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Fatehabad News: लघु सचिवालय में भड़की आग भूकंप आने से मची अफरातफरी
Fri, 17 Jan 2025 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 17 Jan 2025 11:12 PM IST
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लघु सचिवालय की इमारत में फंसे हुए नागरिकों को बचाने के लिए गेट को तोड़ती एनडीआरएफ की टीम। संवाद
फतेहाबाद। एनडीआरएफ-7 बठिंडा टीम द्वारा लघु सचिवालय परिसर में भूकंप और आग लगने की स्थिति की मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप की स्थिति बनने से इमारत में फंसे लोगों को रस्सी के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला गया। भूकंप का पैमाना 6.6 रिएक्टर मापा गया। इंसिडेंट कमांडर की भूमिका के रूप में अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी मौजूद रहे।
दोपहर 12 बजे भूकंप के आने का सायरन बजा। सायरन के बजते ही लघु सचिवालय में कार्यरत कर्मचारी अपने आप को बचाने के लिए ऑफिस में स्टूल/मेज के नीचे छिपते नजर आए। भूकंप की सूचना जिला प्रशासन व एनडीआरएफ की टीम को दी गई। इस पर एनडीआरएफ की टीम व जिला प्रशासन के अधिकारी तुरंत लघु सचिवालय में पहुंचे और बचाव कार्य में लगे।
एनडीआरएफ के टीम लीडर निरीक्षक संदीप कुमार ने बचाव कार्य के दौरान कहा कि बिल्डिंग से बाहर आते वक्त किसी तरह की भगदड़ न मचाएं और सीढि़यों से ही बाहर आएं। इसके बाद एनडीआरएफ टीम के अलावा होमगार्ड व एसडीआरएफ के जवान लघु सचिवालय में अंदर पहुंचे और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ घायल लोगों को स्ट्रेचर पर बाहर लाया गया और कुछ को एनडीआरएफ के जवानों द्वारा हाथों पर बैठाकर लाया गया।
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घायलों का उपचार वहीं पर स्थापित की गई मेडिकल पोस्ट में करवाया गया। जिसमें रेडक्रॉस के वॉलंटियर्स ने भी अहम भूमिका निभाई। सेक्टर तीन में पॉलिक्लीनिक को अलर्ट पर रखा गया और गंभीर घायलों को उपचार के लिए वहां रेफर किया गया। भूकंप के चलते आग लगने की आशंका होने पर दमकल विभाग की गाड़ी भी तुरंत मौके पर पहुंची।
बचाव कार्य के दौरान एनडीआरएफ के जवानों ने दूसरी और तीसरी मंजिल पर फंसे लोगों को रस्सी के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान कर्मचारियों और नागरिकों को किसी भी आपदा से बचाव के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा बचाव कार्य के दौरान प्रयोग होने वाले उपकरणों की भी लघु सचिवालय के प्रांगण में प्रदर्शनी लगाई गई।
भूकंप से बचाव कार्य के बारे में बताते हुए एनडीआरएफ के निरीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि भूकंप और आगजनी की स्थिति होने पर भयभीत नहीं होना चाहिए और शांति बनाए रखना चाहिए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी, डीएमसी संजय बिश्रोई, जिप सीईओ सुरेश कुमार, डीडीपीओ अनूप सिंह, डीआरओ श्याम लाल, एनडीआरएफ टीम के कमांडर देवेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता केसी कंबोज, डिप्टी सीएमओ मेजर डॉ. शरद तुली मौजूद रहे।
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दोपहर 12 बजे भूकंप के आने का सायरन बजा। सायरन के बजते ही लघु सचिवालय में कार्यरत कर्मचारी अपने आप को बचाने के लिए ऑफिस में स्टूल/मेज के नीचे छिपते नजर आए। भूकंप की सूचना जिला प्रशासन व एनडीआरएफ की टीम को दी गई। इस पर एनडीआरएफ की टीम व जिला प्रशासन के अधिकारी तुरंत लघु सचिवालय में पहुंचे और बचाव कार्य में लगे।
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एनडीआरएफ के टीम लीडर निरीक्षक संदीप कुमार ने बचाव कार्य के दौरान कहा कि बिल्डिंग से बाहर आते वक्त किसी तरह की भगदड़ न मचाएं और सीढि़यों से ही बाहर आएं। इसके बाद एनडीआरएफ टीम के अलावा होमगार्ड व एसडीआरएफ के जवान लघु सचिवालय में अंदर पहुंचे और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ घायल लोगों को स्ट्रेचर पर बाहर लाया गया और कुछ को एनडीआरएफ के जवानों द्वारा हाथों पर बैठाकर लाया गया।
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घायलों का उपचार वहीं पर स्थापित की गई मेडिकल पोस्ट में करवाया गया। जिसमें रेडक्रॉस के वॉलंटियर्स ने भी अहम भूमिका निभाई। सेक्टर तीन में पॉलिक्लीनिक को अलर्ट पर रखा गया और गंभीर घायलों को उपचार के लिए वहां रेफर किया गया। भूकंप के चलते आग लगने की आशंका होने पर दमकल विभाग की गाड़ी भी तुरंत मौके पर पहुंची।
बचाव कार्य के दौरान एनडीआरएफ के जवानों ने दूसरी और तीसरी मंजिल पर फंसे लोगों को रस्सी के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान कर्मचारियों और नागरिकों को किसी भी आपदा से बचाव के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा बचाव कार्य के दौरान प्रयोग होने वाले उपकरणों की भी लघु सचिवालय के प्रांगण में प्रदर्शनी लगाई गई।
भूकंप से बचाव कार्य के बारे में बताते हुए एनडीआरएफ के निरीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि भूकंप और आगजनी की स्थिति होने पर भयभीत नहीं होना चाहिए और शांति बनाए रखना चाहिए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त राहुल मोदी, डीएमसी संजय बिश्रोई, जिप सीईओ सुरेश कुमार, डीडीपीओ अनूप सिंह, डीआरओ श्याम लाल, एनडीआरएफ टीम के कमांडर देवेंद्र सिंह, कार्यकारी अभियंता केसी कंबोज, डिप्टी सीएमओ मेजर डॉ. शरद तुली मौजूद रहे।