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Fatehabad News: विकास की राह पर पेड़ों की दीवार, किसानों ने रुकवाया काम, महमदकी-लधुवास पुल तक जाने वाले रास्ते के निर्माण पर विवाद
Wed, 01 Jul 2026 10:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 01 Jul 2026 10:33 PM IST
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फतेहाबाद में सड़क निर्माण की कम चौड़ाई को लेकर रोष व्यक्त करते हुए ग्रामीण।
रतिया। गांव महमदकी-लधुवास के बीच भाखड़ा नहर पर बने नए पुल तक जाने वाले रैंप मार्ग के निर्माण कार्य को लेकर किसानों ने विरोध जताया और काम रुकवा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल तक जाने वाले 33 फीट चौड़े रास्ते पर 18 फीट चौड़ी रैंप सड़क बनाई जानी है लेकिन ठेकेदार द्वारा मात्र 7-8 फीट चौड़ाई में ही निर्माण कार्य शुरू किया जा रहा था।
किसानों ने मौके पर पहुंचकर पत्थर डालने का काम रुकवा दिया और ठेकेदार व प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। किसानों का कहना है कि रास्ते के बीच आने वाले पेड़ों को हटाने के बजाय निर्माण कार्य कम चौड़ाई में किया जा रहा है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित होगा। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से महमदकी, लधुवास और पिलछियां गांवों के किसानों की करीब 700-800 एकड़ भूमि भाखड़ा नहर के दूसरी ओर है जहां कंबाइन, ट्रैक्टर-ट्रॉली ले जाने में परेशानी होगी। साथ ही संकरे रास्ते से हादसों का खतरा भी बना रहेगा।
ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने जिला उपायुक्त और वन विभाग से पेड़ हटाने की मांग की थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक 18 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण नहीं होता, वे काम नहीं होने देंगे।
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सिंचाई विभाग के एसडीओ संजीव सिंगला ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और निर्माण कार्य उनकी सहमति व मांग के अनुसार ही पूरा कराया जाएगा। यदि ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती गई तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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किसानों ने मौके पर पहुंचकर पत्थर डालने का काम रुकवा दिया और ठेकेदार व प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। किसानों का कहना है कि रास्ते के बीच आने वाले पेड़ों को हटाने के बजाय निर्माण कार्य कम चौड़ाई में किया जा रहा है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित होगा। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से महमदकी, लधुवास और पिलछियां गांवों के किसानों की करीब 700-800 एकड़ भूमि भाखड़ा नहर के दूसरी ओर है जहां कंबाइन, ट्रैक्टर-ट्रॉली ले जाने में परेशानी होगी। साथ ही संकरे रास्ते से हादसों का खतरा भी बना रहेगा।
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ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने जिला उपायुक्त और वन विभाग से पेड़ हटाने की मांग की थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक 18 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण नहीं होता, वे काम नहीं होने देंगे।
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सिंचाई विभाग के एसडीओ संजीव सिंगला ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और निर्माण कार्य उनकी सहमति व मांग के अनुसार ही पूरा कराया जाएगा। यदि ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती गई तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।