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Fatehabad News: अब गेहूं पिसाने के लिए चक्की के चक्कर नहीं काटेंगे गुरुजी
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फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए बनने वाले मिड-डे मील के लिए अब गेहूं की सप्लाई नहीं होगी। बल्कि शिक्षा विभाग स्कूलों में आटा भेजेगा। शिक्षकों के लिए गेहूं पिसवाने का झंझट खत्म किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों से गेहूं की जगह आटा की एक-एक माह की डिमांड मांगी है। हालांकि चावल की सप्लाई पहले की तरह जारी रहेगी। शिक्षा विभाग कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के छात्रों के लिए स्कूलों में मिड-डे मील देता है। मिड-डे मील के लिए स्कूलों में चावल और गेहूं की सप्लाई भेजी जाती है। लेकिन पहली बार विभाग आटा भेजने जा रहा है। आटा को लेकर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 18 जुलाई को निदेशालय के जारी हुए आदेशों का हवाला देकर स्कूलों को एक-एक माह के लिए आटा की डिमांड देने के निर्देश दिए हैं। संवाद
पिसवाने का झंझट खत्म लेकिन संभालना होगा मुश्किल
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो आटा की गुणवत्ता को लेकर मिड-डे मील के लिए खुद भेजने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा गेहूं की देखभाल को लेकर भी स्कूलों शिकायतें आ रही थी। वहीं शिक्षकों का कहना है कि पिसवाने का झंझट बेशक खत्म होगा लेकिन आटा को संभालना मुश्किल होगा। स्कूल अब जरूरत अनुसार आटा पिसवाते हैं। आटा का खराब होने का भी खतरा रहता है।
शिक्षा विभाग ने नहीं बढ़ाई कुकिंग कोस्ट
मिड-डे मील तैयार करने के लिए शिक्षा विभाग प्रति छात्र के हिसाब से कुकिंग कोस्ट जारी करता है। लेकिन इस बार अभी तक नहीं बढ़ाई गई है। फिलहाल विभाग मिडिल स्कूलों के छात्रों के लिए 8 रुपये 17 पैसे और प्राइमरी स्कूलों के छात्रों के लिए 6 रुपये 47 पैसे कुकिंग कोस्ट जारी कर रहा है।
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ये है विद्यार्थियों की संख्या
कक्षा विद्यार्थी
पहली 4725
दूसरी 10350
तीसरी 10250
चौथी 10152
पांचवी 10642
छठी 11015
सातवीं 10691
आठवीं 9834
कोट
स्कूलों में अब मिड-डे मील के लिए आटा की सप्लाई भेजी जाएगी। इसको लेकर स्कूलों से एक-एक माह की डिमांड मांगी गई है। डिमांड आने के बाद निदेशालय को भेज दी जाएगी।
-वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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पिसवाने का झंझट खत्म लेकिन संभालना होगा मुश्किल
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की माने तो आटा की गुणवत्ता को लेकर मिड-डे मील के लिए खुद भेजने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा गेहूं की देखभाल को लेकर भी स्कूलों शिकायतें आ रही थी। वहीं शिक्षकों का कहना है कि पिसवाने का झंझट बेशक खत्म होगा लेकिन आटा को संभालना मुश्किल होगा। स्कूल अब जरूरत अनुसार आटा पिसवाते हैं। आटा का खराब होने का भी खतरा रहता है।
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शिक्षा विभाग ने नहीं बढ़ाई कुकिंग कोस्ट
मिड-डे मील तैयार करने के लिए शिक्षा विभाग प्रति छात्र के हिसाब से कुकिंग कोस्ट जारी करता है। लेकिन इस बार अभी तक नहीं बढ़ाई गई है। फिलहाल विभाग मिडिल स्कूलों के छात्रों के लिए 8 रुपये 17 पैसे और प्राइमरी स्कूलों के छात्रों के लिए 6 रुपये 47 पैसे कुकिंग कोस्ट जारी कर रहा है।
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ये है विद्यार्थियों की संख्या
कक्षा विद्यार्थी
पहली 4725
दूसरी 10350
तीसरी 10250
चौथी 10152
पांचवी 10642
छठी 11015
सातवीं 10691
आठवीं 9834
कोट
स्कूलों में अब मिड-डे मील के लिए आटा की सप्लाई भेजी जाएगी। इसको लेकर स्कूलों से एक-एक माह की डिमांड मांगी गई है। डिमांड आने के बाद निदेशालय को भेज दी जाएगी।
-वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी