फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   NAAC does the work of accreditation

शिक्षण संस्थानों के प्रत्यायन का कार्य करती है नैक : डाॅ. कविता

Sun, 28 Apr 2024 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 28 Apr 2024 01:48 AM IST
विज्ञापन
NAAC does the work of accreditation
भट्टू कालेज में नैक अक्रेडेशन विषय पर आयोजित वर्कशाप में भाग लेते स्टाफ सदस्य। 
भट्टू कलां। राजकीय महाविद्यालय भट्टू कलां में प्राचार्य डाॅ. सुभाष सिहाग की अध्यक्षता और डाॅ. विक्रांत मोहन के संयोजन में आईक्यूएसी के तहत नैक अक्रेडेशन डेटा वेरिफिकेशन व वेलिडेशन विषय पर एक दिवसीय वर्कशाप हुई। वर्कशॉप में एक्सपर्ट के तौर पर चौधरी मनीराम गोदारा राजकीय महिला महाविद्यालय भोड़ियाखेड़ा से डाॅ. कविता शामिल हुईं। वर्कशॉप में महाविद्यालय के सभी टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ ने भाग लिया।
विज्ञापन

डाॅ. कविता ने बताया कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद एक संस्थान है जो भारत के उच्च शिक्षा, अन्य शिक्षा संस्थानों का आकलन तथा प्रत्यायन का कार्य करती है। नैक एक ऑटोनोमस बॉडी है, जिसे 1994 में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने स्थापित किया था। नैक ग्रेड देने के लिए संस्थानों की परफॉर्मेंस जिस आधार पर तय की जाती है, उसके लिए पैरामीटर्स तय किये गये हैं। यह यूजीसी का एक हिस्सा है। डाॅ. कविता ने नैक के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उच्च शिक्षा संस्थानों में पठन-पाठन और अनुसंधान की गुणवत्ता को बढ़ावा देने हेतु शैक्षणिक वातावरण को प्रोत्साहित करना। उच्च शिक्षा में स्वमूल्यांकन, जवाबदेही, स्वायत्तता और नवाचारों को प्रोत्साहित करना गुणवत्ता से संबंधित अनुसंधान अध्ययन, परामर्श और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करना। गुणवत्ता मूल्यांकन, प्रोत्साहन और जीविका के लिए उच्च शिक्षा के अन्य हितधारकों के साथ सहयोग करना।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि आवेदक संस्था के लिए पहला कदम मात्रात्मक और गुणात्मक मेट्रिक्स से संबंधित जानकारी की एक स्व-अध्ययन रिपोर्ट प्रस्तुत करना है। फिर डेटा को नैक विशेषज्ञ टीमों द्वारा मान्य किया जाता है, इसके बाद पीयर टीम संस्थानों का दौरा करती है। इस वर्कशॉप में डेटा वेरिफिकेशन व वेलिडेशन प्रोसेस के बारे में हैंड्स ऑन ट्रेनिंग दी गई। उन्होंने डीवीवी प्रक्रिया में मांगे गए प्रूफ को समय सीमा में उपलब्ध करवाने की महत्ता को विस्तार में समझाया। उन्होंने अगले सत्र से किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में सुझाव दिए। इसके साथ ही महाविद्यालय के सभी विभागों व विभिन्न सेल के इंचार्ज को बेहतर डॉक्यूमेंटेशन रखने के बारे प्रेरित किया। अंतिम सत्र में प्रतिभागियों के सवालों का निवारण भी किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed