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न पर्यावरण की चिंता न शहर की सुंदरता का ख्याल, खुले में डाल रहे कचरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 10:56 PM IST
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Neither the concern about the environment nor the beauty of the city, the garbage being thrown in the open
बाईपास रोड के किनारे डाला गया चप्पल फैक्टरियों से निकला कचरा। - फोटो : Fatehabad
हिसार रोड पर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में चप्पल बनाने वाली फैक्टरियों से निकला कचरा सीधा सड़क किनारे और खाली प्लॉटों में डाला जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है बल्कि शहर की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है। बीघड़ रोड बाईपास की मुख्य सड़क के किनारे और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से काटे गए सेक्टरों की खाली जगह इन फैक्टरियों की गंदगी डालने का मुख्य स्थान बने हुए हैं। अकसर इस कचरे में आग भी लगा दी जाती है, जिसके बाद तो हालात और बदतर हो जाते हैं।
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कुछ जागरूक शहरवासियों ने इसकी शिकायत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के पास भी भेजी है। जो अभी तक जांच करने के लिए भी नहीं पहुंचे हैं। दरअसल, इंडस्ट्रियल एरिया में करीब 20 उद्योग चल रहे हैं। इनमें पांच फैक्टरियां ऐसी हैं, जिनमें प्लास्टिक व रबड़ की चप्पल बनाने का काम होता है। एक साथ भारी संख्या में चप्पल बनाने के लिए बड़ी सीट का इस्तेमाल होता है। इनमें साइज के अनुसार चप्पलें बन जाती है, बाकी शेष बचे भाग को कचरे के तौर पर फेंक दिया जाता है। फैक्टरियों के कर्मचारी कभी एचएसवीपी के सेक्टरों की खाली जमीन तो कभी इंडस्ट्रियल एरिया के ही खाली प्लॉटों में रबड़ व प्लास्टिक के इस कचरे को डाल देते हैं।
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नियमानुसार सही तरीके से होना चाहिए निस्तारण
नियमों के मुताबिक किसी भी फैक्टरी से कचरे का निस्तारण सही तरीके से होना चाहिए। ऐसे खुले में वेस्ट मैटीरियल फेंकना गलत है। एनजीटी के आदेशों के अनुसार भी खुले में कूड़ा डालना गैरकानूनी कार्य है। ऐसे में चप्पल फैक्टरियों से निकलने वाले कचरे को भी सही प्रक्रिया के तहत निस्तारित किया जाना जरूरी है ताकि पर्यावरण प्रदूषित न हों।
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कचरे में आग लगाने के बाद दूर तक बढ़ती है परेशानी
रबड़ व प्लास्टिक के कचरे में आग लगाने के बाद हवा के साथ दुर्गंध दूर तक जाती है। ऐसे में इंडस्ट्रियल एरिया से कुछ दूरी पर बसे लोगों की भी परेशानी बढ़ जाती है। इसके अलावा बाईपास से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी दिक्कत होती है।
पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय हिसार में
अव्यवस्था झेल रहे शहरवासियों के लिए शिकायत करना भी आसान नहीं है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कार्यालय ही जिले में नहीं है। हिसार स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में ही फतेहाबाद का जिम्मा संभालने वाले अधिकारी बैठते हैं। कोई शिकायत जाती भी है, तो वहां से अधिकारी जांच के लिए आते हैं। मगर तब तक जिनकी जांच होनी है, वह खामियों को छुपा देते हैं।
कोट
कोई भी कचरा खुले में डालना तो गलत ही है। हमारे पास कोई शिकायत तो नहीं आई है, लेकिन अगर किसी फैक्टरी का कचरा खुले में डाला गया है, तो संबंधित फैक्टरी मालिक को कहकर सुधार करवाएंगे।

नरेश सरदाना, प्रधान, इंडस्ट्रीज एसोसिएशन।
कोट
चप्पल बनाने वाली फैक्टरियों से निकला कचरा खुले में डालने को लेकर हमारे पास शिकायत आई है। इसकी जांच की जाएगी। अगर शिकायत सही पाई गई तो फैक्टरी संचालकों को नोटिस जारी करेंगे। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी तो कड़ी कार्रवाई होगी।
सुनील श्योराण, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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