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जिले के तीन ब्लड बैंकों में निगेटिव ग्रुप का सिर्फ नौ यूनिट रक्त बचा

Sat, 22 May 2021 10:49 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 22 May 2021 10:49 PM IST
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Only nine units of negative group in three blood banks of the district left blood
कोरोना महामारी के बीच रक्तदान शिविर लगने बेहद कम हो गए हैं। ऐसे में ब्लड बैंकों में निगेटिव ग्रुप्स के रक्त की कमी होने लगी हैं। वैक्सीन लगवाने से पहले अगर हर स्वस्थ युवा स्वैच्छिक रक्तदान करें तो इस कमी को भी पूरा किया जा सकता है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार अब तो वैक्सीन लगवाने के 14 दिन बाद भी युवा रक्तदान कर सकते हैं। स्थिति ऐसी है कि जिले के सरकारी व प्राइवेट तीन ब्लड बैंकों में निगेटिव ग्रुप के मात्र नौ यूनिट ही उपलब्ध हैं। हालांकि, नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक की टीम रेडक्रॉस सोसायटी के सहयोग से समय पर यूनिट्स का प्रबंध कर पा रही है, लेकिन प्राइवेट ब्लड बैंक प्रबंधकों को अधिक दिक्कत आ रही है। वह मांग के मुताबिक यूनिट्स मुहैया नहीं करवा पा रहे हैं।
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इन लोगों को तत्काल जरूरत पड़ती है रक्त की
डॉक्टर्स के मुताबिक थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, दुर्घटना में घायल हुए मरीजों, ऑपरेशन के दौरान गर्भवती महिलाओं और अन्य गंभीर बीमारी के पीड़ितों के सर्जिकल ऑपरेशन के दौरान रक्त की तत्काल जरूरत पड़ती हैं। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को तो हर 15 से 20 दिन में रक्त चढ़ाना पड़ता है। नागरिक अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्त के अलग-अलग कंपोनेंट की व्यवस्था नहीं होती है, इसलिए कुछ केसों में लोगों को प्राइवेट ब्लड बैंकों की मदद लेनी पड़ती है।
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टोहाना का मानव सेवा संगम ब्लड बैंक थैलेसीमिया पीड़ितों को निशुल्क चढ़ाता है ब्लड
टोहाना स्थित मानव सेवा संगम ब्लड बैंक थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों को निशुल्क रक्त चढ़ाता है। ब्लड बैंक में 36 बच्चों का पंजीकरण है, जो जिनके परिजन कार्ड दिखाकर यहां हर 15 से 20 दिन में रक्त चढ़वाकर जाते हैं। अब कोरोना काल में पर्याप्त मात्रा में सरकारी व प्राइवेट ब्लड बैंकों में रक्त की आपूर्ति नहीं है।
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बड़े शिविरों पर पाबंदी, 22 दिनों में लगे सिर्फ 6 छोटे शिविर
रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से फिलहाल बड़े रक्तदान शिविर लगाने पर पाबंदी है क्योंकि ज्यादा भीड़ एकत्रित नहीं करनी है। इसलिए छोटे-छोटे शिविर लगाकर कुछ यूनिट्स एकत्रित की जा रही है। मई महीने के 22 दिनों में छह छोटे-छोटे शिविर लगाकर 210 यूनिट एकत्रित की गई हैं।
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद के ब्लड बैंक में मौजूद स्टॉक
ए पॉजिटिव : 14
बी पॉजिटिव : 19
ओ पॉजिटिव : 35
एबी पॉजिटिव : 03
ए निगेटिव : 01
बी निगेटिव : 04
ओ निगेटिव : 01
एबी निगेटिव : 00
मानव सेवा संगम चैरिटेबल ब्लड बैंक, टोहाना में मौजूद स्टॉक
ए पॉजिटिव - 02
बी पॉजिटिव - 07
ओ पॉजिटिव - 05
एबी पॉजिटिव - 00
ए निगेटिव - 00
एबी निगेटिव - 01
बी निगेटिव - 00
ओ निगेटिव - 00
एटीएस प्राइवेट ब्लड बैंक, फतेहाबाद में मौजूद स्टॉक
ए पॉजिटिव : 4
बी पॉजिटिव : 3
ओ पॉजिटिव : 12
एबी पॉजिटिव : 1
ए निगेटिव : 0
बी निगेटिव : 0
ओ निगेटिव : 2
एबी निगेटिव : 0
कोट
वैक्सीन लगवाने से पहले स्वेच्छा से हर स्वस्थ युवा को रक्तदान करना चाहिए। पॉजिटिव ग्रुप्स तो हमारे ब्लड बैंक में पर्याप्त हैं। कैंप कम लग रहे हैं, इसलिए नागरिकों को स्वेच्छा से रक्तदान करने आना चाहिए।

डॉ. नेहा, प्रभारी, ब्लड बैंक, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
कोट
इस समय ज्यादा भीड़ न हो, इसलिए बड़े रक्तदान शिविर नहीं लगा रहे हैं। छोटे-छोटे शिविर लगाकर 20 से 30 यूनिट्स एकत्रित करते हैं। इस महीने छह शिविर लगाकर 210 यूनिट्स एकत्रित की हैं।
- नरेश झाझड़ा, सचिव, जिला रेडक्रॉस सोसायटी।
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