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Fatehabad News: 10 हजार 422 किसानों ने ही पराली प्रबंधन के लिए किया आवेदन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Nov 2023 11:09 PM IST
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Only 10 thousand 422 farmers applied for stubble management.
गांव कुदनी में पराली की गांठें बनाता बेलर चालक।
फतेहाबाद। जिले में इस बार पराली प्रबंधन को लेकर किसानों ने हाथ पीछे ही खींचे रखे हैं। जिला भर में सिर्फ 10 हजार 422 किसानों ने ही पराली प्रबंधन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। अधिकतर किसानों ने पराली प्रबंधन को नकारा है और पराली जलाने पर अधिक ध्यान दिया है। प्रशासन केवल इस बात के लिए खुशी जाहिर कर रहा है कि पिछले साल के बजाय इस साल पराली जलाने के मामलों में कमी आई है, लेकिन अभी भी 80 हजार एकड़ भूमि पर धान की फसल खड़ी है। ऐसे में पराली प्रबंधन को लेकर प्रशासन के सामने नवंबर के अंत तक परेशानी रहेगी।
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फतेहाबाद में इस बार तीन लाख 37 हजार 275 एकड़ जमीन पर धान की रोपाई हुई थी। इसमें से 80 हजार एकड़ धान की फसल बाढ़ की चपेट में आ गई और यहां पर दोबारा से धान की रोपाई की गई। शेष बची जमीन पर धान की फसल पकने के बाद इसे काट लिया गया है और लगभग धान की कटाई हो चुकी है। कृषि विभाग ने इसके लिए किसानों को पराली प्रबंधन के लिए जागरूक करना तो आरंभ कर दिया था, लेकिन इसमें कामयाबी कम ही मिली है। जिले के 10 हजार 422 किसानों ने अपनी एक लाख 264 एकड़ धान की फसल के लिए ही पराली प्रबंधन का आवेदन किया है। यहां गौर लायक बात यह है कि अब तक केवल 70 हजार एकड़ में ही पराली की गांठें बनी हैं।
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कई स्थानों पर तो बेलर संचालकों की यह भी शिकायतें आती हैं कि वह पराली की गांठें तो बना देते हैं और अगले दिन जब जाते हैं, तो पराली की गांठों में आग लगी मिलती है। यहां तक की किसान कई बार तो उनको साफ मना कर देते हैं कि उनको पराली नहीं देनी है। ज्ञात रहे जिले में पांच लाख के करीब किसान हैं और इस बार तीन लाख 32 हजार किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पर फसल के लिए आवेदन किया था। वहीं ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल भी बाढ़ के कारण दस हजार के करीब किसानों ने अपनी 76 हजार एकड़ में फसल खराबे के लिए आवेदन किया था।
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कोट
पराली प्रबंधन को लेकर किसान आगे नहीं आ रहे हैं। उनको बार-बार पराली प्रबंधन के लिए जागरूक भी किया जाता है और बेलर भी उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। फिर भी किसान नहीं मान रहे हैं।
-डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए, फतेहाबाद।
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