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Fatehabad News: अब बस एक क्लिक पर मिलेगी शहर की हर गली की जानकारी
Sat, 27 Sep 2025 07:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 27 Sep 2025 07:14 PM IST
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हिसार रोड से एमसी कॉलोनी की तरफ जाने वाली सड़क। संवाद
फतेहाबाद। शहर के लोगों को अब जल्द गलियों की जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी। ये भी पता चल पाएगा कि गली पहले कब बनी है। गली का निर्माण इंटरलॉकिंग है या फिर सीसी हुआ है। नगर परिषद पहली बार शहर की गलियों का जीआईएस सिस्टम से सर्वे करवाने जा रहा है। ये रिकॉर्ड हरपथ 2.0 म्हारी सड़क पोर्टल पर अपलोड होगा। फिलहाल स्थिति ये है कि नगर परिषद के पास गलियों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। निर्माण को लेकर नगर परिषद अनुमान से एस्टीमेट तैयार कर रहे है।
नगर परिषद ने गलियों के सर्वे को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। सर्वे पर करीब 9.27 लाख रुपये खर्च होंगे। एजेंसी को तीन माह में ये काम पूरा करना होगा। शहर में 27 वार्ड है। संवाद
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13 वैध कॉलोनियों का ही दर्ज है रिकॉर्ड
नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो दो साल पहले शहर की 13 कॉलोनियां वैध हुई है। इसमें वह कॉलोनियां है, जो कि सीमा बढ़ने के बाद शामिल हुई है। इनका रिकॉर्ड नगर परिषद के पास दर्ज है लेकिन इससे पहले पुरानी कॉलोनियों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। स्थिति ये है कि सड़कों के निर्माण को लेकर अस्टीमेट बनाने के लिए पुराना रिकॉर्ड मैनुअल खंगालना पड़ रहा है।
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अधिकारी नहीं कर पाएंगे गड़बड़ी :
गलियों के निर्माण का लेकर ये रिकॉर्ड भी ऑनलाइन रहेगा कि कब निर्माण हुआ और इसकी लंबाई-चौड़ाई कितनी थी। फिलहाल स्थिति ये है कि पार्षदों के प्रस्ताव देने के बाद नगर परिषद अधिकारी अस्टीमेट बनाकर निर्माण करवा रहे है। कई सड़कें ऐसी है जिनका एक से डेढ़ साल पहले हुआ होता है। लेकिन सर्वे के बाद रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा।
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नगर परिषद की तरफ से शहर की कॉलोनियों में बनी गलियों का सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे से ये पता चल पाएगा कि गली की लंबाई-चौड़ाई कितनी है। इसके अलावा गली में सड़क इंटरलॉकिंग बनी है या सीसी है। प्रत्येक व्यक्ति एक क्लिक पर जानकारी मिल सकेगी।
- लोकेंद्र, जेई, नगर परिषद
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नगर परिषद ने गलियों के सर्वे को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। सर्वे पर करीब 9.27 लाख रुपये खर्च होंगे। एजेंसी को तीन माह में ये काम पूरा करना होगा। शहर में 27 वार्ड है। संवाद
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13 वैध कॉलोनियों का ही दर्ज है रिकॉर्ड
नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो दो साल पहले शहर की 13 कॉलोनियां वैध हुई है। इसमें वह कॉलोनियां है, जो कि सीमा बढ़ने के बाद शामिल हुई है। इनका रिकॉर्ड नगर परिषद के पास दर्ज है लेकिन इससे पहले पुरानी कॉलोनियों का कोई रिकॉर्ड नहीं है। स्थिति ये है कि सड़कों के निर्माण को लेकर अस्टीमेट बनाने के लिए पुराना रिकॉर्ड मैनुअल खंगालना पड़ रहा है।
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अधिकारी नहीं कर पाएंगे गड़बड़ी :
गलियों के निर्माण का लेकर ये रिकॉर्ड भी ऑनलाइन रहेगा कि कब निर्माण हुआ और इसकी लंबाई-चौड़ाई कितनी थी। फिलहाल स्थिति ये है कि पार्षदों के प्रस्ताव देने के बाद नगर परिषद अधिकारी अस्टीमेट बनाकर निर्माण करवा रहे है। कई सड़कें ऐसी है जिनका एक से डेढ़ साल पहले हुआ होता है। लेकिन सर्वे के बाद रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा।
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नगर परिषद की तरफ से शहर की कॉलोनियों में बनी गलियों का सर्वे करवाया जा रहा है। सर्वे से ये पता चल पाएगा कि गली की लंबाई-चौड़ाई कितनी है। इसके अलावा गली में सड़क इंटरलॉकिंग बनी है या सीसी है। प्रत्येक व्यक्ति एक क्लिक पर जानकारी मिल सकेगी।
- लोकेंद्र, जेई, नगर परिषद