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नरमा और कपास की फसल झुलसी
fatehabad
Updated Sat, 24 May 2014 12:29 AM IST
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जिले में भीषण गर्मी से आमजन ही नहीं बल्कि फसलें भी प्रभावित हुई हैं। भीषण गर्मी से नरमा और कपास की फसल झुलसने लगी है। लू से नरमा के पत्ते पीले पड़ गए है। रेता पत्तों के ऊपर आने से पत्ते जलने लगेे हैं। जिससे किसानों को दोबारा बिजाई करनी पड़ेगी। किसानों की करीब 50 से 60 फीसदी फसल झुलस गई है। इससे पहले बारिश की वजह से नरमा की फसल करंड हो कर नष्ट हो गई थी, तो किसानों ने दोबारा बिजाई की थी।
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फतेहाबाद में इस बार कृषि विभाग ने 95 हजार हेक्टेयर नरमा, कपास बिजाई का लक्ष्य रखा गया है। मई के पहले सप्ताह में नरमा की बिजाई की गई थी। जब पौधा अंकुरित होने लगा तो बरसात शुरू हो गई। जिससे नरमा उत्पादक किसानों की फसल करंड हो गई और उन्हें दोबारा बिजाई करनी पड़ी। पिछले तीन दिनों से पड़ रही भयंकर लू से अब किसानों की कपास की फसल भी झुलसने लगी है। नरमा का छोटा पौधा नष्ट हो गया है जबकि जिस पौधे की लंबाई 2 से 3 इंच है वह पीला पड़कर झुलस गया है। गर्मी का प्रकोप इस तरह बढ़ता गया तो किसानों को नरमे की फिर से बिजाई करनी पड़ेगी।
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स्वामी नगर निवासी किसान गोपाल दासचंद पुत्र लाल चंद का कहना है कि उन्होंने पांच एकड़ जमीन ठेके पर ली है। सभी पांच एकड़ में नरमे की बिजाई कर रखी है। जिनमें आठ-दस दिन पहले बिजाई थी परंतु इतनी गर्मी और लू से जो बीज अंकुरित हो रहा है वह बिल्कु ल नष्ट या जल गया है और जो पौधे कुछ बड़े भी हुए हैं वो इस गर्मी में झुलसते जा रहे हैं। अशोक नगर निवासी किसान इंद्र सिंह पुत्र छोटू राम का कहना है कि उसने एक एकड़ में पहले नरमे की बिजाई की थी जो पिछले दिनों आई बारिश से करंड हो कर नष्ट हो गई थी। अब उन्होंने दस दिन पहले दोबारा बिजाई की है तो नरमे के पौधे निकल तो रहे हैं परंतु वह लू से नष्ट हो रहे हैं और कुछ पौधे मिट्टी पड़ने के कारण झुलस रहे हैं। गांव धांगड़ के किसान श्योकरण ने बताया है कि उन्होंने प्रति एकड़ बीज के तीन पैकेट लगाए हैं। अब कहीं-कहीं पौधा दिखता है बाकी फसल नष्ट हो गई है। उन्होंने बताया कि जब वह भूमि में बीज डालते हैं तो भूमि की मिट्टी गर्म होने से बीज सड़ जाता है। घास पैदा होने के खतरे से नरमे की सिंचाई भी नहीं की जा सकती। कृषि उपनिदेशक अनूप सिंह ने बताया कि इस क्लाइमेट में नरमे का छोटा पौधा पीला पड़ जाता है। मौसम अनुकूल होने के बाद कोई दिक्कत नहीं आएगी।
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