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छह साल में 15 कनाल जमीन अपने नाम नहीं करवा सका नप प्रशासन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Mar 2022 10:59 PM IST
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NP administration could not get 15 kanals of land in its name in six years
फतेहाबाद में बैंक स्कवायर के लिए प्रस्तावित जगह। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। सीएम घोषणा में शामिल बैंक स्कवायर प्रोजेक्ट 6 साल बाद भी सिरे चढ़ता नजर नहीं आ रहा है। नगर परिषद प्रशासन छह सालों में बैंक स्कवायर के लिए लोक निर्माण विभाग से 15 कनाल जमीन अपने नाम नहीं करवा पाया है। नप ने पहले नो फीजिबल बताकर प्रोजेक्ट की फाइल को बंद करने की सिफारिश कर दी थी लेकिन एक साल बाद दोबारा सिफारिश की गई कि बैंक स्कवायर बनाया जाए, लेकिन अब सरकार की तरफ से अनुमति नहीं आई है।
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जमीन लोक निर्माण विभाग से नगर परिषद के नाम होने के बाद ही प्रोजेक्ट सिरे चढ़ सकता है। नगर परिषद की नई योजना में यहां पर बैंक स्कवायर के साथ-साथ कार्यालय बनाने की भी योजना है। अगर बैंक स्कवायर बनाने की योजना सिरे चढ़ती है तो शहर से जाम की समस्या खत्म हो सकती है। हिसार-सिरसा रोड पर पुराना एसडीएम निवास की जगह पीडब्ल्यूडी की है। इसकी 15 कनाल 7 मरले की जगह पर बैंक स्क्वायर प्रस्तावित है। सीएम मनोहर लाल ने इसके लिए 2016 में घोषणा की थी। घोषणा के करीब दो साल बाद नगर परिषद ने इस प्रोजेक्ट को नो फीजिबल बताया था। इसके चलते इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। दूसरा कारण ये भी था कि अगर नगर परिषद जगह को अपने नाम करवाता है तो करीब 60 करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग देना होगा। अब एक साल पहले दोबारा से नगर परिषद ने जिला नगर आयुक्त कार्यालय के माध्यम से सरकार के पास प्रस्ताव भेजा है। जगह नाम करवाकर बैंक स्कवायर बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। लेकिन अभी तक प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है।
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25 से ज्यादा बैंक मुख्य रोड पर, लग रहा जाम
बैंक स्कवायर की योजना इसलिए बनाई गई थी कि शहर के सभी बैंकों को एक परिसर में लाया जा सके। हिसार-सिरसा रोड पर 25 से ज्यादा बैंक है और किसी भी बैंक के पास पार्किंग की सुविधा नहीं है। इस वजह से हिसार-सिरसा रोड पर जाम की स्थिति रहती है। बैंक स्कवायर बनने का दूसरा सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि सभी ब्रांच एक ही छत के नीचे होंगी और सुरक्षा भी मिल सकेगी।
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कोट
पहले बैंकों ने मना किया था अब तैयार हैं आने के लिए : डीएमसी
बैंक स्कवायर प्रोजेक्ट को लेकर सरकार के पास प्रस्ताव भेजा गया है। लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। ये सरकार के स्तर का मामला है। पहले बैंकों ने मना कर दिया था, इसलिए नॉन-फिजिबल बताया था। अब बैंक प्रबंधन तैयार है। मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
-अजय चोपड़ा, डीएमसी।
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