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Fatehabad News: मुख्य गेट पर शीट लगाकर बंद की जाएंगी जालियां ताकि अंदर न पहुंचे नशीले पदार्थ
Sun, 30 Mar 2025 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 30 Mar 2025 11:23 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में बना नशा मुक्ति केंद्रसंवाद
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र के अंदर दाखिल कई मरीजों तक तस्कर नशा पहुंचाने की फिराक में घूमते रहते हैं। अस्पताल प्रशासन की तरफ से नशा सप्लाई की आशंका के चलते मुख्य गेट भी बंद करवाया गया।
अब उन गेट की जालियों से नशीले पदार्थ सप्लाई करने की आशंका है। बताया जा रहा है कि दाखिल मरीज तस्करों को फोन कॉल के जरिए नशा मंगवाते हैं और सुरक्षाकर्मी के इधर-उधर होते ही गेट की जाली से सप्लाई ले जी जाती है। इसके चलते अस्पताल प्रशासन मुख्य गेट पर अब प्लास्टिक की जाली लगवाएगा।
ये जाली लगने के बाद केंद्र के अंदर दाखिल मरीज बाहर किसी भी व्यक्ति के सीधा संपर्क में नहीं रहेंगे। केंद्र में 10 से 15 मरीज दाखिल रहते हैं। इसके अलावा अलावा केंद्र में रोजाना 50 से 60 मरीजों की ओपीडी है।
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पहले बड़े गेट से थी ओपीडी की एंट्री
नशा मुक्ति केंद्र में ही मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी है। इसके अलावा ओएसटी भी केंद्र के अंदर ही चल रहा है। मुख्य गेट से ही पहले ओपीडी, ओएसटी मरीजों और दाखिल मरीजों की एंट्री थी। नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल मरीज मुख्य गेट खुला होने की स्थिति में बाहर चले जाते थे और नशा लेने की आशंका रहती थी। इसके चलते करीब तीन माह पहले मुख्य गेट बंद कर दिया गया और ब्लड बैंक के पास बने छोटे गेट से एंट्री शुरू की गई। लेकिन बावजूद इसके मुख्य गेट से कई मरीज तस्करों के संपर्क में आ रहे हैं।
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नशा मुक्ति केंद्र में पिछले साल ओपीडी और दाखिल मरीजों की स्थिति
माह ओपीडी दाखिल मरीज
जनवरी 160 14
फरवरी 186 19
मार्च 153 17
अप्रैल 232 20
मई 206 20
जून 174 13
जुलाई 209 24
अगस्त 187 36
सितंबर 228 25
अक्टूबर 144 15
नवंबर 186 21
दिसंबर 166 20
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नशा मुक्ति केंद्र के मुख्य गेट को बंद पहले ही करवा दिया गया था। सुरक्षा के तौर पर कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। मुख्य गेट की जाली से कोई गलत हरकत न करें इसलिए यहां पर भी प्लास्टिक की शीट लगवा दी जाएगी।
- डॉ. गिरीश, इंचार्ज, नशा मुक्ति केंद्र, फतेहाबाद।
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अब उन गेट की जालियों से नशीले पदार्थ सप्लाई करने की आशंका है। बताया जा रहा है कि दाखिल मरीज तस्करों को फोन कॉल के जरिए नशा मंगवाते हैं और सुरक्षाकर्मी के इधर-उधर होते ही गेट की जाली से सप्लाई ले जी जाती है। इसके चलते अस्पताल प्रशासन मुख्य गेट पर अब प्लास्टिक की जाली लगवाएगा।
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ये जाली लगने के बाद केंद्र के अंदर दाखिल मरीज बाहर किसी भी व्यक्ति के सीधा संपर्क में नहीं रहेंगे। केंद्र में 10 से 15 मरीज दाखिल रहते हैं। इसके अलावा अलावा केंद्र में रोजाना 50 से 60 मरीजों की ओपीडी है।
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पहले बड़े गेट से थी ओपीडी की एंट्री
नशा मुक्ति केंद्र में ही मनोरोग विशेषज्ञ की ओपीडी है। इसके अलावा ओएसटी भी केंद्र के अंदर ही चल रहा है। मुख्य गेट से ही पहले ओपीडी, ओएसटी मरीजों और दाखिल मरीजों की एंट्री थी। नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल मरीज मुख्य गेट खुला होने की स्थिति में बाहर चले जाते थे और नशा लेने की आशंका रहती थी। इसके चलते करीब तीन माह पहले मुख्य गेट बंद कर दिया गया और ब्लड बैंक के पास बने छोटे गेट से एंट्री शुरू की गई। लेकिन बावजूद इसके मुख्य गेट से कई मरीज तस्करों के संपर्क में आ रहे हैं।
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नशा मुक्ति केंद्र में पिछले साल ओपीडी और दाखिल मरीजों की स्थिति
माह ओपीडी दाखिल मरीज
जनवरी 160 14
फरवरी 186 19
मार्च 153 17
अप्रैल 232 20
मई 206 20
जून 174 13
जुलाई 209 24
अगस्त 187 36
सितंबर 228 25
अक्टूबर 144 15
नवंबर 186 21
दिसंबर 166 20
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नशा मुक्ति केंद्र के मुख्य गेट को बंद पहले ही करवा दिया गया था। सुरक्षा के तौर पर कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। मुख्य गेट की जाली से कोई गलत हरकत न करें इसलिए यहां पर भी प्लास्टिक की शीट लगवा दी जाएगी।
- डॉ. गिरीश, इंचार्ज, नशा मुक्ति केंद्र, फतेहाबाद।