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प्रॉपर्टी टैक्स वसूली के लिए भेजे नोटिस, सर्वे की गड़बड़ी बनी परेशानी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jan 2022 11:24 PM IST
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Notice sent for recovery of property tax, disturbance of survey became a problem
नगर परिषद कार्यालय में प्रॉपर्टी टैक्स के नोटिस में आपत्ति को ठीक करवाने पहुंचे लोग। - फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। नगर निकाय ने याशी कंपनी से नई असेसमेंट और प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सर्वे करवाया था, इसको लेकर कंपनी ने शहर में डोर टू डोर नोटिस बांटने शुरू कर दिए हैं। नोटिस में 2022-23 का प्रॉपर्टी टैक्स बिल भी भेजा जा रहा है। लेकिन नोटिस में गलतियां लोगों के लिए परेशानी बनी है। शहर में नई असेसमेंट नोटिस घरों में पहुंचने के बाद अब लोग ठीक कराने के लिए नप कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं। रोजाना 60 से 70 लोग आपत्तियां लेकर आ रहे हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि 2016 में पहले सर्वे हुआ था और अब 2020 में कंपनी ने सर्वे किया था। इसी सर्वे के आधार पर लोगों को असेसमेंट नोटिस और 2022-23 के प्रॉपर्टी टैक्स बिल भेजे जा रहे हैं। नोटिस पहुंचने के बाद लोग नप कार्यालय में शिकायतें लेकर आ रहे हैं, लोगों का कहना है कि सर्वे गलत किया गया है, रिहायशी जगह को कामर्शियल दिखा दिया है, इसके अलावा नाम भी गलत दर्ज किए गए हैं। नप में पहुंच रहे लोगों की अब कंपनी के कर्मचारी आपत्तियां दर्ज करने में जुटे हैं।
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31 करोड़ रुपये है बकाया, अभी मिलेगा एक और नोटिस
शहर फतेहाबाद में करीब 25 हजार यूनिट है। नप अधिकारियों की माने तो करीब 31 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। बकायादारों को नोटिस देने के लिए नप ने जीआईएस कंपनी को ठेका दिया है। ये कंपनी बकायादारों को नोटिस देगी।
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प्रॉपर्टी टैक्स की ये है स्थिति
शहर के कुल यूनिट : 25 हजार
कुल प्रॉपर्टी टैक्स बकाया : 31 करोड़ रुपये
शहर में प्रॉपर्टी टैक्स बकाया : 15.50 करोड़
सरकारी भवनों का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया : 15.40 करोड़ रुपये
सरकारी विभाग ही जमा नहीं करवा रहे प्रॉपर्टी टैक्स
नगर परिषद की रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी विभाग भी प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने में आनाकानी कर रहे हैं। करोड़ों रुपये बकाया पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग 10,8,5,761 दूरसंचार विभाग 3,20,039, सिंचाई विभाग का 33,17,289 जनस्वास्थ्य विभाग का 1,061,8,429, राजस्व विभाग का 1,27,53,509, पीडब्ल्यूडी विभाग का 24,31,870, वन विभाग का 18,48,653, विजिलेंस विभाग का 9,60,931, पुलिस विभाग 1,30,42,902 उच्च शिक्षा विभाग का 1,24,088, रक्षा विभाग 1,24,088, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का 1,63,183, लघु सचिवालय का 9,28,47,977, हाउसिंग बोर्ड का 52,326, पैक्स का 4,49,882, कृषि विभाग का 1,99,490, कराधान विभाग का 37,55,230, टैक्स विभाग 1,67,252 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।

कोट
नई असेसमेंट को लेकर कंपनी ने 2020 में सर्वे किया था, इस सर्वे के आधार पर असेसमेंट नोटिस दिए जा रहे हैं और 2022-23 का बिल भी दिया जा रहा है। अगर किसी को कोई आपत्ति है तो उसे ठीक करवाया जा सकता है।
- कौशल सरदाना, सुपरवाइजर, याशी कंपनी
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