कई महिला मरीज थक जाने के बाद सीढ़ियों पर ही बैठने को मजबूर हुईं।
100 से 150 महिला मरीजों की होती है ओपीडी
महिला रोग विशेषज्ञ की रोजाना करीब 100 से 150 मरीजों की ओपीडी होती है। जबकि यहां पर महिला रोग विशेषज्ञों की कमी है। विशेषज्ञ पर डिलिवरी के अलावा जांच का भी जिम्मा है।
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शिशु रोग विशेषज्ञ विभाग भी होगा शिफ्ट
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अलग से जननी शिशु रोग विभाग बनाया गया है। विभाग महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के अलावा शिशु रोग विभाग को भी यहां शिफ्ट करेगा। शिशु रोग विशेषज्ञ की अस्पताल में रोजाना 50 से 70 मरीजों की ओपीडी होती है।
कोट
नए ओपीडी ब्लॉक में महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी शुरू हो गई है। अभी एक सप्ताह का ट्रायल लिया जा रहा है, जो कमियां आएंगी उसे दूर कर दिया जाएगा। कुर्सियों की जहां तक बात है इस संबंध में कर्मचारियों को आदेश दे दिए गए हैं। अल्ट्रासाउंड सुविधा भी यहां शुरू की जाएगी, इसको लेकर अनुमति मांगी गई है।
-डॉ. राजेश चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी
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महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी पहले अस्पताल के अंदर 10 नंबर कक्ष में चल रही थी। जिसे अब नए ओपीडी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया है। कमरा नंबर 10 के बाहर मरीजों के बैठने के लिए जो कुर्सियां लगी थी, उन्हें वहां नहीं लगाया गया। इसके चलते महिला मरीजों खड़े रहकर नंबर का इंतजार करना पड़ा। कई महिला मरीज थक जाने के बाद सीढ़ियों पर ही बैठने को मजबूर हुईं।
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100 से 150 महिला मरीजों की होती है ओपीडी
महिला रोग विशेषज्ञ की रोजाना करीब 100 से 150 मरीजों की ओपीडी होती है। जबकि यहां पर महिला रोग विशेषज्ञों की कमी है। विशेषज्ञ पर डिलिवरी के अलावा जांच का भी जिम्मा है।
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शिशु रोग विशेषज्ञ विभाग भी होगा शिफ्ट
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अलग से जननी शिशु रोग विभाग बनाया गया है। विभाग महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी के अलावा शिशु रोग विभाग को भी यहां शिफ्ट करेगा। शिशु रोग विशेषज्ञ की अस्पताल में रोजाना 50 से 70 मरीजों की ओपीडी होती है।
कोट
नए ओपीडी ब्लॉक में महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी शुरू हो गई है। अभी एक सप्ताह का ट्रायल लिया जा रहा है, जो कमियां आएंगी उसे दूर कर दिया जाएगा। कुर्सियों की जहां तक बात है इस संबंध में कर्मचारियों को आदेश दे दिए गए हैं। अल्ट्रासाउंड सुविधा भी यहां शुरू की जाएगी, इसको लेकर अनुमति मांगी गई है।
-डॉ. राजेश चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी