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Fatehabad News: कुत्तों के काटने पर अब गांव में ही लग जाएगा एंटी रैबीज वैक्सीन
Sat, 07 Dec 2024 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 07 Dec 2024 11:05 PM IST
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फतेहाबाद। कुत्ते या अन्य किसी जानवर के काटने पर अब लोगों को सरकारी अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर ही एंटी रैबीज वैक्सीन (एआरवी) उपलब्ध करवाएगा। इसके लिए सिविल सर्जन कार्यालय ने एआरवी की सात हजार डोज खरीदने का आदेश जारी किया है। टीके आने के बाद पीएचसी स्तर पर डोज की आपूर्ति की जाएगी। प्रत्येक सीएचसी को 200-200 डोज देने की योजना है।
फिलहाल नागरिक अस्पताल फतेहाबाद, रतिया और टोहाना में एआरवी लगाए जा लग रहे है। अक्तूबर में टीके की कमी के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। इस दौरान विभाग ने निजी एजेंसी से नवंबर में इस टीके की 3,500 डोज मंगाई है।
नागरिक अस्पताल में माहवार टीके लगवाने पहुंचे मरीज
वजह अगस्त जुलाई जून मई
कुत्ते के काटने 151 190 205 205
बंदर के काटने 2 4 2 2
प्रभावित गाय, भैंस का दूध पीने 23 8 23 3
चूहे के काटने 0 0 0 1
बिल्ली के काटने 0 2 2 0
समय पर टीकाकरण न होना बन सकता है मौत का कारण :
विशेषज्ञों के मुताबिक कुत्ते या अन्य किसी जानवर के काटने के बाद रैबीज बीमारी फैलने की आशंका रहती है। रैबीज जानलेवा बीमारी है। यदि समय रहते टीकाकरण न हो तो यह मौत का कारण भी बन जाता है। टीका लगवाने के तुरंत बाद बीमारी से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। 40 से 50 फीसदी तक पहली डोज में ही एंटीबॉडी बन जाती है। चार डोज लगने के बाद रैबीज का खतरा न के बराबर हो जाता है।
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ये है रैबीज के लक्षण :
- मन विचलित रहना
- शरीर में थकावट रहना
- मांसपेशियों में दर्द होना
- कान में आवाज सुनाई देना
- पानी और हवा से डर लगना
- मन में अजीबोगरीब ख्याल आना
एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए जरूरतमंद लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसकी सात हजार डोज खरीदने के लिए आदेश जारी किया जा चुका है। पीएचसी स्तर पर वैक्सीन उपलब्ध करवाई जाएगी। - ईश्वर सिंह, वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी, सिविल सर्जन कार्यालय, फतेहाबाद।
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फिलहाल नागरिक अस्पताल फतेहाबाद, रतिया और टोहाना में एआरवी लगाए जा लग रहे है। अक्तूबर में टीके की कमी के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। इस दौरान विभाग ने निजी एजेंसी से नवंबर में इस टीके की 3,500 डोज मंगाई है।
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नागरिक अस्पताल में माहवार टीके लगवाने पहुंचे मरीज
वजह अगस्त जुलाई जून मई
कुत्ते के काटने 151 190 205 205
बंदर के काटने 2 4 2 2
प्रभावित गाय, भैंस का दूध पीने 23 8 23 3
चूहे के काटने 0 0 0 1
बिल्ली के काटने 0 2 2 0
समय पर टीकाकरण न होना बन सकता है मौत का कारण :
विशेषज्ञों के मुताबिक कुत्ते या अन्य किसी जानवर के काटने के बाद रैबीज बीमारी फैलने की आशंका रहती है। रैबीज जानलेवा बीमारी है। यदि समय रहते टीकाकरण न हो तो यह मौत का कारण भी बन जाता है। टीका लगवाने के तुरंत बाद बीमारी से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। 40 से 50 फीसदी तक पहली डोज में ही एंटीबॉडी बन जाती है। चार डोज लगने के बाद रैबीज का खतरा न के बराबर हो जाता है।
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ये है रैबीज के लक्षण :
- मन विचलित रहना
- शरीर में थकावट रहना
- मांसपेशियों में दर्द होना
- कान में आवाज सुनाई देना
- पानी और हवा से डर लगना
- मन में अजीबोगरीब ख्याल आना
एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए जरूरतमंद लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसकी सात हजार डोज खरीदने के लिए आदेश जारी किया जा चुका है। पीएचसी स्तर पर वैक्सीन उपलब्ध करवाई जाएगी। - ईश्वर सिंह, वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी, सिविल सर्जन कार्यालय, फतेहाबाद।