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Fatehabad News: मेडिकल कॉलेज शिफ्ट होने से जिला मुख्यालय पर कारोबार को संजीवनी मिलने की आस टूटी
Tue, 24 Jan 2023 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 24 Jan 2023 11:50 PM IST
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फतेहाबाद। जिले में बनने वाला एकमात्र मेडिकल कॉलेज टोहाना के गांव रसूलपुर में शिफ्ट होने से जिला मुख्यालय पर बसने वालों को झटका दिया है। इससे फतेहाबाद शहर में कारोबार व रोजगार को संजीवनी मिलने की आस भी टूट गई है। एक तरफ जनता खुद को बेबस मान रही है, तो भाजपा विधायक दुड़ाराम विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं। उन पर मेडिकल कॉलेज को जिला मुख्यालय पर बनवाने के लिए सही ढंग से पैरवी नहीं करने के आरोप लगने लगे हैं।
व्यापारी संगठनों से लेकर सामाजिक संस्थाओं तक के प्रतिनिधियों का मानना है कि जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज बनाकर विकास व कारोबार के मामले में पिछड़े फतेहाबाद को रफ्तार देने का प्रदेश सरकार के पास मौका था। फतेहाबाद शहर में पहले ही कोई बड़ा कारखाना या उद्योग नहीं है। बाजारों में ग्राहकों की कमी से दुकानदारों के लिए दुकानों का किराया निकालना भी मुश्किल हो चुका है।
जिला मुख्यालय पर भी शिक्षा व स्वास्थ्य के अभाव में लोग पलायन को मजबूर हो रहे हैं। अधिकांश उद्योगपति और व्यापारिक लोग हिसार या दिल्ली शिफ्ट होने लगे हैं। छोटी सी बीमारी के भी बेहतर इलाज के लिए लोगों को हिसार का रुख करना पड़ता है। इसी तरह उच्च शिक्षा के लिए भी विद्यार्थी वर्ग दिल्ली, चंडीगढ़, हिसार व कोटा की तरफ अधिक रुझान रखते हैं। संवाद
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रोजाना हिसार जा रहे पांच हजार से भी अधिक लोग
जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह बताते हैं कि फतेहाबाद में रोजगार का बेहद अभाव है। बाजार जोर नहीं पकड़ पा रहा है। अगर सरकार जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज बनाती तो यहां कारोबार में उछाल आता। रोजगार के साधन बढ़ते। मेडिकल कॉलेज में हजारों लोगों की आवाजाही होने से जिला मुख्यालय स्थित शहर फतेहाबाद विकास के मामले में भी रफ्तार पकड़ लेता। अब तो रोजाना पांच हजार से भी अधिक लोग रोजगार के लिए हिसार से आवागमन करते हैं।
मेडिकल कॉलेज शिफ्ट होना विधायक की नाकामी
फतेहाबाद में बनने वाले मेडिकल कॉलेज को टोहाना के गांव रसूलपुर में शिफ्ट करना जनता से धोखा है। यह विधायक दुड़ाराम की नाकामी है। वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। विधायक को जनता के हित नहीं बल्कि सिर्फ कुर्सी प्यारी है। फतेहाबाद में मेडिकल कॉलेज बनने से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलता। जिला मुख्यालय पर विकास होता।
-प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, पूर्व संसदीय सचिव
आठ साल तक लटकाए, अब टोहाना शिफ्ट कर दिया
आठ साल तक भाजपा सरकार ने इस मुद्दे को लटकाए रखा। अब सरकार ने सोची समझी साजिश के तहत मेडिकल कॉलेज टोहाना शिफ्ट कर दिया। मुख्यमंत्री ने रसूलपुर में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की, तब फतेहाबाद विधायक और जजपा के पूर्व प्रत्याशी स्टेज पर मौजूद थे, उन्हें इस फैसले का विरोध करना चाहिए था, लेकिन वे कुर्सी से चिपके रहे।
-कृष्णा पूनिया, प्रदेश उपाध्यक्ष, महिला कांग्रेस
फतेहाबाद की जनता से माफी मांगे विधायक
फतेहाबाद हलके के कमजोर जनप्रतिनिधि की वजह से मेडिकल कॉलेज टोहाना शिफ्ट हुआ है। इसके लिए विधायक दुड़ाराम को जनता से माफी मांगनी चाहिए। नगर परिषद चुनावों में विधायक और भाजपा नेताओं ने यहां पर मेडिकल कॉलेज बनवाने की बात कहकर वोट लिए थे। जनता को गुमराह किया गया।
-कुलबीर बैनीवाल, पूर्व विधायक, फतेहाबाद
सारा शहर अफसोस कर रहा
मेडिकल कॉलेज रसूलपुर शिफ्ट होते ही सारा शहर अफसोस कर रहा है। हम उम्मीद जता रहे थे कि मेडिकल कॉलेज जिला मुख्यालय पर बनने से कारोबार से लेकर हर क्षेत्र में तरक्की होगी। विधायक तो इसे भूना में बनवाना चाह रहे थे, इसी चक्कर में रसूलपुर शिफ्ट हो गया। अब जनता के पास अफसोस के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।
-अशोक नारंग, प्रधान, व्यापार मंडल, फतेहाबाद
खो दी हर क्षेत्र में विकास की संभावनाएं
जिला मुख्यालय का बड़ा फर्क होता है। शहर फिलहाल हर मामले में पिछड़ेपन का शिकार है। मेडिकल कॉलेज बेहद बड़ा प्रोजेक्ट होता है। अगर यह जिला मुख्यालय पर बनता तो निश्चित रूप से शहर के विकास को पंख लगते। कारोबार, रोजगार में बढ़ोतरी होती। छोटे-छोटे कारोबार बढ़ते। सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
-हरबंस लाल सेठी, प्रधान, वरिष्ठ नागरिक परिषद
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व्यापारी संगठनों से लेकर सामाजिक संस्थाओं तक के प्रतिनिधियों का मानना है कि जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज बनाकर विकास व कारोबार के मामले में पिछड़े फतेहाबाद को रफ्तार देने का प्रदेश सरकार के पास मौका था। फतेहाबाद शहर में पहले ही कोई बड़ा कारखाना या उद्योग नहीं है। बाजारों में ग्राहकों की कमी से दुकानदारों के लिए दुकानों का किराया निकालना भी मुश्किल हो चुका है।
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जिला मुख्यालय पर भी शिक्षा व स्वास्थ्य के अभाव में लोग पलायन को मजबूर हो रहे हैं। अधिकांश उद्योगपति और व्यापारिक लोग हिसार या दिल्ली शिफ्ट होने लगे हैं। छोटी सी बीमारी के भी बेहतर इलाज के लिए लोगों को हिसार का रुख करना पड़ता है। इसी तरह उच्च शिक्षा के लिए भी विद्यार्थी वर्ग दिल्ली, चंडीगढ़, हिसार व कोटा की तरफ अधिक रुझान रखते हैं। संवाद
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रोजाना हिसार जा रहे पांच हजार से भी अधिक लोग
जिंदगी संस्था के अध्यक्ष हरदीप सिंह बताते हैं कि फतेहाबाद में रोजगार का बेहद अभाव है। बाजार जोर नहीं पकड़ पा रहा है। अगर सरकार जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज बनाती तो यहां कारोबार में उछाल आता। रोजगार के साधन बढ़ते। मेडिकल कॉलेज में हजारों लोगों की आवाजाही होने से जिला मुख्यालय स्थित शहर फतेहाबाद विकास के मामले में भी रफ्तार पकड़ लेता। अब तो रोजाना पांच हजार से भी अधिक लोग रोजगार के लिए हिसार से आवागमन करते हैं।
मेडिकल कॉलेज शिफ्ट होना विधायक की नाकामी
फतेहाबाद में बनने वाले मेडिकल कॉलेज को टोहाना के गांव रसूलपुर में शिफ्ट करना जनता से धोखा है। यह विधायक दुड़ाराम की नाकामी है। वह अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। विधायक को जनता के हित नहीं बल्कि सिर्फ कुर्सी प्यारी है। फतेहाबाद में मेडिकल कॉलेज बनने से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलता। जिला मुख्यालय पर विकास होता।
-प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, पूर्व संसदीय सचिव
आठ साल तक लटकाए, अब टोहाना शिफ्ट कर दिया
आठ साल तक भाजपा सरकार ने इस मुद्दे को लटकाए रखा। अब सरकार ने सोची समझी साजिश के तहत मेडिकल कॉलेज टोहाना शिफ्ट कर दिया। मुख्यमंत्री ने रसूलपुर में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की, तब फतेहाबाद विधायक और जजपा के पूर्व प्रत्याशी स्टेज पर मौजूद थे, उन्हें इस फैसले का विरोध करना चाहिए था, लेकिन वे कुर्सी से चिपके रहे।
-कृष्णा पूनिया, प्रदेश उपाध्यक्ष, महिला कांग्रेस
फतेहाबाद की जनता से माफी मांगे विधायक
फतेहाबाद हलके के कमजोर जनप्रतिनिधि की वजह से मेडिकल कॉलेज टोहाना शिफ्ट हुआ है। इसके लिए विधायक दुड़ाराम को जनता से माफी मांगनी चाहिए। नगर परिषद चुनावों में विधायक और भाजपा नेताओं ने यहां पर मेडिकल कॉलेज बनवाने की बात कहकर वोट लिए थे। जनता को गुमराह किया गया।
-कुलबीर बैनीवाल, पूर्व विधायक, फतेहाबाद
सारा शहर अफसोस कर रहा
मेडिकल कॉलेज रसूलपुर शिफ्ट होते ही सारा शहर अफसोस कर रहा है। हम उम्मीद जता रहे थे कि मेडिकल कॉलेज जिला मुख्यालय पर बनने से कारोबार से लेकर हर क्षेत्र में तरक्की होगी। विधायक तो इसे भूना में बनवाना चाह रहे थे, इसी चक्कर में रसूलपुर शिफ्ट हो गया। अब जनता के पास अफसोस के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।
-अशोक नारंग, प्रधान, व्यापार मंडल, फतेहाबाद
खो दी हर क्षेत्र में विकास की संभावनाएं
जिला मुख्यालय का बड़ा फर्क होता है। शहर फिलहाल हर मामले में पिछड़ेपन का शिकार है। मेडिकल कॉलेज बेहद बड़ा प्रोजेक्ट होता है। अगर यह जिला मुख्यालय पर बनता तो निश्चित रूप से शहर के विकास को पंख लगते। कारोबार, रोजगार में बढ़ोतरी होती। छोटे-छोटे कारोबार बढ़ते। सरकार को इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
-हरबंस लाल सेठी, प्रधान, वरिष्ठ नागरिक परिषद